Wednesday, 22 April 2026

स्वास्थ्य, पोषण एवं जन-जागरूकता

भारत ने की 'ब्रिक्स (BRICS) स्वास्थ्य कार्य समूह 2026' की पहली बैठक की मेजबानी

थीम: "लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण"

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से 'ब्रिक्स (BRICS) स्वास्थ्य कार्य समूह' (HWG) की पहली वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की ।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, यूएई और इंडोनेशिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
  • मुख्य थीम (Theme): वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण" है ।
  • यह विषय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2025 के 'रियो शिखर सम्मेलन' में व्यक्त किए गए 'जन-केंद्रित एवं मानवता-प्रथम' दृष्टिकोण पर पूरी तरह से आधारित है ।
  • भारत की नई पहल: भारत ने अपनी अध्यक्षता में दो नए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का प्रस्ताव रखा है— 1. स्वस्थ जीवन शैली के लिए ब्रिक्स मिशन और 2. मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना

    ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह 2026: 9 प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र

    क्र.सं. प्राथमिकता क्षेत्र (Priority Areas)
    1. ब्रिक्स टीबी (TB) अनुसंधान नेटवर्क
    2. चिकित्सा उत्पाद नियामक प्राधिकरणों के बीच सहयोग
    3. संक्रामक रोगों के लिए 'ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली'
    4. निरंतर देखभाल हेतु 'डिजिटल स्वास्थ्य वास्तुकला' का निर्माण
    5. स्वस्थ जीवन शैली के लिए ब्रिक्स मिशन (भारत की नई पहल)
    6. मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना (भारत की नई पहल)
    7. पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा (TCIM) को बढ़ावा देना
    8. स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों से प्रेरित बीमारियों (DDSDH) के खिलाफ लड़ाई
    9. राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों का ब्रिक्स नेटवर्क स्थापित करना
    +4
    💡
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: वैश्विक सहयोग: बैठक में भारत द्वारा प्रस्तुत इन नई प्राथमिकताओं के साथ-साथ 'पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा' (TCIM) को स्वास्थ्य प्रणालियों में शामिल करने पर ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया ने दृढ़ समर्थन व्यक्त किया । इसके अतिरिक्त, टीबी (TB) पर सहयोग को प्रगाढ़ करने, दवाओं व टीकों के स्थानीय उत्पादन और 'सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज' (UHC) सुनिश्चित करने को ब्रिक्स देशों का साझा लक्ष्य घोषित किया गया है ।

    मिजोरम में 'रन फॉर न्यूट्रिशन' मैराथन

    मुख्य बिंदु

    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चल रहे 8वें 'पोषण पखवाड़े' के अंतर्गत मिजोरम में 'रन फॉर न्यूट्रिशन' (Run for Nutrition) हाफ मैराथन का सफल आयोजन किया गया।
    • इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियों और कम उम्र से ही स्वस्थ आदतों को अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
    • आयोजन में विभिन्न आयु समूहों के लगभग 500 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा जनमानस में "स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन" का संदेश प्रसारित किया।
    • यह पहल कुपोषण की समस्या के समाधान और सामुदायिक-आधारित गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
    💡
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: 'पोषण पखवाड़ा' महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक जन-आंदोलन है। इसका मूल कार्यक्रम 'पोषण अभियान' (POSHAN Abhiyaan - Prime Minister's Overarching Scheme for Holistic Nourishment) है, जिसकी शुरुआत 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझुनूं से की गई थी।

