शिक्षा, कौशल एवं रोजगार
तेलंगाना ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए बिल पारित किया
गिग वर्कर्स के लिए सुरक्षा विधान
- तेलंगाना असेंबली ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए एक विस्तारिक कानून पारित किया।
- यह बिल गिग वर्कर्स को स्पष्ट सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
- महिला और विकलांग व्यक्तियों के प्रतिनिधित्व के साथ एक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की स्थापना।
- संरचना परिवर्तन के तहत, अग्रीगेटर अपने लेनदेन का 2% राज्य प्रबंधित कल्याण कोष में योगदान करेंगे।
- बीमा, पेंशन और मातृत्व लाभ प्रदान करने के लिए इस कोष का उपयोग किया जाएगा।
- उपायालय प्रणाली का परिचय, और भुगतान पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य किया गया है।
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DEOrbit Exam Note:
भारत में गिग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है, और ऐसे कानून गिग वर्कर्स को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा: CBSE में कक्षा 3 से लागू होगा 'AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग' का नया पाठ्यक्रम
नए पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदु एवं उद्देश्य
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूली पाठ्यक्रम में एक बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है।
- अब कक्षा 3 से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' और 'कंप्यूटेशनल थिंकिंग' को एक नए विषय के रूप में शामिल किया जाएगा।
- यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के विजन के अनुरूप उठाया गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को छोटी उम्र से ही भविष्य की तकनीकी चुनौतियों (जैसे कोडिंग, रोबोटिक्स और डेटा साइंस) के लिए तैयार करना है।
- इस नए विषय में पारंपरिक रटने वाली परीक्षा के बजाय छात्रों के 'निरंतर और व्यावहारिक मूल्यांकन' (Continuous Practical Assessment) पर जोर दिया जाएगा, ताकि उनकी तार्किक क्षमता (Logical reasoning) का विकास हो सके।
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DEOrbit Exam Note:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: भारत की यह नई शिक्षा नीति इसरो (ISRO) के पूर्व प्रमुख डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इसने 1986 की पुरानी शिक्षा नीति की जगह ली है और स्कूली शिक्षा के पुराने '10+2' ढांचे को बदलकर नया '5+3+3+4' का ढांचा लागू किया है।
NCVET क्षमता निर्माण कार्यशाला और कौशल विकास में डिजिटल नवाचार
NCVET कार्यशाला का आयोजन और क्षमता निर्माण के प्रमुख उद्देश्य
- कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत 'राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद' (NCVET) द्वारा 7 अप्रैल, 2026 को कौशल भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण एक-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
- इस 'क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यशाला' का औपचारिक उद्घाटन कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा किया जाएगा।
- इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं (Awarding Bodies - AB) की कार्य-प्रणालियों में सुधार लाना और नियामक संरचनाओं (Regulatory structures) के प्रति उनमें जागरूकता बढ़ाना है।
- कार्यशाला के माध्यम से राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) को अधिक मजबूती से स्थापित करने और व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
- इस उच्च स्तरीय बैठक में NCVET की अध्यक्ष श्रीमती देबाश्री मुखर्जी और कार्यकारी सदस्य प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और हितधारक उपस्थित रहेंगे।
डिजिटल एकीकरण, नए मॉड्यूल्स का शुभारंभ और पैनल चर्चा
- उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा NCVET के अत्यंत महत्वपूर्ण 'रोजगार कौशल मॉड्यूल' (Employability Skills Module) का आधिकारिक अनावरण किया जाएगा।
- इसके साथ ही, परिषद के कार्यों और उपलब्धियों को रेखांकित करने वाले NCVET के द्विवार्षिक न्यूज़लेटर (Bi-annual Newsletter) का भी विमोचन किया जाएगा।
- तकनीकी सत्रों में कौशल विकास प्रणालियों को पारदर्शी बनाने के लिए कौशलवर्स (Kaushalverse), एसआईडीएच (SIDH - Skill India Digital Hub), एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और डिजिलॉकर (DigiLocker) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपनाने पर विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- सरकारी योजनाओं और सामान्य शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (VET) को सुदृढ़ रूप से एकीकृत करने के उपायों पर एक गहन पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी।
- इस विस्तृत चर्चा में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और निकायों जैसे UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग), CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और DGT (प्रशिक्षण महानिदेशालय) के विशेषज्ञ शामिल होकर अपनी रणनीति साझा करेंगे।
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DEOrbit Exam Note:
(Hindi): राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET): NCVET भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत एक अति-महत्वपूर्ण विनियामक (Regulatory) निकाय है। इसकी स्थापना 5 दिसंबर 2018 को 'राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी' (NSDA) और 'राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद' (NCVT) का विलय करके की गई थी। इसका मुख्य कार्य भारत में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी संस्थाओं (जैसे Awarding Bodies और Assessment Agencies) को मान्यता देना और उनका नियमन करना है।
एमएसएमई मंत्रालय: बिहार में प्रौद्योगिकी केंद्र और एक्सटेंशन सेंटर्स का उद्घाटन
उद्घाटन समारोह और प्रमुख अवसंरचना
- केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से बिहार में कई महत्वपूर्ण एमएसएमई अवसंरचनाओं का उद्घाटन किया।
- उद्घाटन किए गए केंद्रों में शामिल हैं:
- प्रौद्योगिकी केंद्र (Technology Centre): बिहटा, पटना (बिहार) में।
- प्रौद्योगिकी केंद्र के एक्सटेंशन सेंटर: मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर (बिहार) में।
- प्रौद्योगिकी केंद्र के एक्सटेंशन सेंटर: दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) और बोकारो (झारखंड) में।
- इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हब योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और एमएसएमई के लाभार्थियों को टूलकिट भी वितरित किए गए।
बिहटा (पटना) प्रौद्योगिकी केंद्र: सुविधाएं और क्षमता
| विशेषता / क्षेत्र | संबंधित विवरण और लाभ |
|---|---|
| परियोजना लागत और निवेश | बिहटा में यह प्रौद्योगिकी केंद्र 111 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया गया है। |
| प्रशिक्षण और कौशल विकास | यह केंद्र प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करेगा। इसमें 1,200 एमएसएमई को आईओटी (IoT), सीएनसी (CNC) मशीनिंग, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, एआई (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा। |
| तकनीकी सुविधाएं | यह केंद्र अत्याधुनिक सीएनसी मशीनिंग, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग (3D Printing), पीएलसी (PLC) ऑटोमेशन, हाइड्रोलिक्स और न्यूमैटिक्स (Pneumatics) जैसी सुविधाओं से लैस है। |
एमएसएमई विकास में बिहार और अन्य राज्यों का योगदान
- केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह कदम विकसित भारत के निर्माण में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है और बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
- बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहटा में कौशल विकास केंद्र की स्थापना से युवाओं को उन्नत कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे वे उद्योग-अनुकूल बन सकेंगे।
- एमएसएमई मंत्रालय पूरे देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का एक मजबूत नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए मंत्रालय प्रौद्योगिकी उन्नयन, कौशल विकास और बाजार पहुंच पर विशेष ध्यान दे रहा है।
DEOrbit परीक्षा नोट्स:
एमएसएमई मंत्रालय द्वारा स्थापित किए जाने वाले 'प्रौद्योगिकी केंद्र' (Technology Centres) उन्नत विनिर्माण, कौशल विकास और उद्योगों (विशेष रूप से एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकी सहायता (जैसे टूलिंग, डिजाइनिंग और टेस्टिंग) प्रदान करने के लिए स्थापित किए जाते हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूत करना और भारतीय एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
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