Wednesday, 22 April 2026

राजव्यवस्था एवं विधिक मामले

लोकसभा सीटों का विस्तार और 'नक्सल मुक्त' भारत

परिसीमन और लोकसभा सीटों की नई रूपरेखा

  • केंद्र सरकार ने लोकसभा सीटों की कुल संख्या को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है।
  • इन प्रस्तावित 816 सीटों में से लगभग 273 सीटें (कुल का 33% हिस्सा) महिलाओं के लिए आरक्षित (Women Reservation) होंगी।
  • यह व्यापक बदलाव वर्ष 2026 की जनगणना (Census) के आधार पर होने वाले परिसीमन (Delimitation) के बाद ही किया जा सकेगा।
  • वर्ड ऑफ़ द डे (Delimitation): इसका अर्थ है जनसंख्या के आधार पर चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं को दोबारा तय करना, ताकि हर क्षेत्र को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके और 'हर वोट की कीमत बराबर' बनी रहे।

आंतरिक सुरक्षा: देश 'नक्सल मुक्त' घोषित

  • गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च तक भारत पूरी तरह से 'नक्सल मुक्त' (Naxal-free) हो चुका है। माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व को लगभग समाप्त कर दिया गया है।
  • वर्ष 2024 की शुरुआत में 21 पोलित ब्यूरो सदस्य सक्रिय थे, जिनमें से अब केवल एक ही सक्रिय बचा है।
  • यह ऐतिहासिक सफलता 'रेड कॉरिडोर ऑपरेशन' (Red Corridor Operation) के तहत मिली है। पिछले 3 वर्षों में इस ऑपरेशन के दौरान 706 माओवादी मारे गए और 4,800 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है।
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DEOrbit Exam Note: परिसीमन आयोग (Delimitation Commission): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 82 के तहत संसद प्रत्येक जनगणना के बाद एक परिसीमन अधिनियम लागू करती है। अब तक भारत में चार बार (1952, 1963, 1973 और 2002) परिसीमन आयोग का गठन किया जा चुका है। 84वें संविधान संशोधन (2001) द्वारा लोकसभा सीटों की संख्या को 2026 तक के लिए फ्रीज (स्थिर) कर दिया गया था।

वोट देने और चुनाव लड़ने का अधिकार 'मौलिक अधिकार' नहीं

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण, बताया केवल 'वैधानिक अधिकार'

  • सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि वोट देने और चुनाव लड़ने का अधिकार 'मौलिक अधिकार' (Fundamental Right) की श्रेणी में नहीं आता है।
  • अदालत के अनुसार, यह केवल एक 'वैधानिक अधिकार' (Statutory Right) है, जो पूरी तरह से कानूनों द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • इसका अर्थ है कि संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत शर्तों, योग्यताओं या अयोग्यताओं के आधार पर इस अधिकार को सीमित किया जा सकता है।

मेघालय: खासी और गारो आधिकारिक भाषाएं घोषित

मुख्य अपडेट

  • मेघालय सरकार ने खासी और गारो भाषाओं को अंग्रेजी के साथ राज्य की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया है।
  • राज्य कैबिनेट ने मेघालय आधिकारिक भाषा अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दी, जिसके बाद अब इन भाषाओं का उपयोग सरकारी कामकाज में हो सकेगा।
  • धार्मिक अपडेट: पंजाब विधानसभा ने एंटी-सैक्रीलेज बिल 2026 सर्वसम्मति से पारित किया, जो धार्मिक ग्रंथों के अपमान के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है।

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