    7 प्रमुख शहरों में राष्ट्रव्यापी 'नारी शक्ति वंदन रन' का आयोजन

    17-18 अप्रैल को होगा आयोजन, संसद के विशेष सत्र से जुड़ा है संदर्भ

    • युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए 17 और 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्रव्यापी "नारी शक्ति वंदन रन" का आयोजन किया जाएगा।
    • यह दौड़ देश के 7 प्रमुख शहरों— दिल्ली, कटक, पटना, मुंबई, इंदौर, बेंगलुरु और जयपुर में आयोजित की जा रही है।
    • पटना और जयपुर में इसका आयोजन 17 अप्रैल को होगा, जबकि शेष 5 शहरों में यह 18 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।
    • लगभग 2 से 3 किलोमीटर की इस दौड़ में विभिन्न पृष्ठभूमियों (छात्राएं, उद्यमी, खिलाड़ी आदि) की महिलाएं हिस्सा लेंगी।
    • इस पहल को 'माय भारत' (MY Bharat), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सहयोग से सुगम बनाया जा रहा है।
    💡
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: संसद सत्र से संबंध: इस दौड़ का आयोजन विशेष रूप से 16 से 18 अप्रैल 2026 तक चल रहे संसद के विशेष सत्र के संदर्भ में किया जा रहा है। इस सत्र में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और परिसीमन की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी दौड़ का मुख्य उद्देश्य समावेशी शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

    दिल्ली कैंट अस्पताल: रोबोटिक ऑर्थोपेडिक और मातृत्व ओटी का उद्घाटन

    स्वास्थ्य अवसंरचना का आधुनिकीकरण

    • रक्षा सचिव राजेश सिंह ने 23 अप्रैल 2026 को दिल्ली कैंट स्थित कैंटोनमेंट जनरल अस्पताल में 'रोबोटिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा प्रणाली' एवं 'मातृत्व ऑपरेशन थियेटर' का उद्घाटन किया।
    • इस अवसर पर रक्षा संपदा महानिदेशक शोभा गुप्ता तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
    • ये सुविधाएं कैंटोनमेंट एवं आस-पास के नगर निकाय क्षेत्रों के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी।

    नई सुविधाओं के लाभ एवं भावी योजनाएं

    • रोबोटिक ऑर्थोपेडिक प्रणाली: यह सटीकता-आधारित शल्य प्रक्रियाओं, रिकवरी के समय को कम करने और मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने में सक्षम है। यह जटिल हड्डी रोग संबंधी मामलों को संभालने में अस्पताल की क्षमता को बढ़ाएगी।
    • मातृत्व ऑपरेशन थियेटर: इसे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक एवं सुरक्षित शल्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने हेतु डिजाइन किया गया है।
    • आगामी विकास कार्य: अगले तीन महीनों के भीतर डायलिसिस केंद्र, सीएसएसडी (CSSD) उन्नयन, आईसीयू (ICU) उन्नयन और प्रयोगशाला विस्तार प्रस्तावित है। आगामी एक वर्ष में पीआईसीयू (PICU), एनआईसीयू (NICU), सीटी स्कैन, एमआरआई (MRI), और कैंसर स्क्रीनिंग इकाई जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: अस्पताल में शुरू की गई 'रोबोटिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा प्रणाली' एक अत्याधुनिक तकनीकी उन्नयन है। यह तकनीक न केवल सर्जरी में सटीकता (precision) लाती है, बल्कि इससे मरीजों के रिकवरी समय (Recovery Time) में भी कमी आती है, जो पारंपरिक सर्जरी की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    10वां राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन: नवाचार और समावेशिता

    सम्मेलन के मुख्य बिंदु और राष्ट्रीय उपलब्धियां

    • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 'नवाचार एवं समावेशिता: भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएं' विषय पर 10वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
    • भारत में 1 लाख 85 हजार से अधिक 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 हजार से अधिक को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (NQAS) के तहत प्रमाणित किया गया है।
    • संस्थागत प्रसवों की संख्या 79 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई है।
    • भारत ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 79 प्रतिशत और शिशु मृत्यु दर में 73 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की है।
    • देश में तपेदिक (TB) के मामलों में तेजी से गिरावट आई है और इसका उपचार दायरा 92 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

