कला, संस्कृति एवं धरोहर
कला एवं संस्कृति: स्कूली शिक्षा में शास्त्रीय नृत्यों का समावेश एवं प्रमुख योजनाएं
NEP 2020 के तहत शास्त्रीय कलाओं को बढ़ावा
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन के तहत स्कूली शिक्षा में भारतीय शास्त्रीय नृत्यों को शामिल करने को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो 'कला-एकीकृत और अनुभवात्मक शिक्षा' पर जोर देती है।
- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में जानकारी दी कि मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थाओं के माध्यम से छात्रों को कला से जोड़ा जा रहा है।
- कलाक्षेत्र फाउंडेशन: संस्कृति मंत्रालय के अधीन यह स्वायत्त संस्था स्कूली बच्चों को विशेष रूप से भरतनाट्यम (Bharatanatyam) का प्रशिक्षण दे रही है। कक्षा 4 से 8 तक के छात्रों को सप्ताह में 2 पीरियड और कक्षा 11-12 के ललित कला छात्रों को सप्ताह में 8 पीरियड शास्त्रीय नृत्य सिखाया जा रहा है।
- मुख्य पाठ्यक्रम के साथ-साथ यह फाउंडेशन बच्चों को कर्नाटक संगीत (Carnatic music) और दृश्य कलाओं के अंशकालिक (Part-time) पाठ्यक्रम भी प्रदान कर रहा है।
CCRT एवं संगीत नाटक अकादमी की प्रमुख पहलें
- सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना: यह योजना 1982 में स्थापित 'सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT)' द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य 10 से 14 वर्ष की आयु के उत्कृष्ट प्रतिभाशाली बच्चों को विशेष सांस्कृतिक प्रशिक्षण के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करना है।
- कला धरोहर कार्यक्रम: संगीत नाटक अकादमी ने स्कूली बच्चों को प्रदर्शन कला से जोड़ने के लिए यह पहल शुरू की embarking है, जिसके तहत पिछले दो वर्षों में देश भर के 67 स्कूलों में कार्यशालाएं और प्रस्तुतियां आयोजित की गई हैं।
- कला दीक्षा योजना: लुप्त हो रही पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं को बचाने के लिए संगीत नाटक अकादमी ने 90 प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसके तहत 'गुरु-शिष्य परंपरा' को बढ़ावा देते हुए प्रत्येक गुरु को ₹6,000 प्रतिमाह और प्रशिक्षु (शिष्य) को ₹2,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- संस्कृति मंत्रालय द्वारा इन स्वायत्त निकायों को दिए जाने वाले अनुदान में लगातार वृद्धि की गई है, जहाँ वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक अनुदान संगीत नाटक अकादमी (12,099 लाख रुपये) को दिया गया है।
💡
DEOrbit Exam Note:
भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्य (Classical Dances of India): भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी द्वारा मुख्य रूप से 8 नृत्यों को 'शास्त्रीय नृत्य' का दर्जा दिया गया है। ये हैं— भरतनाट्यम (तमिलनाडु), कथक (उत्तर प्रदेश/उत्तर भारत), कथकली व मोहिनीअट्टम (केरल), कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश), ओडिसी (ओडिशा), मणिपुरी (मणिपुर) और क्षत्रिया (असम)।
भारत में स्मारकों का संरक्षण और संवर्धन
मुख्य बिंदु
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) वर्तमान में 3,686 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा और रखरखाव करता है।
- भारत के 44 स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, जिनमें 'मराठा सैन्य लैंडस्केप' को हाल ही में 44वें स्थल के रूप में जोड़ा गया है।
- स्मारकों पर बेहतर जनसुविधाएं और बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए कॉर्पोरेट भागीदारी (CSR) पर आधारित 'एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0' (विरासत अपनाएं 2.0) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
