Monday, 20 April 2026

आईटी, संचार और साइबर

अमरावती में लॉन्च होगा देश का पहला क्वांटम कंप्यूटर

क्वांटम कंप्यूटर प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु

  • आंध्र प्रदेश के अमरावती (Amravati) में भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर (First Quantum Computer) लॉन्च किया जाएगा।
  • यह ऐतिहासिक पहल राज्य की महत्वाकांक्षी 'अमरावती क्वांटम वैली परियोजना' (Amravati Quantum Valley Project) का एक प्रमुख हिस्सा है।
  • क्वांटम कंप्यूटर अपनी अद्वितीय प्रोसेसिंग क्षमता के कारण अत्यंत जटिल समस्याओं और गणनाओं को बहुत तेजी से हल करने में सक्षम होते हैं, जो सामान्य सुपरकंप्यूटर के लिए भी असंभव होता है।
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DEOrbit Exam Note: क्वांटम कंप्यूटर (Quantum Computer): पारंपरिक कंप्यूटर डेटा को 'बिट्स' (0 और 1) के रूप में स्टोर करते हैं, जबकि क्वांटम कंप्यूटर 'क्यूबिट्स' (Qubits) का उपयोग करते हैं। क्यूबिट्स एक ही समय में 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में रह सकते हैं (इसे सुपरपोजिशन कहा जाता है), जिससे इनकी गणना की गति करोड़ों गुना बढ़ जाती है।

TRAI के नए सख्त 'QoS' मानक और दूरसंचार नेटवर्क रिपोर्ट

TRAI के नए 'क्वालिटी ऑफ सर्विस' (QoS) नियम

  • केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में देश के दूरसंचार नेटवर्क की गुणवत्ता पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की है।
  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (जैसे- Jio, Airtel, BSNL) के लिए 'सेवा गुणवत्ता' (Quality of Service - QoS) मानकों को और अधिक सख्त बना दिया है।
  • नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ प्लान में 'सामान्य डाउनलोड और अपलोड गति (Speed)' को स्पष्ट रूप से घोषित करना अनिवार्य होगा।
  • TRAI इन मानकों का अनुपालन न करने वाली कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगता है और नियमों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ 'वित्तीय दंड' (Financial Disincentives) लगाने का भी सख्त कानूनी प्रावधान किया गया है।

कॉल ड्रॉप नियंत्रण और ऑपरेटरों का प्रदर्शन (IDT)

  • नेटवर्क की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए TRAI देश भर में नियमित रूप से 'स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट' (Independent Drive Test - IDT) आयोजित करता है।
  • जनवरी और फरवरी 2026 की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, देश के सभी 'लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों' में (आंध्र प्रदेश सहित) दूरसंचार कंपनियों ने नेटवर्क गुणवत्ता नियंत्रण मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
  • अधिकांश ऑपरेटरों ने 'कॉल सेटअप सफलता दर' (Call Setup Success Rate) के लिए निर्धारित 98 प्रतिशत के कड़े मानक को हासिल कर लिया है, जिससे 'कॉल ड्रॉप' (Call Drop) की दर निर्धारित मानक के भीतर आ गई है।
  • वर्तमान में देश भर में 2G, 3G, 4G और 5G प्रौद्योगिकियों के रेडियो एक्सेस नोड्स (Radio Access Nodes) के माध्यम से दूरसंचार अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
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DEOrbit Exam Note: TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण): यह भारत सरकार का एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है, जिसकी स्थापना 20 फरवरी 1997 को 'भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997' के तहत की गई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसका मुख्य कार्य भारत में दूरसंचार सेवाओं (Telecom Services) और टैरिफ (Tariffs) को विनियमित (Regulate) करना, सेवा की गुणवत्ता (QoS) सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। भारत में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी और टेलीकॉम नियमों का निर्धारण इसी संस्था की देखरेख में होता है।