    हरियाणा राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य उपलब्धियां

    मापदंड / पहल विवरण एवं प्रगति
    स्वास्थ्य बजट बजट में 32.89% की वृद्धि, जो 2014 के 2,640 करोड़ रुपये से बढ़कर अब लगभग 14,000 करोड़ रुपये हो गया है।
    मेडिकल कॉलेज और सीटें मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 17 हुई; एमबीबीएस (MBBS) सीटें 700 से बढ़कर 2,710 हो गईं।
    डिजिटल स्वास्थ्य (ई-संजीवनी) आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन लगभग 2,000 टेलीकंसल्टेशन (विशेषज्ञों से डिजिटल संपर्क) आयोजित किए जा रहे हैं।
    गुणवत्ता प्रमाणन राज्य के 1,479 स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

    सम्मेलन में शुरू की गई प्रमुख राष्ट्रीय पहलें

    • 17वीं कॉमन रिव्यू मिशन (CRM) रिपोर्ट: 17 राज्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के वार्षिक कार्यान्वयन और मूल्यांकन की समीक्षा रिपोर्ट जारी की गई।
    • स्वस्थ भारत पोर्टल: कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही डिजिटल इंटरफ़ेस पर लाने वाला एकीकृत मंच, जो स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर प्रशासनिक बोझ कम करेगा।
    • जननी पोर्टल: यह गर्भावस्था से लेकर बचपन तक निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य मापदंडों की वास्तविक समय (real-time) निगरानी के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    • प्राथमिक स्वास्थ्य टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण: अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (विशेषकर 70% महिला कार्यबल जैसे ASHA, ANM, CHO) की क्षमता बढ़ाने के लिए 'आई गॉट कर्मयोगी' (iGOT) के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल।
    • आरबीएसके (RBSK) द्वितीय चरण: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नए दिशानिर्देशों के तहत बाल विकास निगरानी और बच्चों/किशोरों में गैर-संचारी रोगों (जैसे मधुमेह) को शामिल किया गया है।
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के 80वें दौर के सर्वेक्षण के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में बाह्य रोगी (OPD) देखभाल के लिए 'जेब से होने वाला औसत व्यय' (Out-of-Pocket Expenditure) अब लगभग शून्य हो गया है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भारत को 'ट्रेकोमा' (Trachoma - आंखों का बैक्टीरियल संक्रमण) मुक्त देश घोषित किया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    MoEFCC और NBA: जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन के लिए नई परियोजना

    परियोजना का शुभारंभ और मुख्य बिंदु

    • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने जमीनी स्तर पर जैव विविधता शासन को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक पांच वर्षीय परियोजना शुरू की है।
    • यह भारत सरकार, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक संयुक्त पहल है।
    • इस परियोजना को वर्ष 2025-2030 की अवधि के लिए 4.88 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया गया है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) को हरित रूप देना और अभिनव वित्तपोषण के माध्यम से स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना है।

    परियोजना के लक्षित परिदृश्य (Target Landscapes)

    राज्य / क्षेत्र शामिल अभयारण्य / संरक्षित क्षेत्र प्रमुख विशेषताएं एवं दृष्टिकोण
    तमिलनाडु (सत्यमंगलम भू-भाग) सत्यमंगलम बाघ अभयारण्य और मुदुमलाई बाघ अभयारण्य वन-सीमावर्ती समुदायों को एकजुट करना और उनके गहन पारिस्थितिक ज्ञान को ग्राम विकास परियोजनाओं (GPDP) में शामिल करना।
    मेघालय (गारो हिल्स) नोकरेक जीवमंडल अभयारण्य, बालपक्रम राष्ट्रीय उद्यान और सिजू वन्यजीव अभयारण्य ग्राम पंचायतों के समकक्ष 'ग्राम रोजगार परिषदों' (VEC) के माध्यम से समुदाय-नेतृत्व वाले संरक्षण को बढ़ावा देना।

