Friday, 24 April 2026

अवसंरचना, ऊर्जा एवं औद्योगिक विकास

'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत उदयपुर सिटी स्टेशन का होगा कायाकल्प

उदयपुर सिटी स्टेशन का पुनर्विकास और योजना का विस्तार

  • केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि राजस्थान के उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के लिए चुना गया है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • रेल मंत्रालय ने एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ पूरे भारत में कुल 1,338 रेलवे स्टेशनों को इस योजना के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित करने के लिए चिह्नित किया है।
  • रेलवे स्टेशनों पर ग्राहक सुविधाओं के विकास के लिए बजट का आवंटन 'योजना शीर्ष-53' (Plan Head-53: Customer Amenities) के तहत किया जाता है।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 'उत्तर पश्चिम रेलवे' (जिसके अंतर्गत उदयपुर आता है) को इस मद के तहत 907 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।

'सिटी सेंटर' मास्टर प्लान और नई विश्वस्तरीय सुविधाएं

  • इन स्टेशनों को महज़ एक ठहराव के बजाय 'सिटी सेंटर' (City Centre) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके मास्टर प्लान में स्टेशनों के दोनों तरफ से शहर को जोड़ने और 'मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी' (Multimodal Connectivity) का प्रावधान है।
  • यात्रियों के लिए स्टेशन पर रूफ प्लाजा, मुफ्त वाई-फाई, एस्केलेटर, एक्जीक्यूटिव लाउंज और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए 'एक स्टेशन एक उत्पाद' (One Station One Product) कियोस्क जैसी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं।
  • पर्यावरण और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए, सभी नवनिर्मित स्टेशन 'ग्रीन बिल्डिंग' (Green Building) मानकों पर आधारित होंगे और पूर्णतः दिव्यांग-अनुकूल (Divyang-friendly) बनाए जाएंगे।

PPP मॉडल और राजस्थान के अन्य प्रमुख स्टेशन

  • सरकार स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP - Public Private Partnership) मॉडल भी अपना रही है, जिसके तहत देश के 15 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है।
  • भारत में PPP मॉडल पर पुनर्विकसित होने वाला पहला स्टेशन मध्य प्रदेश का 'रानी कमलापति स्टेशन' (Rani Kamlapati Station) था, और दूसरा गुजरात का 'गांधीनगर कैपिटल स्टेशन' था।
  • राजस्थान में उदयपुर सिटी के अलावा, राणा प्रताप नगर (उदयपुर) और कोटा जंक्शन के पुनर्विकास का कार्य भी बहुत उन्नत चरणों में पहुँच चुका है, जहाँ नए स्टेशन भवन और 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल (FOB) बनाए जा रहे हैं।
💡
DEOrbit Exam Note: उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) और अमृत भारत स्टेशन योजना: उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) जोन की स्थापना 1 अक्टूबर 2002 को हुई थी और इसका मुख्यालय जयपुर (राजस्थान) में स्थित है। इसके अंतर्गत कुल 4 मंडल (Divisions) आते हैं: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर। वहीं, 'अमृत भारत स्टेशन योजना' रेल मंत्रालय द्वारा फरवरी 2023 में शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करना है।

पचपदरा रिफाइनरी (HRRL) की लागत में भारी संशोधन, कैबिनेट की मेगा मंजूरी

लागत संशोधन और इक्विटी निवेश

  • 8 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की लागत को मंजूरी दे दी है।
  • परियोजना की लागत को 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
  • इस वृद्धि के तहत हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा 8,962 करोड़ रुपये के अतिरिक्त इक्विटी निवेश को मंजूरी दी गई है।
  • इस वृद्धि के बाद HRRL में HPCL का कुल इक्विटी निवेश 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।

क्षमता, उत्पादन और वाणिज्यिक संचालन

  • HRRL एक अत्यंत वृहद रिफाइनरी है जिसमें 26 प्रतिशत से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होते हैं।
  • प्रति वर्ष 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल और 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल के उत्पादन के साथ-साथ पॉलीप्रोपाइलीन, LLDPE, HDPE, बेंजीन और टोल्यूनि जैसे उत्पाद बनेंगे।
  • यह परियोजना ऊर्जा की आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगी और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की आयात पर निर्भरता को कम करेगी।
  • इसकी निर्धारित वाणिज्यिक संचालन तिथि (SCOD) 1 जुलाई, 2026 तय की गई है।

पृष्ठभूमि और संयुक्त उद्यम (Joint Venture)

  • यह ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित है।
  • इसकी कुल क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष (MMTPA) है।
  • HRRL मुख्य रूप से HPCL और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम (JV) है।
  • इस परियोजना में हिस्सेदारी का अनुपात: HPCL की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है।
💡
DEOrbit Exam Note: पचपदरा रिफाइनरी (HRRL) देश की पहली ऐसी रिफाइनरी है जहाँ रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स दोनों एक साथ स्थापित किए गए हैं। यह BS-VI (भारत स्टेज-6) उत्सर्जन मानकों वाले उच्च गुणवत्ता के ईंधन का उत्पादन करेगी। हाल ही में राजस्थान के नए जिलों के पुनर्गठन के बाद, पचपदरा क्षेत्र अब 'बाड़मेर' जिले के बजाय नवगठित 'बालोतरा' जिले के अंतर्गत आता है। HRRL में HPCL और राजस्थान सरकार का इक्विटी अनुपात (74:26) है।

कोटा में 11.90 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 'जल संसाधन भवन' का लोकार्पण

आधुनिक भवन का निर्माण और मुख्य उद्देश्य

  • राजस्थान के जल संसाधन विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कोटा के नयापुरा स्थित नवनिर्मित 'जल संसाधन भवन' का लोकार्पण 5 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।
  • लागत और संरचना: लगभग 11.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक आधुनिक पांच मंजिला (भूतल सहित 4 तल) भवन है, जिसमें मीटिंग हॉल, कार्यालय कक्ष और पार्किंग सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
  • उद्देश्य: इस भवन का मुख्य उद्देश्य जल संसाधन विभाग के अभियंताओं (Engineers) और कर्मचारियों को एक सुव्यवस्थित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और कुशल बनाया जा सके।

समारोह के मुख्य अतिथि और प्रमुख उपस्थितियां

  • इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (जो कोटा-बूंदी से सांसद भी हैं) उपस्थित रहेंगे।
  • कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान के जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत द्वारा की जाएगी।
  • इसके अलावा, राज्य के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर और ऊर्जा राज्य मंत्री श्री हीरालाल नागर सहित क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
💡
DEOrbit Exam Note: कोटा और चंबल नदी घाटी परियोजना: राजस्थान में जल संसाधनों के दृष्टिकोण से कोटा एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है, जो राज्य की एकमात्र नित्यवाही नदी 'चंबल' (Chambal) के किनारे बसा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त (50-50%) 'चंबल नदी घाटी परियोजना' के अंतर्गत कुल 4 बांध बनाए गए हैं, जिनमें से दो प्रमुख बांध— जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज (Kota Barrage) कोटा जिले में ही स्थित हैं। कोटा बैराज मुख्य रूप से सिंचाई (Irrigation) के उद्देश्य से बनाया गया है, जहाँ से निकाली गई दायीं और बायीं मुख्य नहरें हाड़ौती क्षेत्र की कृषि के लिए जीवनरेखा मानी जाती हैं।

No comments:

Post a Comment

DEOrbit.cloud - Science GK Paper Solution DE Orbit SOLUTION ...