Thursday, 23 April 2026

द्विपक्षीय संबंध एवं कूटनीतिक यात्राएं

अंतर्राष्ट्रीय संबंध: रूसी संसदीय शिष्टमंडल का भारत दौरा

उच्च स्तरीय बैठकें एवं कूटनीति

  • रूसी संघ की फेडरेशन काउंसिल के प्रथम डिप्टी स्पीकर श्री व्लादिमीर याकुशेव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय रूसी संसदीय शिष्टमंडल भारत यात्रा पर आया।
  • शिष्टमंडल ने नई दिल्ली में संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की।
  • इस बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच) की सफलताओं को रेखांकित किया गया।

आर्थिक एवं व्यापारिक लक्ष्य (Economic Cooperation)

  • व्यापार का नया रिकॉर्ड: भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि वर्ष 2025 के लिए निर्धारित 30 अरब डॉलर के लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक है।
  • भविष्य का लक्ष्य: दोनों देशों के नेताओं ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का नया लक्ष्य रखा है।
  • आर्थिक सहयोग के अलावा अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और रक्षा जैसे नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

संसदीय और बहुपक्षीय सहयोग

  • दोनों देशों के संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए फरवरी 2026 में 'भारत-रूस संसदीय मैत्री समूह' का गठन किया गया है।
  • लोकसभा अध्यक्ष ने दोनों देशों के विधानमंडलों के बीच अंतर-संसदीय आयोग की बैठकें फिर से शुरू करने का सुझाव दिया (इसकी पिछली बैठक 2018 में हुई थी)।
  • संयुक्त राष्ट्र, G-20, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर चर्चा हुई। भारत की वर्तमान ब्रिक्स अध्यक्षता को रूस द्वारा पूर्ण समर्थन दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy)

  • अक्टूबर में रूस के काल्मिकिया (Kalmykia) क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय संग्रहालय से ले जाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली।
  • रूस में भारतीय सिनेमा और योग की बढ़ती लोकप्रियता दोनों देशों के लोगों (People-to-People Contact) को करीब ला रही है।
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DEOrbit Exam Note: रूसी संसद (Russian Parliament): रूस की संसद को 'फेडरल असेंबली' (Federal Assembly) कहा जाता है। इसके दो सदन हैं: निचले सदन को 'स्टेट ड्यूमा' (State Duma) और उच्च सदन को 'फेडरेशन काउंसिल' (Federation Council) कहा जाता है। वर्तमान शिष्टमंडल उच्च सदन का ही प्रतिनिधित्व कर रहा था।

 

फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात

द्विपक्षीय संबंधों, महिला सशक्तिकरण और AI के उपयोग पर व्यापक चर्चा

  • लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने संसद भवन में 'फ्रांस की सीनेट के फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
  • उन्होंने फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद और मित्रवत साझेदारों में से एक बताया और फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा का स्मरण किया।
  • राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था।
  • अध्यक्ष ने नव-निर्मित संसद भवन में पारित पहले ऐतिहासिक विधेयक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख किया, जो निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करता है।
  • उन्होंने नई दिल्ली (2026) और पेरिस (2025) में आयोजित 'एआई (AI) शिखर सम्मेलनों' का जिक्र करते हुए संसदीय कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को सराहा।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: महिला भागीदारी और आतंकवाद पर रुख: श्री बिरला ने फ्रांस की संसद में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी (जो 36 प्रतिशत से अधिक है) की विशेष सराहना की। साथ ही, उन्होंने पिछले वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की फ्रांस यात्रा को याद किया और उस दौरान आतंकवाद की फ्रांस द्वारा की गई स्पष्ट निंदा के लिए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की भेंट

16 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात, भारत-EU व्यापार समझौते पर चर्चा

  • ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर महामहिम डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने 16 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से औपचारिक भेंट की।
  • यह डॉ. स्टॉकर की पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित घनिष्ठ संबंधों को दर्शाती है।
  • राष्ट्रपति ने वर्ष 2024 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक यात्रा का स्मरण किया।
  • प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन और AI जैसे नए क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार किया है।
  • यह महत्वपूर्ण बैठक 'भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते' (India-EU FTA) के निष्कर्ष के तुरंत बाद हो रही है, जिससे व्यापार और निवेश संबंधों को एक नई गति मिलेगी।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: इंडिया-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज: राष्ट्रपति ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बताते हुए, वर्ष 2024 में शुरू किए ঝাঁপ किए गए 'इंडिया-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज' की विशेष रूप से सराहना की, जो द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए भारत में विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और एआई (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यापार और निवेश के व्यापक अवसरों पर जोर दिया, क्योंकि दोनों ही 'ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्थाएं' हैं।

