बैंकिंग, वित्त एवं निवेश
12 साल के रिकॉर्ड उछाल पर पहुंचा रुपया, RBI की 'डॉलर-बिक्री' से आया बदलाव
रुपये की कीमत में रिकॉर्ड रिकवरी और बाजार पर प्रभाव
- भारतीय मुद्रा (रुपये) में अचानक 12 साल का सबसे बड़ा रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है, जिसने शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना दिया।
- विदेशी मुद्रा बाजार (Forex market) में डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से मजबूत हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप सेंसेक्स (Sensex) में 2023 अंकों की भारी रिकवरी देखने को मिली।
- रुपये में आई यह अचानक मजबूती बाजार के सामान्य रुझान के कारण नहीं, बल्कि मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सीधे हस्तक्षेप (Direct Intervention) का परिणाम है।
कैसे काम करता है RBI का हस्तक्षेप (Forex Intervention)?
- जब बाजार में डॉलर की मांग बहुत ज्यादा हो जाती है और रुपया तेजी से गिरने लगता है, तब RBI बाजार में अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) से भारी मात्रा में डॉलर बेचना शुरू कर देता है।
- बाजार में डॉलर की आपूर्ति (Supply) बढ़ने से उसकी कीमत घटती है और रुपये को कृत्रिम रूप से समर्थन (Support) मिलता है। इस बार भी RBI ने यही रणनीति अपनाई है।
- भारत का विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में 700 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है, जो RBI को रुपये की विनिमय दर (Exchange Rate) में अस्थिरता को नियंत्रित करने की असीम ताकत देता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने लॉन्च किया AI-संचालित बहुभाषी मंच 'बॉब संवाद'
'बॉब संवाद' का शुभारंभ और मुख्य उद्देश्य
- वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव श्री एम. नागराजू ने 28 मार्च, 2026 को मुंबई में औपचारिक तौर पर बैंक ऑफ बड़ौदा के 'बॉब संवाद' (BOB Samvaad) का आरंभ किया।
- यह एआई-संचालित (AI-driven) बहुभाषी विशिष्ट संवाद मंच है, जिसका मुख्य उद्देश्य बैंक शाखाओं में ग्राहकों के साथ संवाद को बेहतर और सहज बनाना है।
- यह भारत में किसी भी बैंक द्वारा स्थापित अपनी तरह का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जो भाषा संबंधी परेशानियों को दूर कर ग्राहकों और कर्मचारियों को उनकी पसंदीदा भाषा में बातचीत करने की सुविधा देता है।
तकनीकी क्षमता: 22 भाषाओं में वास्तविक समय (Real-time) अनुवाद
- 'बॉब संवाद' बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा पूर्णतया स्व-विकसित (In-house developed) एक उन्नत एआई प्लेटफॉर्म है।
- यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म भारत की भाषाई विविधता को अपनाते हुए 22 भाषाओं में वास्तविक समय (Real-time) और कम विलंबता (Low-latency) के साथ दो-तरफा संचार करने में सक्षम है।
- इसमें ग्राहकों की सुविधा के लिए बातचीत स्क्रीन पर टेक्स्ट (Text) के रूप में भी प्रदर्शित होती है, और जो ग्राहक पढ़ने की बजाय सुनना पसंद চুক্ত करते हैं उनके लिए 'वॉयस मोड' (Voice Mode) भी उपलब्ध है।
- पहले चरण (Pilot phase) में इसे तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की 250 शाखाओं में स्थापित किया जाएगा।
पर्यावरण पहल: 'बॉब फॉरेस्ट' (BOB Forest) का उद्घाटन
- बैंकिंग नवाचारों के साथ-साथ, डीएफएस सचिव ने बैंक ऑफ बड़ौदा की एक और हरित पहल 'बॉब फॉरेस्ट' का भी दौरा किया।
- यह 'बॉब फॉरेस्ट' मुंबई में बैंक के बीकेसी (BKC) कार्यालय में 6,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बनाया गया एक हरित उद्यान है जो जैव विविधता को बढ़ावा देता है।
- यह पहल बैंक के पूर्व में स्थापित 'बॉब अर्थ' (BOB Earth), 'ग्रीन डिपॉजिट्स' (Green Deposits) और 'ग्रीन बॉन्ड्स' (Green Bonds) जैसी पर्यावरण अनुकूल प्रतिबद्धताओं का ही एक विस्तार है।
(Hindi): 8वीं अनुसूची और वित्तीय समावेशन: 'बॉब संवाद' में 22 भाषाओं का उल्लेख भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची (8th Schedule) को दर्शाता है, जिसमें वर्तमान में 22 आधिकारिक भाषाएँ शामिल हैं (मूल संविधान में 14 थीं)। इस प्रकार की AI तकनीकें देश में 'वित्तीय समावेशन' (Financial Inclusion) को बढ़ावा देती हैं, जहाँ भाषा अब बैंकिंग सेवाओं में कोई बाधा नहीं रहेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) भारत का एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसका मुख्यालय वडोदरा (गुजरात) में स्थित है।
(English): 8th Schedule & Financial Inclusion: The mention of 22 languages in 'BOB Samvaad' reflects the 8th Schedule of the Indian Constitution, which currently recognizes 22 official languages (originally 14). Such AI technologies heavily promote 'Financial Inclusion' in the country, ensuring language is no longer a barrier to banking services. Bank of Baroda (BoB) is a major public sector bank in India, headquartered in Vadodara (Gujarat).
