अंतर्राष्ट्रीय संबंध: रूसी संसदीय शिष्टमंडल का भारत दौरा
उच्च स्तरीय बैठकें एवं कूटनीति
- रूसी संघ की फेडरेशन काउंसिल के प्रथम डिप्टी स्पीकर श्री व्लादिमीर याकुशेव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय रूसी संसदीय शिष्टमंडल भारत यात्रा पर आया।
- शिष्टमंडल ने नई दिल्ली में संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की।
- इस बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच) की सफलताओं को रेखांकित किया गया।
आर्थिक एवं व्यापारिक लक्ष्य (Economic Cooperation)
- व्यापार का नया रिकॉर्ड: भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि वर्ष 2025 के लिए निर्धारित 30 अरब डॉलर के लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक है।
- भविष्य का लक्ष्य: दोनों देशों के नेताओं ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का नया लक्ष्य रखा है।
- आर्थिक सहयोग के अलावा अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और रक्षा जैसे नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
संसदीय और बहुपक्षीय सहयोग
- दोनों देशों के संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए फरवरी 2026 में 'भारत-रूस संसदीय मैत्री समूह' का गठन किया गया है।
- लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों देशों के विधानमंडलों के बीच अंतर-संसदीय आयोग की बैठकें फिर से शुरू करने का सुझाव दिया (इसकी पिछली बैठक 2018 में हुई थी)।
- संयुक्त राष्ट्र, G-20, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर चर्चा हुई। भारत की वर्तमान ब्रिक्स अध्यक्षता को रूस द्वारा पूर्ण समर्थन दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy)
- अक्टूबर में रूस के काल्मिकिया (Kalmykia) क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय संग्रहालय से ले जाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली।
- रूस में भारतीय सिनेमा और योग की बढ़ती लोकप्रियता दोनों देशों के लोगों (People-to-People Contact) को करीब ला रही है।
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DEOrbit Exam Note:
रूसी संसद (Russian Parliament): रूस की संसद को 'फेडरल असेंबली' (Federal Assembly) कहा जाता है। इसके दो सदन हैं: निचले सदन को 'स्टेट ड्यूमा' (State Duma) और उच्च सदन को 'फेडरेशन काउंसिल' (Federation Council) कहा जाता है। वर्तमान शिष्टमंडल उच्च सदन का ही प्रतिनिधित्व कर रहा था।
 
भारत-अमेरिका परमाणु समझौते का प्रभाव: क्षमता और उत्पादन में भारी वृद्धि
समझौते के लाभ एवं वर्तमान स्थिति
- वर्ष 2008 के भारत-अमेरिका नागरिक (असैन्य) परमाणु समझौते और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उपायों (IAEA) के तहत भारत के लिए यूरेनियम ईंधन का आयात और विदेशी सहयोग से रिएक्टर लगाना संभव हुआ।
- वर्तमान में देश के 16 परमाणु रिएक्टर (6,380 मेगावाट क्षमता) आयातित ईंधन से संचालित हो रहे हैं (RAPS-1, 100 मेगावाट को छोड़कर)।
परमाणु ऊर्जा क्षमता और उत्पादन के आंकड़े
- NSG (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) की छूट मिलने के बाद, भारत का कुल परमाणु ऊर्जा उत्पादन 2007-08 के 16,956 मिलियन यूनिट से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 56,681 मिलियन यूनिट हो गया है।
- देश की परमाणु ऊर्जा स्थापित क्षमता 2007-08 के 4020 मेगावाट से बढ़कर वर्तमान में 8,780 मेगावाट हो गई है।
- वर्तमान में रूसी संघ के सहयोग से कुडनकुलम (तमिलनाडु) में चार नए रिएक्टर निर्माणाधीन हैं: कुडनकुलम 3 व 4 (2X1000 मेगावाट) और 5 व 6 (2X1000 मेगावाट)।
नागरिक दायित्व (CLND) अधिनियम और चुनौतियां
- भारत ने परमाणु दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए वर्ष 2010 में 'परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व (CLND) अधिनियम' लागू किया था।
- विदेशी आपूर्तिकर्ताओं द्वारा इस अधिनियम की धारा 17(b) (आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का अधिकार) और धारा 46 को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
- इन चिंताओं के कारण जैतापुर (महाराष्ट्र) और कोव्वाडा (आंध्र प्रदेश) में विदेशी सहयोग से लगने वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना प्रभावित हुई है।
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DEOrbit Exam Note:
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG): यह 48 देशों का एक बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था समूह है। यद्यपि भारत NSG का सदस्य नहीं है, फिर भी 2008 के भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद NSG ने भारत को वैश्विक परमाणु व्यापार करने के लिए एक विशेष छूट (Waiver) प्रदान की थी।
 
भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग में नई मजबूती
द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी और व्यापार
- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) के चार वर्ष पूरे हुए।
- द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 तक 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचने की उम्मीद है।
- ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 100% टैरिफ लाइन की पहुंच प्रदान की है।
- 2026 से सभी भारतीय निर्यात वस्तुओं पर शून्य शुल्क लागू होगा।
प्रमुख समझौते और उद्देश्यों
- समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और व्यापारिक अवसरों का सृजन करना है।
- वाणिज्य और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान।
- दोनों देशों के बेहतर बाजार पहुंच के साथ व्यापार बाधाओं का भी लाभ मिलेगा।
- ईसीटीए के तहत, भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र, जैसे कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, गहने, आदि, ऑस्ट्रेलिया के बाजार में बेहतर पहुंच पाएंगे।
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DEOrbit Exam Note:
भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक समझौता (ईसीटीए) दो देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रमुख समझौतों में से एक है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
'टो लैम' (To Lam) चुने गए वियतनाम के नए राष्ट्रपति
दो शीर्ष पदों पर एक साथ काबिज होने वाले पहले नेता
- वियतनाम की नेशनल असेंबली ने कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख टो लैम (To Lam) को देश का नया राष्ट्रपति चुना है।
- वे इसी वर्ष जनवरी में दोबारा कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव चुने गए थे।
- अब राष्ट्रपति बनने के साथ ही वे इन दोनों शीर्ष पदों पर एक साथ काबिज होने वाले देश के पहले नेता बन गए हैं।
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DEOrbit Exam Note:
वियतनाम (Vietnam): यह दक्षिण पूर्व एशिया (South-East Asia) का एक प्रमुख देश है। इसकी राजधानी हनोई (Hanoi) है और यहाँ की आधिकारिक मुद्रा वियतनामी डोंग (Vietnamese Dong) है। यह आसियान (ASEAN) का सदस्य देश है।
WTO के 14वें सम्मेलन में 'याउंडे पैकेज' (Yaounde Package) जारी
ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी की छूट समाप्त
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में 'याउंडे पैकेज' पर सहमति बनी है।
- इस पैकेज के तहत ई-कॉमर्स (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन) पर सीमा शुल्क (Customs Duty) न लगाने का पुराना नियम (Moratorium) खत्म कर दिया गया है।
- अब सभी देश डिजिटल प्रोडक्ट्स (जैसे सॉफ्टवेयर, ई-बुक्स, डिजिटल संगीत आदि) के आयात पर टैक्स लगा सकेंगे।
- इस ऐतिहासिक फैसले का ग्लोबल डिजिटल ट्रेड (Global Digital Trade) पर व्यापक असर पड़ेगा।
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DEOrbit Exam Note:
WTO (विश्व व्यापार संगठन): इसकी स्थापना 1 जनवरी 1995 को हुई थी (मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड)। 'याउंडे' (Yaoundé) अफ्रीकी देश कैमरून (Cameroon) की राजधानी है, जहाँ यह 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) आयोजित किया गया। भारत लंबे समय से इस ई-कॉमर्स टैक्स छूट (Moratorium) को खत्म करने की मांग कर रहा था ताकि विकासशील देशों को राजस्व का नुकसान न हो।
🤝 अंतर्राष्ट्रीय संबंध: भारत-भूटान ऊर्जा साझेदारी और पुनात्सांगचू जलविद्युत परियोजना
केंद्रीय मंत्री की भूटान यात्रा और प्रमुख कूटनीतिक मुलाकातें
- केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल 4-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भूटान पहुंचे हैं।
- उन्होंने भूटान नरेश 'जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक', भूटान के प्रधानमंत्री 'शेरिंग तोबगे' और ऊर्जा मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग से मुलाकात की।
- बातचीत के दौरान भूटान के राष्ट्रीय सेवा कार्यक्रम 'ग्यालसुंग' (Gyal Sung) और सतत विकास के लिए प्रस्तावित 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' (Gelephu Mindfulness City) के दृष्टिकोण पर भी चर्चा की गई।
पुनात्सांगचू-I और पुनात्सांगचू-II (जलविद्युत) पर अहम समझौते