    प्रमुख उद्देश्य और वैश्विक लक्ष्य

    • पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMC) को मजबूत करके स्थानीय विकास योजनाओं में जैव विविधता को मुख्यधारा में लाना।
    • पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) व्यवस्थाओं, CSR सह-वित्तपोषण और हरित सूक्ष्म उद्यमों को सक्रिय करके संरक्षण के लिए प्रत्यक्ष पुरस्कार के रूप में सतत आजीविका को बढ़ावा देना।
    • क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना, जिसमें महिलाओं, अनुसूचित जातियों और आदिवासी समुदायों की आर्थिक और शासन भूमिकाओं को आगे बढ़ाना शामिल है।
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: यह परियोजना शासन के 'बॉटम-अप' (Bottom-up) दृष्टिकोण पर आधारित है। यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के ऐतिहासिक '30x30 लक्ष्य' और पेरिस समझौते के तहत भारत के 'राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान' (NDC) के अनुरूप है। इसके अलावा, यह 'संपूर्ण सरकार' और 'संपूर्ण समाज' के दृष्टिकोण को अपनाते हुए भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP 2024-2030) के कार्यान्वयन को भी सीधे तौर पर आगे बढ़ाती है।

    EnviStats India 2026: पर्यावरण सांख्यिकी और SEEA फ्रेमवर्क

    प्रकाशन का उद्देश्य और महत्व

    • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 'EnviStats India: पर्यावरण सांख्यिकी संबंधी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs), 2026' नामक एक महत्वपूर्ण प्रकाशन जारी किया है।
    • यह दस्तावेज 'पर्यावरण-आर्थिक लेखांकन प्रणाली' (SEEA) 2012 के अंतरराष्ट्रीय सांख्यिकीय मानकों पर आधारित है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच के जटिल संबंधों को स्पष्ट करना और जटिल सांख्यिकीय अवधारणाओं को नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ बनाना है।
    • यह साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सहायता करेगा, जिससे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की निगरानी और प्राकृतिक पूंजी के मूल्यांकन में आसानी होगी।

    SEEA फ्रेमवर्क के तहत शामिल प्रमुख खाते और विषय

    खाता / विषय क्षेत्र (SEEA Framework) संबंधित विवरण और उद्देश्य
    SEEA CF और SEEA EA यह दस्तावेज़ SEEA सेंट्रल फ्रेमवर्क (SEEA CF) और SEEA इकोसिस्टम अकाउंटिंग (SEEA EA) के बीच के अंतर और उनके भौतिक व मौद्रिक मूल्यांकन को स्पष्ट करता है।
    पर्यावरण गतिविधि और व्यय खाते यह पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन (EP&RM) पर होने वाले खर्चों और आर्थिक गतिविधियों का आकलन करता है।
    परिसंपत्ति खाते (Asset Accounts) खनिज, ऊर्जा, भूमि, जल और जैव विविधता जैसे प्राकृतिक संसाधनों के स्टॉक और उनमें होने वाले बदलावों (भौतिक और मौद्रिक शब्दों में) का मापन।
    प्रवाह खाते (Flow Accounts) पर्यावरण से अर्थव्यवस्था में होने वाले भौतिक प्रवाह, जैसे ऊर्जा और जल का उपयोग, और अर्थव्यवस्था से पर्यावरण में होने वाले उत्सर्जन (ठोस, तरल, गैस) का हिसाब रखना।
    DEOrbit परीक्षा नोट्स: SEEA (System of Environmental-Economic Accounting) संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा विकसित एक अंतरराष्ट्रीय सांख्यिकीय मानक है। पारंपरिक जीडीपी (GDP) केवल आर्थिक उत्पादन को मापता है, लेकिन SEEA ढांचे के माध्यम से 'प्राकृतिक पूंजी' (Natural Capital) के ह्रास और पर्यावरणीय गिरावट को भी अर्थव्यवस्था के मुख्य खाते में एकीकृत किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि आर्थिक विकास पर्यावरण की कीमत पर तो नहीं हो रहा है।


No comments:

Post a Comment

DEOrbit.cloud - Science GK Paper Solution DE Orbit SOLUTION ...