'साधना सप्ताह 2026' के तीसरे दिन क्वांटम और AI पर महामंथन

टेक्नोलॉजी और सुशासन (Good Governance) पर विशेष वेबिनार

  • कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा आयोजित 'साधना सप्ताह 2026' (Sadhana Saptah) के तीसरे दिन (4 अप्रैल) को 'प्रौद्योगिकी' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
  • क्वांटम तकनीक: भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) प्रो. अजय कुमार सूद ने 'क्वांटम के लिए भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सहभागिता रणनीति' पर विस्तार से चर्चा की।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: डॉ. अरविंद गुप्ता ने 'डिजिटल हाईवे' के निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं (Citizen-centric services) के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण किया।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): इसके अलावा, सार्वजनिक संपत्तियों (सड़क, पुल आदि) के 'भविष्य कहनेवाले रखरखाव' (Predictive Maintenance) में AI की भूमिका पर भी जोर दिया गया, जिससे लागत कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।
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DEOrbit Exam Note: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM): भारत सरकार ने क्वांटम प्रौद्योगिकी (Quantum Technology) के क्षेत्र में भारत को एक अग्रणी देश बनाने के लिए वर्ष 2023 में 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' को मंजूरी दी थी। इसके लिए वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक के लिए 6,003 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसका क्रियान्वयन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा किया जा रहा है।

राष्ट्रीय प्रसारण: ट्राई (TRAI) ने ALTD और FAST सेवाओं के लिए जारी किया नया नियामक परामर्श पत्र

ALTD और FAST सेवाएं क्या हैं और नियामक ढांचे की आवश्यकता

  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में 'एप्लिकेशन-आधारित लीनियर टेलीविजन वितरण (ALTD) सेवाओं' के लिए एक नया परामर्श पत्र (Consultation Paper) जारी किया है।
  • इस परामर्श पत्र के दायरे में मुफ्त विज्ञापन-समर्थित स्ट्रीमिंग टेलीविजन (FAST - Free Ad-supported Streaming TV) सेवाओं को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।
  • प्रसारण परिदृश्य में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 15 दिसंबर 2025 को टीआरएआई अधिनियम 1997 की धारा 11(1)(ए) के तहत ट्राई को यह संदर्भ भेजा था।
  • इस नए नियामक ढांचे को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य इन उभरती स्ट्रीमिंग सेवाओं में बाजार की समानता (Parity), सामग्री जवाबदेही (Content Accountability) और उपभोक्ता संरक्षण को सुनिश्चित करना है।

ALTD सेवाओं की परिभाषा और हितधारकों से मांगे गए सुझाव

  • ऐसे एप्लिकेशन प्रदाता जो उपभोक्ताओं को लीनियर टीवी चैनल वितरित करते हैं (चाहे वे मोबाइल/स्मार्ट टीवी में पहले से इंस्टॉल हों, डाउनलोड करने योग्य हों, या वेब ब्राउज़र के माध्यम से सुलभ हों), उन्हें व्यापक रूप से 'ALTD सेवाएं' कहा जाता है।
  • ट्राई ने इस परामर्श पत्र में ALTD सेवाएं प्रदान करने वाले एप्लिकेशन प्रदाताओं के प्राधिकरण (Authorization) और सेवा प्रावधान के लिए आवश्यक नियमों तथा शर्तों पर सुझाव मांगे हैं।
  • इसके साथ ही, ALTD प्लेटफार्मों पर लीनियर टीवी चैनलों को प्रदर्शित करने के लिए प्रसारकों (Broadcasters), सामग्री प्रदाताओं (Content Providers) और एग्रीगेटर्स पर लागू होने वाले दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
  • ट्राई ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सभी हितधारकों से लिखित टिप्पणियां (Comments) प्राप्त करने की अंतिम तिथि 4 मई 2026 और प्रति-टिप्पणियां (Counter-comments) प्राप्त करने की अंतिम तिथि 18 मई 2026 निर्धारित की है।
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DEOrbit Exam Note: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI): ट्राई की स्थापना 20 फरवरी 1997 को 'भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997' के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) के रूप में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में दूरसंचार और प्रसारण सेवाओं (Broadcasting Services) का नियमन करना है। लीनियर टीवी (Linear TV) बनाम VOD: 'लीनियर टीवी' का अर्थ पारंपरिक टीवी प्रसारण से है जहाँ दर्शक चैनल द्वारा पहले से तय किए गए शेड्यूल (समय-सारिणी) के अनुसार कार्यक्रम देखते हैं। वहीं, VOD (Video on Demand) या OTT प्लेटफॉर्म्स पर दर्शक अपनी मर्जी से कभी भी कंटेंट देख सकते हैं। FAST (Free Ad-supported Streaming TV) चैनल इंटरनेट के जरिए पारंपरिक लीनियर टीवी का अनुभव मुफ्त में प्रदान करते हैं, जिसकी कमाई का जरिया विज्ञापनों से होता है।