भारत-दक्षिण कोरिया: MSME क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता

द्विपक्षीय व्यापार एवं तकनीकी साझेदारी

  • भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2026 को दक्षिण कोरिया के 'एसएमई और स्टार्टअप मंत्रालय' के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  • यह समझौता दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति 'ली जे म्युंग' के नेतृत्व में भारत आए उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक यात्रा के दौरान संपन्न हुआ।
  • इस MoU का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक 'व्यवस्थित ढांचा' स्थापित करना है, जिससे MSME से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर सतत संवाद को सक्षम बनाया जा सके।
  • इसके तहत सूचनाओं और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, श्रेष्ठ प्रथाओं (Best Practices) को साझा करने तथा व्यावसायिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को व्यापारिक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
  • यह साझेदारी समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन के प्रमुख प्रेरक के रूप में MSME को सशक्त बनाने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: * संबंधित मंत्रालय: इस द्विपक्षीय समझौते में भारत का 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय' और दक्षिण कोरिया का 'एसएमई और स्टार्टअप मंत्रालय' शामिल हैं। * मुख्य लक्ष्य: यह समझौता दोनों देशों के उद्यमों के बीच आपसी संपर्क और सहभागिता को मजबूत करने हेतु संयुक्त पहलों का समर्थन करेगा तथा एक-दूसरे के MSME इको-सिस्टम की गहन समझ विकसित करेगा।

भारत-जर्मनी द्विपक्षीय रक्षा वार्ता: रक्षा मंत्री की बर्लिन यात्रा

रणनीतिक साझेदारी और नए रक्षा समझौते

  • भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 22 अप्रैल 2026 को बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष (रक्षा मंत्री) बोरिस पिस्टोरियस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
  • इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच 'वर्गीकृत सूचनाओं के आदान-प्रदान' (Exchange of Classified Information) पर एक समझौते और 'रक्षा परीक्षण एवं प्रमाणन' पर एक आशय पत्र (Declaration of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • वार्ता में रक्षा उपकरणों के सह-विकास (Co-development) और सह-उत्पादन (Co-production) के साथ-साथ जर्मन आपूर्ति श्रृंखलाओं को भारतीय रक्षा विनिर्माण के साथ एकीकृत करने पर विशेष जोर दिया गया।
  • रक्षा मंत्री ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों की बिना किसी अपवाद या औचित्य के निंदा की जानी चाहिए।
  • भारत और जर्मनी ने वर्ष 2025 में अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और अब दोनों देश इस सहयोग को एक 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदलने की ओर अग्रसर हैं।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: बेंडलरब्लॉक स्मारक (Bendlerblock Memorial): अपनी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने बर्लिन स्थित इस ऐतिहासिक स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक उन जर्मन सैन्य अधिकारियों को समर्पित है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तानाशाह एडॉल्फ हिटलर की हत्या का साहसिक प्रयास किया था।

चार देशों के दूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए

राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह

  • राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 23 अप्रैल, 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में चार देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों से उनके परिचय पत्र स्वीकार किए।
  • जिन विदेशी दूतों ने अपने प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, उनका विवरण इस प्रकार है:
  • लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक: राजदूत श्रीमती बौनमी ज़ायवोंग।
  • कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य: राजदूत श्रीमती एमिलिया अयाजा मुहोबेकया।
  • नामीबिया गणराज्य: उच्चायुक्त विंग कमांडर एलेक्स नुन्यातो टुकुहापवेले (सेवानिवृत्त)।
  • गिनी-बिसाऊ गणराज्य: राजदूत श्री एंटोनियो सेरिफो एम्बालो।
DEOrbit परीक्षा नोट्स (राजदूत बनाम उच्चायुक्त): * क्या आपने ध्यान दिया? इस सूची में नामीबिया के प्रतिनिधि को 'उच्चायुक्त' (High Commissioner) कहा गया है, जबकि अन्य तीन देशों (लाओ, कांगो, गिनी-बिसाऊ) के प्रतिनिधियों को 'राजदूत' (Ambassador) लिखा गया है। * कारण: जो देश 'राष्ट्रमंडल' (Commonwealth of Nations) के सदस्य हैं (जैसे भारत और नामीबिया), वे एक-दूसरे के यहां अपने राजनयिकों को 'उच्चायुक्त' के रूप में नियुक्त करते हैं। वहीं, जो देश राष्ट्रमंडल का हिस्सा नहीं हैं, उनके राजनयिक प्रतिनिधियों को 'राजदूत' कहा जाता है।