- विरासत दस्तावेज़ीकरण और मूल्यांकन के लिए 3डी लेजर स्कैनिंग, लिडार (LiDAR), ड्रोन सर्वेक्षण और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
| संवैधानिक प्रावधान / संस्था | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| अनुच्छेद 49 एवं 51ए (एफ) | अनुच्छेद 49 के तहत स्मारकों का संरक्षण राज्य का कर्तव्य है, जबकि अनुच्छेद 51ए (एफ) इसे नागरिकों का मौलिक कर्तव्य बनाता है। |
| सातवीं अनुसूची | प्रविष्टि 67 (संघ सूची) के तहत राष्ट्रीय महत्व के स्मारक केंद्र के और प्रविष्टि 12 (राज्य सूची) के तहत अन्य स्मारक राज्य के अधीन आते हैं। |
| राष्ट्रीय स्मारक एवं पुरातन मिशन (NMMA) | वर्ष 2007 में स्थापित; इसने अब तक देश के 11,406 निर्मित धरोहर स्थलों और 12.48 लाख पुरातन वस्तुओं का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया है। |
💡
DEOrbit परीक्षा नोट्स:
भारत के कुल यूनेस्को प्रतिनिधित्व में 36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं। मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए 'इंडियन कल्चर पोर्टल' विकसित किया गया है, जो स्मारकों के वर्चुअल वॉकथ्रू और 360-डिग्री वर्चुअल टूर की सुविधा प्रदान करता है।
राजा रवि वर्मा की पेंटिंग 'यशोदा और कृष्ण' 167.20 करोड़ में नीलाम
भारत की अब तक की सबसे महंगी पेंटिंग का रिकॉर्ड
- महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की विख्यात पेंटिंग 'यशोदा और कृष्ण' मुंबई में हुई एक नीलामी में 167.20 करोड़ रुपये में बिकी है।
- इसके साथ ही यह भारत की अब तक की सबसे महंगी पेंटिंग बन गई है। इसने एम.एफ. हुसैन की पेंटिंग्स का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
- यह ऐतिहासिक पेंटिंग राजा रवि वर्मा द्वारा 1890 के दशक में बनाई गई थी।
💡
DEOrbit Exam Note:
केरल के किलिमानूर (त्रावणकोर) में जन्मे राजा रवि वर्मा को 'आधुनिक भारतीय कला का जनक' माना जाता है। वे भारतीय देवी-देवताओं और महाकाव्यों के पात्रों को यूरोपीय यथार्थवादी (European Realism) शैली में चित्रित करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 1894 में मुंबई में भारत की पहली 'लिथोग्राफी प्रेस' स्थापित की थी।
एनएफडीसी (NFDC) की मलयालम फिल्म 'अचप्पाज़ एल्बम' 24 अप्रैल को होगी रिलीज
समय-यात्रा और पीढ़ीगत भावनाओं पर आधारित एक अनूठी पारिवारिक फिल्म
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन 'राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम लिमिटेड' (NFDC) अपनी नवीनतम मलयालम फिल्म 'अचप्पाज़ एल्बम' (ग्रैम्पाज़ एल्बम) को 24 अप्रैल 2026 को देशभर में रिलीज कर रहा है।
- दीप्ति पिल्लै सिवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म समय-यात्रा (Time Travel) की अभिनव अवधारणा, हास्य और पारिवारिक भावनाओं के अनूठे संगम पर आधारित है।
- इसकी कहानी एक पिता और पुत्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भाग्य के एक अप्रत्याशित मोड़ के कारण एक-दूसरे का जीवन जीने लगते हैं।
- फिल्म में दिग्गज अभिनेता मोहन अगाशे के साथ-साथ अंजना अप्पुकुट्टन, आदिनाथ कोठारे और प्रियंका नायर सहित कई उल्लेखनीय कलाकार शामिल हैं।
- तकनीकी टीम में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संपादक श्रीकर प्रसाद और सिने छायाकार मनोज पिल्लई जैसे जाने-माने पेशेवर शामिल हैं।
💡
DEOrbit परीक्षा नोट्स:
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम लिमिटेड (NFDC): इसकी स्थापना वर्ष 1975 में की गई थी। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन भारतीय सिनेमा के विकास के लिए सर्वोच्च निकाय (Apex Body) है। इसका मुख्य कार्य विभिन्न भारतीय भाषाओं में फिल्मों के निर्माण, प्रचार और संरक्षण सहित संपूर्ण फिल्म निर्माण प्रणाली में सहयोग करना और उसे बढ़ावा देना है।