दूरसंचार नीति: ट्राई (TRAI) ने जारी किया 'दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियमन, 2026' का मसौदा

मसौदे की पृष्ठभूमि और 12वें संशोधन का विस्तार

  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 7 अप्रैल 2026 को दूरसंचार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए 'दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (तेरहवाँ संशोधन) विनियमन, 2026' का मसौदा (Draft) जारी किया है।
  • इससे पूर्व ट्राई ने वर्ष 2024 में '12वां संशोधन' जारी किया था, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों (TSPs) के लिए केवल 'वॉयस और SMS' के लिए कम से कम एक 'स्पेशल टैरिफ वाउचर' (STV) प्रदान करना अनिवार्य किया गया था।
  • उपभोक्ताओं द्वारा लगातार कम अवधि (Shorter duration) वाले 'केवल वॉयस और SMS' पैक की मांग किए जाने के बाद ट्राई ने यह नया कदम उठाया है।

नए नियम: डेटा-मुक्त सस्ते पैक की अनिवार्यता

  • इस नए 13वें संशोधन के अनुसार, यदि कोई सेवा प्रदाता (टेलीकॉम कंपनी) 'वॉयस, SMS और डेटा' के साथ कोई टैरिफ वाउचर पेश करता है, तो उसे उसी 'समान वैधता अवधि' (Same Validity Period) का एक अतिरिक्त वाउचर भी अनिवार्य रूप से प्रदान करना होगा।
  • इस अनिवार्य अतिरिक्त वाउचर में केवल 'वॉयस और SMS' की सुविधा होगी (डेटा नहीं होगा)।
  • मसौदे में स्पष्ट निर्देश है कि इन 'केवल वॉयस और SMS' वाले विशेष टैरिफ वाउचरों की कीमत डेटा वाले वाउचरों की तुलना में आनुपातिक रूप से काफी कम (Proportionately lower) रखी जाएगी।
  • प्राधिकरण ने इस महत्वपूर्ण मसौदे पर 28 अप्रैल 2026 तक सभी हितधारकों से अपनी वेबसाइट (www.trai.gov.in) के माध्यम से लिखित सुझाव आमंत्रित किए हैं।
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DEOrbit Exam Note: TRAI और उपभोक्ता संरक्षण: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की स्थापना 20 फरवरी 1997 को 'भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997' के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) के रूप में की गई थी। हालांकि यह न्यूज़ केवल एक ड्राफ्ट (मसौदा) है, लेकिन मुख्य परीक्षाओं (Mains Exam) में 'उपभोक्ता संरक्षण' (Consumer Rights), 'डिजिटल डिवाइड' और 'टेलीकॉम सेक्टर में मोनोपॉली' से जुड़े प्रश्नों के उत्तर लेखन में इस नीतिगत प्रयास का एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में संदर्भ दिया जा सकता है कि कैसे सरकार उन गरीब/बुजुर्ग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर रही है जिन्हें स्मार्टफ़ोन या इंटरनेट (डेटा) की आवश्यकता नहीं होती है।

भारत का 1000 किमी लंबा 'क्वांटम संचार नेटवर्क' सफल

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत रक्षा और वित्तीय क्षेत्रों को मिलेगी अभेद्य सुरक्षा