काहिरा में भारत-मिस्र 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक

बैठक के मुख्य बिंदु और द्विपक्षीय योजना

  • भारत और मिस्र की संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की 11वीं बैठक 20 से 22 अप्रैल, 2026 तक मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित की गई।
  • इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) श्री अमिताभ प्रसाद ने किया।
  • दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की है।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, सैन्य अभ्यासों के दायरे को बढ़ाना और रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • बैठक के दौरान 'नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता' का भी उद्घाटन किया गया।

रक्षा निर्यात और ऐतिहासिक श्रद्धांजलि

  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र को अवगत कराया कि भारत का रक्षा निर्यात अब 100 से अधिक देशों को लगभग 4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य तक पहुँच चुका है।
  • भारतीय दल ने मिस्र की वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल महमूद फौद अब्देल गवाद से भी मुलाकात की।
  • प्रतिनिधिमंडल ने हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक (Heliopolis War Cemetery) पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
DEOrbit परीक्षा नोट्स: भारत और मिस्र की रक्षा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री की मिस्र यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) था। इसी आधार पर आगे बढ़ते हुए, वर्ष 2023 में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' (Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया गया था।

भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति (JTC) की 10वीं बैठक: नैरोबी

बैठक का आयोजन और द्विपक्षीय व्यापार

  • भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति (JTC) का 10वां सत्र 27-28 अप्रैल, 2026 को नैरोबी, केन्या में आयोजित किया गया।
  • इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और केन्या गणराज्य की व्यापार विभाग की प्रधान सचिव सुश्री रेजिना अकोटा ओम्बाम ने की।
  • बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की समीक्षा करना और उसे और अधिक मजबूत बनाना था।
वित्तीय वर्ष द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य वृद्धि दर
2024-25 3.45 अरब अमेरिकी डॉलर -
2025-26 4.31 अरब अमेरिकी डॉलर 24.91 प्रतिशत की भारी वृद्धि

प्रमुख समझौते (MoU) और रणनीतिक पहल

  • सीमा शुल्क सहयोग: व्यापार में आसानी और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और केन्या राजस्व प्राधिकरण (KRA) के बीच 'आगमन से पहले सीमा शुल्क सूचनाओं के आदान-प्रदान' पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • स्थानीय मुद्रा में व्यापार: डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए 'स्थानीय मुद्रा निपटान' (LCS) तंत्र अपनाने पर चर्चा हुई; केन्याई बैंकों ने द्विपक्षीय लेन-देन को सुगम बनाने के लिए भारतीय बैंकों के साथ 'विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते' (SRVA) खोले हैं।
  • मानकीकरण: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और केन्या मानक ब्यूरो (KEBS) के बीच अनुरूपता मूल्यांकन और सहयोग बढ़ाने पर प्रगति की समीक्षा की गई।
  • भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और भारत-केन्या वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर के बीच भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार

क्षेत्र (Sector) सहयोग के मुख्य बिंदु
इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेलवे भारत ने केन्या के मानक गेज रेलवे के लिए व्यवहार्यता अध्ययन, परियोजना प्रबंधन और रोलिंग स्टॉक (ट्रेन के डिब्बे) की आपूर्ति में सहायता की पेशकश की है, साथ ही भारतीय शिपयार्डों के साथ जहाज निर्माण पर भी चर्चा हुई।
फार्मास्युटिकल्स भारत ने केन्या को सस्ती जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
डिजिटल और ऊर्जा केन्या ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। दोनों देशों ने UPI भुगतान प्रणालियों और इंडिया स्टैक के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
क्षमता निर्माण भारत ITEC (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम, ई-विद्या डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म और 'स्टडी इन इंडिया' (Study in India) कार्यक्रम के तहत केन्या को सहायता प्रदान करेगा।
DEOrbit परीक्षा नोट्स: भारत वर्तमान में केन्या के सबसे प्रमुख व्यापारिक भागीदारों में से एक है। व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए इस बैठक के दौरान CII और केन्या राष्ट्रीय वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर (KNCCI) द्वारा 'भारत-केन्या संयुक्त व्यापार परिषद' का भी आयोजन किया गया। केन्याई बैंकों द्वारा भारत में खोले गए 'विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते' (SRVA) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और 'रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण' (Internationalisation of Rupee) की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम है।


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