- पुनात्सांगचू-II (1020 मेगावाट): दोनों देशों ने इस परियोजना के 'टैरिफ दर नियम' (Tariff Protocol) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन 11 नवंबर 2025 को किया गया था और 19 सितंबर 2025 से भारत को बिजली निर्यात शुरू हो चुका है।
- पुनात्सांगचू-I (1200 मेगावाट): 10 अप्रैल 2026 को केंद्रीय मंत्री इस परियोजना के बांध में 'कंक्रीट डालने के समारोह' में शामिल हुए, जो इसके निर्माण कार्य आरंभ होने का प्रतीक है।
- रिएक्टिव पावर एक्सचेंज: ग्रिड स्थिरता बढ़ाने और द्विपक्षीय बिजली व्यापार को सुव्यवस्थित करने के लिए 'रिएक्टिव पावर एक्सचेंज संबंधी लेखा प्रणाली' पर भी समझौता किया गया।
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DEOrbit Exam Note:
पुनात्सांगचू नदी (Punatsangchhu River): यह भूटान की एक प्रमुख नदी है, जिसे भारत (असम) में संकोश (Sankosh) नदी के नाम से जाना जाता है। यह आगे चलकर ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है। 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी': यह भूटान के दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्र (असम सीमा के पास) में एक प्रस्तावित मेगा-सिटी प्रोजेक्ट है। भारत ने भूटान में इससे पूर्व 'चूखा' (336 MW), 'कुरुछू' (60 MW), 'ताला' (1020 MW) और 'मांगदेछू' (720 MW) जलविद्युत परियोजनाएं भी सफलतापूर्वक विकसित की हैं।
NH-927 के 'बाराबंकी-बहराइच' 4-लेन राजमार्ग को मंजूरी
भारत-नेपाल सीमा व्यापार को मिलेगा भारी बढ़ावा, यात्रा का समय होगा आधा
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-927 (NH-927) के 4-लेन वाले आधुनिक पहुंच नियंत्रित (एक्सेस कंट्रोल्ड) बाराबंकी-बहराइच खंड के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
- यह रणनीतिक राजमार्ग भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- इस परियोजना से बाराबंकी और बहराइच के बीच यात्रा के समय में 50 प्रतिशत की कमी आएगी (समय 150 मिनट से घटकर मात्र 75 मिनट रह जाएगा)।
- वाहनों की गति भी 40 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे परिवहन लागत और माल की आवाजाही में लगने वाला समय कम होगा।
- तेज गति से यात्रा करने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को नेपाल के बाजारों तक पहुँचने में मदद मिलेगी और जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की बर्बादी कम होगी।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स:
भारत-नेपाल व्यापार: भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जो नेपाल के कुल व्यापार का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कवर करता है। भारत से नेपाल को होने वाला अधिकांश निर्यात 'रुपईडीहा-नेपालगंज' मार्ग से होता है। NH-927 के इस नए खंड के बनने से रुपईडीहा (भारत) और निकटवर्ती नेपालगंज (नेपाल) के बीच संपर्क सुविधा बहुत बेहतर हो जाएगी।
अमेरिका में स्वामी विवेकानंद की पहली आदमकद प्रतिमा का अनावरण
वेस्टलेक स्क्वायर में स्थापित, भारतीय मूर्तिकार ने किया निर्माण
- अमेरिका के वेस्टलेक स्क्वायर में स्वामी विवेकानंद की पहली वास्तविक आकार (Life-size) की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया है।
- यह किसी भी अमेरिकी शहर द्वारा आधिकारिक तौर पर स्थापित उनकी पहली प्रतिमा है।
- इस ऐतिहासिक प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत द्वारा किया गया है।
फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात
द्विपक्षीय संबंधों, महिला सशक्तिकरण और AI के उपयोग पर व्यापक चर्चा
- लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने संसद भवन में 'फ्रांस की सीनेट के फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
- उन्होंने फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद और मित्रवत साझेदारों में से एक बताया और फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा का स्मरण किया।
- राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था।
- अध्यक्ष ने नव-निर्मित संसद भवन में पारित पहले ऐतिहासिक विधेयक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख किया, जो निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करता है।
- उन्होंने नई दिल्ली (2026) और पेरिस (2025) में आयोजित 'एआई (AI) शिखर सम्मेलनों' का जिक्र करते हुए संसदीय कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को सराहा।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स:
