कृषि, पशुपालन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था
'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (GRAM)-2026 का भव्य आयोजन
GRAM-2026 की तिथियां और राष्ट्रीय रोडशो
- राजस्थान सरकार के कृषि विभाग द्वारा राज्य में 23 से 25 मई 2026 तक बहुप्रतीक्षित 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (GRAM) का आयोजन किया जाएगा।
- इस वैश्विक आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 10 अप्रैल से 8 मई के बीच देश के 5 प्रमुख शहरों (जयपुर, नई दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे) में 'रोडशो' (Roadshows) आयोजित किए जाएंगे।
- इन रोडशो के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जुड़े निवेशकों, एग्रीटेक कंपनियों (Agritech Companies) और शोध संस्थानों को राजस्थान में उपलब्ध निवेश संभावनाओं और राज्य सरकार की पहलों से अवगत कराया जाएगा।
वैश्विक भागीदारी और आयोजन का मुख्य उद्देश्य
- विशाल स्तर: यह एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें राज्य के सभी जिलों से लगभग 75,000 किसानों, 250 से अधिक प्रदर्शकों और भारत सहित विदेश (यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, साउथ एशिया आदि) की 100 से अधिक कंपनियों के शामिल होने की संभावना है।
- मुख्य उद्देश्य: इस आयोजन का लक्ष्य राजस्थान को 'कृषि निवेश' के लिए एक प्रमुख गंतव्य (Prime Destination) के रूप में स्थापित करना है।
- इसमें कृषि क्षेत्र में नवाचार (Innovation), आधुनिक तकनीकी, IT-आधारित समाधानों, कृषि प्रसंस्करण (Agro-processing) और मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि किसानों की आय में सतत वृद्धि हो सके।
💡
DEOrbit Exam Note:
GRAM (Global Rajasthan Agritech Meet) की पृष्ठभूमि: राजस्थान में GRAM का पहला भव्य आयोजन वर्ष 2016 (9 से 11 नवंबर) में जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में किया गया था। इसके बाद संभाग स्तर (जैसे कोटा, उदयपुर) पर भी इसके मिनी संस्करण आयोजित हुए थे। इस आयोजन का मूल विजन किसानों को इजरायल जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों (ड्रिप सिंचाई आदि) से जोड़ना और राज्य में 'एग्रो-प्रोसेसिंग' उद्योगों के लिए विदेशी व घरेलू निवेश (FDI & Domestic Investment) को आकर्षित करना है। वर्ष 2016-17 के बाद इतने बड़े स्तर पर इसका दोबारा आयोजन इसे परीक्षा के लिए 'Very Important' बनाता है।
'सरस' बनेगा राष्ट्रीय ब्रांड, डेयरी विकास पर मुख्यमंत्री की अहम बैठक
'सरस' की व्यापक ब्रांडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड
- मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए 'डेयरी क्षेत्र' के विकास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक में राज्य के प्रमुख दुग्ध ब्रांड 'सरस' (Saras) को केवल राजस्थान तक सीमित न रखकर एक 'राष्ट्रीय ब्रांड' (National Brand) के रूप में स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
- इसके लिए प्रदेश और देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर 'सरस आउटलेट' (Saras Outlets) खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
- डेयरी ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने बजट में 2000 करोड़ रुपये के 'राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड' की भी घोषणा की है।
मिलावट पर 'जीरो टॉलरेंस' और तकनीकी नवाचार
- दुग्ध उत्पादों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने मिलावट के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- दूध की शुद्धता जांचने के लिए अत्याधुनिक 'मिल्क टेस्टिंग मशीन' (Milk Testing Machines) और 'रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम' को सुदृढ़ किया जाएगा।
- बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में आरसीडीएफ (RCDF) के मुनाफे, दुग्ध संकलन क्षमता और दुग्ध प्रसंस्करण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
💡
DEOrbit Exam Note:
RCDF (राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन): राजस्थान में डेयरी विकास कार्यक्रम गुजरात के 'आनंद मॉडल' (त्रिस्तरीय व्यवस्था - ग्राम, जिला और राज्य स्तर) पर आधारित है। इस त्रिस्तरीय व्यवस्था में शीर्ष (State) स्तर पर RCDF कार्य करता है, जिसकी स्थापना वर्ष 1977 में जयपुर में की गई थी। राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाने और 'सरस' (Saras) ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन (Marketing) का मुख्य कार्य RCDF द्वारा ही किया जाता है।
No comments:
Post a Comment