स्वास्थ्य एवं चिकित्सा
एम्स जोधपुर में दुर्लभ 'लाफिंग एपिलेप्सी' की उन्नत सर्जरी शुरू
दुर्लभ 'हाइपोथैलेमिक हैमरटोमा' और एम्स जोधपुर की बड़ी उपलब्धि
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जोधपुर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह राजस्थान का पहला और देश का दूसरा एम्स बन गया है, जहाँ दुर्लभ 'लाफिंग एपिलेप्सी' (Laughing Epilepsy) की उन्नत सर्जरी उपलब्ध है।
- चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस बीमारी को 'हाइपोथैलेमिक हैमरटोमा' (Hypothalamic Hamartoma) कहा जाता है, जिसके कारण मरीज को 'जेलास्टिक सीजर्स' (Gelastic Seizures) यानी बार-बार हंसने वाले मिर्गी के दौरे पड़ते हैं।
- एम्स के डॉक्टरों की टीम ने इस दुर्लभ मिर्गी से पीड़ित चार बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया है। सर्जरी से पहले इन बच्चों को दिन में 10 से 20 तक मिर्गी के दौरे आते थे, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही थी।
मिनिमल इनवेसिव रेडियोफ्रीक्वेंसी सर्जरी और 'आयुष्मान भारत'
- डॉक्टरों ने इस जटिल बीमारी का इलाज करने के लिए 'न्यूनतम इनवेसिव स्टीरियोटैक्टिक रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन सर्जरी' का उपयोग किया।
- तकनीक: इसमें 'कंप्यूटर गाइडेड स्टीरियोटैक्टिक फ्रेम' का इस्तेमाल करते हुए मस्तिष्क के गहरे हिस्सों में स्थित दौरे उत्पन्न करने वाले ऊतक को सिर्फ एक इंच के छोटे से छेद के माध्यम से सटीक रूप से नष्ट किया जाता है। इससे 'ओपन ब्रेन सर्जरी' (Open Brain Surgery) की आवश्यकता नहीं पड़ती।
- एम्स जोधपुर ने अपना मिर्गी सर्जरी कार्यक्रम वर्ष 2019 में शुरू किया था और अब तक यहाँ 100 से अधिक मिर्गी सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
- सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि ये सभी महंगी और जटिल सर्जरियां केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत योजना' (Ayushman Bharat Yojana) के अंतर्गत पूरी तरह से निःशुल्क की गई हैं।
💡
DEOrbit Exam Note:
एम्स जोधपुर (AIIMS Jodhpur) और आयुष्मान भारत: एम्स जोधपुर की स्थापना वर्ष 2012 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 'प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' (PMSSY) के तहत की गई थी। वर्तमान में इसके कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी हैं। वहीं, 'आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे 23 सितंबर 2018 को रांची (झारखंड) से लॉन्च किया गया था। यह योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।
No comments:
Post a Comment