महिला भागीदारी और आतंकवाद पर रुख: श्री बिरला ने फ्रांस की संसद में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी (जो 36 प्रतिशत से अधिक है) की विशेष सराहना की। साथ ही, उन्होंने पिछले वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की फ्रांस यात्रा को याद किया और उस दौरान आतंकवाद की फ्रांस द्वारा की गई स्पष्ट निंदा के लिए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।
ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की भेंट
16 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात, भारत-EU व्यापार समझौते पर चर्चा
- ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर महामहिम डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने 16 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से औपचारिक भेंट की।
- यह डॉ. स्टॉकर की पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित घनिष्ठ संबंधों को दर्शाती है।
- राष्ट्रपति ने वर्ष 2024 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक यात्रा का स्मरण किया।
- प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन और AI जैसे नए क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार किया है।
- यह महत्वपूर्ण बैठक 'भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते' (India-EU FTA) के निष्कर्ष के तुरंत बाद हो रही है, जिससे व्यापार और निवेश संबंधों को एक नई गति मिलेगी।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स:
इंडिया-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज: राष्ट्रपति ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बताते हुए, वर्ष 2024 में शुरू किए गए 'इंडिया-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज' की विशेष रूप से सराहना की, जो द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए भारत में विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और एआई (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यापार और निवेश के व्यापक अवसरों पर जोर दिया, क्योंकि दोनों ही 'ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्थाएं' हैं।
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच 6 प्रमुख समझौतों और 9 घोषणाओं पर हस्ताक्षर
ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा के दौरान रक्षा, शिक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर
- ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा (16 अप्रैल 2026) के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 6 महत्वपूर्ण समझौतों/आशय पत्रों और 9 नई घोषणाओं की सूची जारी की गई है।
- प्रमुख समझौते (MoUs/LoIs): दोनों देशों ने 'ऑडियोविज़ुअल सह-निर्माण', सैन्य मामलों में सहयोग, और आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के लिए 'संयुक्त कार्य समूह' (JWG) के गठन पर आशय पत्र (LoI) हस्ताक्षरित किए हैं।
- खाद्य सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने के लिए भारत की एफएसएसएआई (FSSAI) और ऑस्ट्रिया की एजीईएस (AGES) के बीच भी एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों व निवेशकों के लिए एक 'त्वरित प्रक्रिया तंत्र' (Fast Track Mechanism) स्थापित करने की संयुक्त घोषणा की गई है, ताकि व्यावसायिक बाधाओं को दूर किया जा सके।
- प्रमुख घोषणाएं: इनमें 'संस्थागत साइबर सुरक्षा संवाद' का शुभारंभ, 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' का संचालन, और 2026 की शरद ऋतु में वियना में एक 'द्विपक्षीय अंतरिक्ष उद्योग संगोष्ठी' का संयुक्त आयोजन शामिल है।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स:
वेलकम इंडिया पहल (Welcome India Initiative): ऑस्ट्रिया के तीन प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों ने 'वेलकम इंडिया' पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत भारतीय छात्रों को इंजीनियरिंग और तकनीकी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक 'समर्पित पोर्टल' की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम (इनक्यूबेटर और वेंचर कैपिटल नेटवर्क) को जोड़ने के लिए 'भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज' के तहत सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
वाशिंगटन डीसी में 'आर्क डी ट्रम्प' स्मारक
प्रमुख अपडेट
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वाशिंगटन डीसी में 'आर्क डी ट्रम्प' नामक एक विशाल स्मारक बनाने की योजना पेश की है।
- यह लगभग 250 फीट ऊंचा 'ट्रायम्फाल आर्क' होगा, जो आकार में यूएस कैपिटल और लिंकन मेमोरियल जैसे प्रमुख स्मारकों से भी बड़ा होगा।
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