ओडिशा: राउरकेला में विकास एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं का उद्घाटन
राष्ट्रपति द्वारा प्रमुख लोकार्पण
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 21 अप्रैल 2026 को ओडिशा के राउरकेला में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में कई महत्वपूर्ण विकास और सांस्कृतिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- इन प्रमुख परियोजनाओं में तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र, निर्मल मुंडा परिवेश पथ, जनजातीय संग्रहालय और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र शामिल हैं।
- समारोह के दौरान सुंदरगढ़ जिले की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और खेलों में इसके योगदान को रेखांकित किया गया, साथ ही आदिवासी कल्याण को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
- राष्ट्रपति ने वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' और राज्य के शताब्दी वर्ष 2036 तक 'विकसित ओडिशा' के निर्माण के लिए सभी वर्गों की भागीदारी का आह्वान किया।
💡
DEOrbit परीक्षा नोट्स:
* ओडिशा का शताब्दी वर्ष (2036): आधुनिक ओडिशा राज्य का गठन 1 अप्रैल 1936 को हुआ था (जिसे उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है)। इसी संदर्भ में वर्ष 2036 में ओडिशा अपने गठन के 100 वर्ष पूरे करेगा।
* सुंदरगढ़ की महत्ता: राउरकेला इसी जिले में स्थित है। यह एक प्रमुख आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो अपनी समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत और साहसी व्यक्तियों तथा 'खेल प्रेमियों की भूमि' के रूप में प्रसिद्ध है।
'वंदे मातरम' के 150 वर्ष: "वीएम फ्रेम्स" राष्ट्रीय प्रतियोगिता
सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक पहल
- संस्कृति मंत्रालय ने 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "वीएम फ्रेम्स" (VM Frames) नामक एक राष्ट्रीय फिल्म निर्माण प्रतियोगिता की शुरुआत की है।
- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष 2025 में पूरे हो चुके हैं, जिसे संस्कृति मंत्रालय की अगुवाई में पूरे एक वर्ष तक चलने वाले समारोह के रूप में मनाया जा रहा है।
- इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य आधुनिक प्रारूपों के माध्यम से वंदे मातरम की विरासत को फिर से परिभाषित करना तथा 'नए भारत', देशभक्ति और सांस्कृतिक पहचान की परिकल्पना को प्रस्तुत करना है।
- यह प्रतियोगिता तीन मुख्य श्रेणियों में आयोजित की जा रही है: रील्स, एआई-आधारित फिल्में, और लघु फिल्में।
- प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 7 मई 2026 निर्धारित की गई है (आधिकारिक वेबसाइट: vandemataram150.in)।
पुरस्कार राशि का विवरण (कुल 50 लाख रुपये तक)
| श्रेणी (Category) | प्रथम पुरस्कार | द्वितीय पुरस्कार | तृतीय पुरस्कार |
|---|---|---|---|
| रील्स (Reels) | 1,50,000 रुपये | 1,00,000 रुपये | 50,000 रुपये |
| एआई-आधारित फिल्में | 5,00,000 रुपये | 3,00,000 रुपये | 1,50,000 रुपये |
| लघु फिल्में (Short Films) | 15,00,000 रुपये | 12,00,000 रुपये | 10,00,000 रुपये |
💡
DEOrbit परीक्षा नोट्स:
* ऐतिहासिक महत्व: 'वंदे मातरम' गीत ने मातृभूमि को 'दिव्य नारी शक्ति' के रूप में प्रस्तुत कर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई पीढ़ियों को प्रेरित किया था और आज भी यह राष्ट्र की भावना के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।
No comments:
Post a Comment