मध्य पूर्व संकट के बीच राजस्थान में तेल, गैस व उर्वरक आपूर्ति: सर्वदलीय बैठक के प्रमुख निर्णय
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने मध्य पूर्व एशिया में उत्पन्न स्थिति के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों (Fertilizer) की आपूर्ति को लेकर एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल, गैस एवं उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
महत्वपूर्ण निर्णय एवं कदम:
- एलपीजी डिलीवरी के नए नियम: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा के अनुसार, अब घरेलू एलपीजी (LPG) की डिलीवरी के लिए OTP अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, डिलीवरी बॉय द्वारा ग्राहक की पासबुक में एंट्री करना भी अनिवार्य है।
- पीएनजी (PNG) को बढ़ावा: सिटी गैस वितरण कंपनियों को घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल, होटल और रेस्टोरेंट जैसी वाणिज्यिक इकाइयों को भी नेचुरल गैस अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- प्रभावी निगरानी व समितियां: आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय समिति और जिला स्तर पर कलेक्टर, एसपी व डीएसओ (DSO) के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं।
- प्रवासी राजस्थानियों को मदद: मध्य पूर्व (रियाद, कुवैत, बहरीन, दुबई आदि) में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों की मदद के लिए राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स और 60 प्रवासी राजस्थानी एसोसिएशन के माध्यम से सुरक्षित आवास और वतन वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
📞 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर (24x7):
कालाबाजारी, अवैध भंडारण या आपूर्ति संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा 181, 112 और 14435 हेल्पलाइन नंबर संचालित किए जा रहे हैं।
💡 DEOrbit Note: मध्य पूर्व एशिया (Middle East) कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का प्रमुख वैश्विक उत्पादक क्षेत्र है। वहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल व गैस आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है, इसलिए राज्य सरकार एहतियातन कदम उठा रही है।
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