  • भारत ने 'नेशनल क्वांटम मिशन' के तहत 1000 किलोमीटर लंबे क्वांटम संचार नेटवर्क का सफल प्रदर्शन किया है।
  • यह बड़ी तकनीकी उपलब्धि मिशन शुरू होने के दो साल के अंदर ही हासिल कर ली गई है।
  • इस क्वांटम नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य रक्षा और वित्तीय क्षेत्रों में अभेद्य 'साइबर सुरक्षा' प्रदान करना है। अगले 8 वर्षों में इस नेटवर्क को 2000 किमी तक विस्तारित करने का लक्ष्य है।

सरकार ने धोलेरा (गुजरात) में भारत के पहले 'चिप फैब्रिकेशन प्लांट' की अधिसूचना जारी की

टाटा सेमीकंडक्टर द्वारा 91,000 करोड़ का निवेश, SEZ नियमों में हुआ ऐतिहासिक सुधार

  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 16 अप्रैल 2026 को गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले भारत के पहले चिप निर्माण संयंत्र (चिप फैब्रिकेशन प्लांट) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
  • यह अत्याधुनिक प्लांट 'टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा 66.166 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जा रहा है।
  • इस इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर 'विशेष आर्थिक क्षेत्र' (SEZ) से लगभग 21,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • सरकार ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 'विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) नियम, 2006' में (3 जून 2025 को) प्रमुख संशोधन किए थे।
  • इन संशोधनों के तहत इस विशिष्ट क्षेत्र के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता को 50 हेक्टेयर से घटाकर मात्र 10 हेक्टेयर कर दिया गया था।

भारत में स्वीकृत 5 प्रमुख सेमीकंडक्टर/इलेक्ट्रॉनिक SEZ प्रोजेक्ट्स

क्र.सं. संस्था का नाम निवेश (₹ करोड़) प्रस्तावित रोजगार परिचालन का प्रकार
1. मेसर्स माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी 13,000 20,786 असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (OSAT)
2. मेसर्स हुबली ड्यूरेबल्स गुड्स प्रा. लि. 100 4,360 इलेक्ट्रॉनिक घटकों का विनिर्माण और सेवाएं
3. मेसर्स सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड 2,150 1,911 आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली (OSAT)
4. मेसर्स केयन्स सेमीकॉन प्रा. लि. 681 2,020 आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली (OSAT)
5. मेसर्स टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग 91,000 21,000 एआई-सक्षम सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधा
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: सेमीकंडक्टर हब के रूप में भारत: इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी। टाटा के धोलेरा प्लांट के अलावा, माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने गुजरात के साणंद में अपना विशाल प्लांट स्थापित किया है। वहीं, एक्वस (Equus) ग्रुप कर्नाटक के धारवाड़ में अपना इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण SEZ स्थापित कर रहा है। ये सभी प्लांट भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी 'सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम' बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं।

सी-डॉट (C-DOT) का 'वार्षिक बौद्धिक संपदा (IP) पुरस्कार समारोह 2026' संपन्न

78 नवोन्मेषकों को सम्मान; 36 पेटेंट और 18 कॉपीराइट के साथ IP पोर्टफोलियो में भारी वृद्धि

  • संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत कार्यरत प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र 'सी-डॉट' (C-DOT - सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) ने अपने बेंगलुरु परिसर में 'वार्षिक बौद्धिक संपदा (आईपी) पुरस्कार समारोह 2026' का सफल आयोजन किया।
  • इस समारोह में भारत के स्वदेशी दूरसंचार इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने वाले 78 नवोन्मेषकों (कर्मचारियों) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • इन कर्मचारियों ने रचनात्मकता और अभिनव सोच का परिचय देते हुए सामूहिक रूप से 36 पेटेंट, 18 कॉपीराइट, 5 डिजाइन पंजीकरण, 9 ट्रेडमार्क और 3 शोध पत्र हासिल किए हैं, जो सी-डॉट के मजबूत होते IP पोर्टफोलियो को दर्शाता है।
  • सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि यह उपलब्धि न केवल तकनीकी उत्कृष्टता को दिखाती है, बल्कि दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता को भी बेहद मजबूत करती है।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: सी-डॉट की भूमिका: सी-डॉट भारत सरकार का एक प्रमुख दूरसंचार प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र है। यह आयोजन भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने वाली उभरती प्रौद्योगिकियों और अगली पीढ़ी के दूरसंचार समाधानों (जैसे 5G/6G) के अनुसंधान व विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बौद्धिक संपदा (IP) का सृजन वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करेगा।

सरकार ने 'एआई नियमन एवं आर्थिक समूह' (AIGEG) का किया गठन

राष्ट्रीय एआई रणनीति, जिम्मेदार नवाचार और श्रम बाजार पर प्रभाव को करेगा प्रबंधित

  • भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारत की राष्ट्रीय एआई (AI) नियमन रणनीति का नेतृत्व करने के लिए 'एआई नियमन एवं आर्थिक समूह' (AIGEG) का गठन किया है।
  • यह नीति समन्वय, जिम्मेदार एआई नवाचार को प्रोत्साहन देने और श्रम बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव को संबोधित करने के लिए एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी निकाय है।
  • इस महत्वपूर्ण समूह की अध्यक्षता केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव करेंगे।
  • राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद इस समूह के उपाध्यक्ष के तौर पर कार्यभार देखेंगे।
  • यह एआई नियामक संस्थागत ढांचे के भीतर सर्वोच्च अंतर-मंत्रालयी निकाय के तौर पर कार्य करेगा, जिसे 'प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति' (TPEC) का भी सहयोग प्राप्त होगा।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: AIGEG का मुख्य उद्देश्य: इस निकाय का गठन एआई (AI) नियमन के लिए एक 'समग्र सरकारी दृष्टिकोण' को निर्देशित करने के लिए किया गया है। यह विशेष रूप से यह सुनिश्चित करेगा कि एआई का उपयोग 'श्रम संबंधी वास्तविकताओं' और 'सामाजिक स्थिरता की प्राथमिकताओं' के अनुरूप हो, जिसकी आवश्यकता पर हाल ही के आर्थिक सर्वेक्षण में भी बल दिया गया था। यह वैश्विक घटनाक्रमों, जोखिमों और एआई नैतिकता (AI Ethics) पर विशेषज्ञ सलाह भी प्रदान करेगा।

बेसिल (BECIL) और सी-डैक (C-DAC) के मध्य समझौता

मुख्य बिंदु

  • ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (BECIL) और प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) ने उन्नत प्रौद्योगिकियों तथा डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सुरक्षा, 5जी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।
  • इसके अंतर्गत संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन, तकनीकी समाधान विकास, परामर्श, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवीन समाधानों के व्यावसायीकरण को सुगम बनाया जाएगा।
  • दोनों संस्थाएं तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए क्षमता विकास, कार्यबल कौशल उन्नयन और नवीनतम कौशल विकास पहलों पर मिलकर काम करेंगी।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: बेसिल (BECIL) भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न श्रेणी-I का उद्यम (स्थापना 1995) है। वहीं, सी-डैक (C-DAC) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है, जो भारत में सुपरकंप्यूटिंग और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए उत्तरदायी है।

भारत की पहली क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी

प्रमुख अपडेट

  • आंध्र प्रदेश के अमरावती स्थित SRM यूनिवर्सिटी-AP ने देश की पहली क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी स्थापित की है।
  • यह भारत में क्वांटम सिस्टम के निर्माण हेतु पहली घरेलू सप्लाई चेन है, जिसे लगभग 8 महीनों में तैयार किया गया है।
  • यह सुविधा मुख्य रूप से क्वांटम हार्डवेयर टेस्टबेड के रूप में कार्य करेगी।

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