Thursday, 23 April 2026

अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं रणनीतिक समझौते

भारत-अमेरिका परमाणु समझौते का प्रभाव: क्षमता और उत्पादन में भारी वृद्धि

समझौते के लाभ एवं वर्तमान स्थिति

  • वर्ष 2008 के भारत-अमेरिका नागरिक (असैन्य) परमाणु समझौते और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उपायों (IAEA) के तहत भारत के लिए यूरेनियम ईंधन का आयात और विदेशी सहयोग से रिएक्टर लगाना संभव हुआ।
  • वर्तमान में देश के 16 परमाणु रिएक्टर (6,380 मेगावाट क्षमता) आयातित ईंधन से संचालित हो रहे हैं (RAPS-1, 100 मेगावाट को छोड़कर)।

परमाणु ऊर्जा क्षमता और उत्पादन के आंकड़े

  • NSG (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) की छूट मिलने के बाद, भारत का कुल परमाणु ऊर्जा उत्पादन 2007-08 के 16,956 मिलियन यूनिट से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 56,681 मिलियन यूनिट हो गया है।
  • देश की परमाणु ऊर्जा स्थापित क्षमता 2007-08 के 4020 मेगावाट से बढ़कर वर्तमान में 8,780 मेगावाट हो गई है।
  • वर्तमान में रूसी संघ के सहयोग से कुडनकुलम (तमिलनाडु) में चार नए रिएक्टर निर्माणाधीन हैं: कुडनकुलम 3 व 4 (2X1000 मेगावाट) और 5 व 6 (2X1000 मेगावाट)।

नागरिक दायित्व (CLND) अधिनियम और चुनौतियां

  • भारत ने परमाणु दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने के लिए वर्ष 2010 में 'परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व (CLND) अधिनियम' लागू किया था।
  • विदेशी आपूर्तिकर्ताओं द्वारा इस अधिनियम की धारा 17(b) (आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का अधिकार) और धारा 46 को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
  • इन चिंताओं के कारण जैतापुर (महाराष्ट्र) और कोव्वाडा (आंध्र प्रदेश) में विदेशी सहयोग से लगने वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना प्रभावित हुई है।
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DEOrbit Exam Note: परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG): यह 48 देशों का एक बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था समूह है। यद्यपि भारत NSG का सदस्य नहीं है, फिर भी 2008 के भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद NSG ने भारत को वैश्विक परमाणु व्यापार करने के लिए एक विशेष छूट (Waiver) प्रदान की थी।

 

भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग में नई मजबूती

द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी और व्यापार

  • भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) के चार वर्ष पूरे हुए।
  • द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 तक 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचने की उम्मीद है।
  • ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 100% टैरिफ लाइन की पहुंच प्रदान की है।
  • 2026 से सभी भारतीय निर्यात वस्तुओं पर शून्य शुल्क लागू होगा।

प्रमुख समझौते और उद्देश्यों

  • समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और व्यापारिक अवसरों का सृजन करना है।
  • वाणिज्य और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान।
  • दोनों देशों के बेहतर बाजार पहुंच के साथ व्यापार बाधाओं का भी लाभ मिलेगा।
  • ईसीटीए के तहत, भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र, जैसे कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, गहने, आदि, ऑस्ट्रेलिया के बाजार में बेहतर पहुंच पाएंगे।
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DEOrbit Exam Note: भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक समझौता (ईसीटीए) दो देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रमुख समझौतों में से एक है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

WTO के 14वें सम्मेलन में 'याउंडे पैकेज' (Yaounde Package) जारी

ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी की छूट समाप्त

  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में 'याउंडे पैकेज' पर सहमति बनी है।
  • इस पैकेज के तहत ई-कॉमर्स (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन) पर सीमा शुल्क (Customs Duty) न लगाने का पुराना नियम (Moratorium) खत्म कर दिया गया है।
  • अब सभी देश डिजिटल प्रोडक्ट्स (जैसे सॉफ्टवेयर, ई-बुक्स, डिजिटल संगीत आदि) के आयात पर टैक्स लगा सकेंगे।
  • इस ऐतिहासिक फैसले का ग्लोबल डिजिटल ट्रेड (Global Digital Trade) पर व्यापक असर पड़ेगा।
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DEOrbit Exam Note: WTO (विश्व व्यापार संगठन): इसकी स्थापना 1 जनवरी 1995 को हुई थी (मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड)। 'याउंडे' (Yaoundé) अफ्रीकी देश कैमरून (Cameroon) की राजधानी है, जहाँ यह 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) आयोजित किया गया। भारत लंबे समय से इस ई-कॉमर्स टैक्स छूट (Moratorium) को खत्म करने की मांग कर रहा था ताकि विकासशील देशों को राजस्व का नुकसान न हो।

भारत और ऑस्ट्रिया के बीच 6 प्रमुख समझौतों और 9 घोषणाओं पर हस्ताक्षर

ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा के दौरान रक्षा, शिक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर

  • ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा (16 अप्रैल 2026) के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 6 महत्वपूर्ण समझौतों/आशय पत्रों और 9 नई घोषणाओं की सूची जारी की गई है।
  • प्रमुख समझौते (MoUs/LoIs): दोनों देशों ने 'ऑडियोविज़ुअल सह-निर्माण', सैन्य मामलों में सहयोग, और आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के लिए 'संयुक्त कार्य समूह' (JWG) के गठन पर आशय पत्र (LoI) हस्ताक्षरित किए हैं।
  • खाद्य सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने के लिए भारत की एफएसएसएआई (FSSAI) और ऑस्ट्रिया की एजीईएस (AGES) के बीच भी एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  • भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों व निवेशकों के लिए एक 'त्वरित प्रक्रिया तंत्र' (Fast Track Mechanism) स्थापित करने की संयुक्त घोषणा की गई है, ताकि व्यावसायिक बाधाओं को दूर किया जा सके।
  • प्रमुख घोषणाएं: इनमें 'संस्थागत साइबर सुरक्षा संवाद' का शुभारंभ, 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' का संचालन, और 2026 की शरद ऋतु में वियना में एक 'द्विपक्षीय अंतरिक्ष उद्योग संगोष्ठी' का संयुक्त आयोजन शामिल है।
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DEOrbit परीक्षा नोट्स: वेलकम इंडिया पहल (Welcome India Initiative): ऑस्ट्रिया के तीन प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों ने 'वेलकम इंडिया' पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत भारतीय छात्रों को इंजीनियरिंग और तकनीकी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक 'समर्पित पोर्टल' की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम (इनक्यूबेटर और वेंचर कैपिटल नेटवर्क) को जोड़ने के लिए 'भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज' के तहत सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

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