Wednesday, 22 April 2026

अवसंरचना एवं परिवहन

प्रधानमंत्री मोदी ने 'दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे' का किया उद्घाटन

12,000 करोड़ का प्रोजेक्ट, 6 घंटे का सफर अब होगा मात्र 2.5 घंटे में

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को देहरादून (उत्तराखंड) में एक विश्व स्तरीय अवसंरचना परियोजना 'दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे' (एक्सप्रेसवे) का उद्घाटन किया।
  • 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बना यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
  • तकनीकी विशेषताएं: यह लगभग 213 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला 'एक्सेस-कंट्रोल हाई स्पीड कॉरिडोर' है (जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है)।
  • इस परियोजना से दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा का समय लगभग 6 घंटे से घटकर करीब 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा।
  • इसमें सुरक्षित यात्रा के लिए उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (ATM), 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 12 जन सुविधाएं (वे साइड अमेनिटीज) शामिल हैं।

एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर और पर्यावरण संरक्षण

  • वन्यजीवों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इस एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा 'एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर' बनाया गया है, जो एशिया के सबसे लंबे वन्यजीव कॉरिडोरों में से एक है।
  • इस विशेष कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग (Animal Passes), 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास, ध्वनि अवरोधक और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी शामिल है।
  • केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने इसे राज्य के लिए 'गेम चेंजर' बताया, जिससे पर्यटन, रोजगार और सहारनपुर (लकड़ी नक्काशी) व मुजफ्फरनगर (कागज) के उद्योगों को नई गति मिलेगी।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: पर्यटन एवं अन्य प्रमुख आंकड़े: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि उत्तराखंड अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यहाँ शीतकालीन पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में 'आदि कैलाश' और 'ओम पर्वत' की यात्रा करने वालों की संख्या 36,000 से अधिक तथा शीतकालीन 'चार धाम' यात्रियों की संख्या 1.5 लाख के पार पहुंच गई है। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) के तहत अब तक लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोड वाहनों के शुल्क नियमों में संशोधन

15 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम, फास्टैग से ही होगा ओवरलोड शुल्क का भुगतान

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) चौथे संशोधन नियम, 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है, जो 15 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
  • संशोधित शुल्क संरचना: निर्धारित भार से 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त भार पर कोई ओवरलोड शुल्क नहीं लगेगा।
  • 10 प्रतिशत से अधिक और 40 प्रतिशत तक की ओवरलोडिंग पर मूल दर का दोगुना, तथा 40 प्रतिशत से अधिक ओवरलोडिंग पर चार गुना शुल्क वसूला जाएगा।
  • ओवरलोडिंग का निर्धारण टोल प्लाजा पर स्थापित प्रमाणित 'वजन मापन उपकरणों' के जरिए वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। यदि प्लाजा पर वजन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो कोई ओवरलोड शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
  • ओवरलोडिंग शुल्क अनिवार्य रूप से केवल 'फास्टैग' (FASTag) के माध्यम से ही (डिजिटल रूप में) वसूला जाएगा और अधिक भार वाले वाहनों का विवरण राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर (वाहन / Vahan) को सूचित किया जाएगा।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर (वाहन): 'वाहन' (Vahan) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का एक राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डेटाबेस है, जो देश भर के वाहनों का पंजीकरण रिकॉर्ड रखता है। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य ओवरलोडिंग के कारण राजमार्ग अवसंरचना (सड़कों) को होने वाले नुकसान को कम करना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर माल की सुरक्षित व कुशल आवाजाही को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर पारदर्शिता सुनिश्चित চৈতন্য करना है।

दिल्ली में 2027 से कैब सर्विस के लिए EV अनिवार्य

दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-30 का ड्राफ्ट जारी

  • दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-30 जारी की है।
  • इस पॉलिसी के तहत वर्ष 2027 से सभी कैब सेवा और सामान डिलीवरी करने वाली कंपनियों के लिए EV का उपयोग अनिवार्य कर दिया जाएगा।
  • कंपनियों के बेड़े में 1 जनवरी से नए पेट्रोल-डीजल वाहनों को शामिल करने पर रोक लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

डाक विभाग और डीटीडीसी (DTDC): लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने हेतु समझौता

समझौते के मुख्य बिंदु और रणनीतिक साझेदारी

  • संचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग (DoP) और डीटीडीसी एक्सप्रेस लिमिटेड (DTDC) ने देश भर में लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य देश भर में पार्सल डिलीवरी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डाक विभाग के विशाल बुनियादी ढांचे और डीटीडीसी के लॉजिस्टिक्स अनुभव का एक साथ लाभ उठाना है।
  • इस समझौते के तहत डीटीडीसी देश भर में पार्सल डिलीवरी के लिए डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क का उपयोग कर सकेगा, जिसमें 'कैश ऑन डिलीवरी' (COD) सेवाएं भी शामिल हैं।
  • दोनों संगठनों की प्रगति का आकलन करने और प्रणालियों के एकीकरण को सुनिश्चित करने के लिए त्रैमासिक (Quarterly) समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।

साझेदारी से होने वाले प्रमुख लाभ

संस्था होने वाले लाभ और प्रभाव
डीटीडीसी (DTDC) को लाभ डीटीडीसी को डाक विभाग के 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के अद्वितीय नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे विशेष रूप से दूरस्थ (Remote) क्षेत्रों की ई-कॉमर्स मांगों को पूरा करने और डिलीवरी की गति सुधारने में मदद मिलेगी।
डाक विभाग (DoP) को लाभ यह सहयोग डाक विभाग के पार्सल व्यवसाय को बढ़ावा देगा और डिलीवरी सेवाओं में तेजी लाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में डाक विभाग की भूमिका मजबूत होगी और भारत को 'वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब' बनाने के लक्ष्य में योगदान मिलेगा।
DEOrbit परीक्षा नोट्स: भारतीय डाक विभाग (Department of Posts) दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क संचालित करता है, जिसमें पूरे देश में 1.64 लाख से अधिक डाकघर शामिल हैं। हाल के वर्षों में, डाक विभाग ने केवल पारंपरिक पत्रों से आगे बढ़कर ई-कॉमर्स डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाओं (जैसे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) में अपनी भूमिका का तेजी से विस्तार किया है।


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