सरकार ने लॉन्च किया 'स्पेस वेंचर कैपिटल फंड'
अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी (Private Sector) को बढ़ावा
- भारत सरकार ने देश के अंतरिक्ष क्षेत्र (Space Sector) में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'स्पेस वेंचर कैपिटल फंड' लॉन्च किया है।
- इस फंड के तहत निवेश की प्रक्रिया वर्ष 2027 की पहली तिमाही से शुरू की जाएगी।
- यह फंड विशेष रूप से उन अंतरिक्ष कंपनियों पर फोकस करेगा जिनका 'टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल' (TRL) चार (4) या उससे अधिक है।
भारत की 'डिजिटल भुगतान क्रांति' और UPI का वैश्विक दबदबा
'JAM ट्रिनिटी' से लेकर 46% वैश्विक रियल-टाइम भुगतान तक का सफर
- भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिसका मुख्य आधार 'JAM ट्रिनिटी' (जनधन, आधार और मोबाइल) है।
- वर्ष 2016 में NPCI द्वारा लॉन्च किए गए 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (UPI) ने देश में लेन-देन को तेज, सरल और समावेशी बना दिया है।
- आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम भुगतान लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत हो गई है, और देश के सभी खुदरा डिजिटल भुगतानों में UPI की हिस्सेदारी 81% है।
- सरकार ने 'प्रत्यक्ष लाभ अंतरण' (DBT) के माध्यम से बिचौलियों को खत्म कर दिया है, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है।
- भारत का UPI अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है, जिसे सिंगापुर, यूएई, मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका और फ्रांस जैसे कई देशों में अपनाया जा रहा है।
भारत के कुल लोन में महिलाओं की हिस्सेदारी 26% तक पहुंची
नीति आयोग की 'फ्रॉम बॉरोअर्स टू बिल्डर' रिपोर्ट के आंकड़े
- नीति आयोग द्वारा जारी 'फ्रॉम बॉरोअर्स टू बिल्डर' रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय समावेशन में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
- भारत के कुल ऋण (लोन) में महिलाओं की हिस्सेदारी 76 लाख करोड़ रुपये (यानी 26%) तक पहुंच गई है।
- वर्ष 2017 से 2025 के बीच महिलाओं के लोन लेने के पोर्टफोलियो में 4.8 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
LIC ने लॉन्च किए 'मायएलआईसी' और 'सुपर सेल्स साथी' मोबाइल ऐप
'DIVE' पहल के तहत ग्राहकों और एजेंटों के लिए डिजिटल क्रांति
- वित्तीय सेवा विभाग (वित्त मंत्रालय) के सचिव बी. एम. नागराजू ने मुंबई में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के दो नए मोबाइल ऐप— 'मायएलआईसी' (MyLIC) और 'सुपर सेल्स साथी' (Super Sales Saathi) का शुभारंभ किया है।
- मायएलआईसी (MyLIC) ऐप: यह पूरी तरह से ग्राहकों (Policyholders) पर केंद्रित है। इसमें प्रीमियम का तुरंत भुगतान, दस्तावेज़ के बिना पॉलिसी ऋण (Loan) का लाभ, लंबित पॉलिसियों को फिर से चालू करना और दस्तावेज़-रहित ई-केवाईसी (e-KYC) जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
- सुपर सेल्स साथी ऐप: यह ऐप LIC के मध्यस्थों (Agents) और क्षेत्रीय कर्मियों के लिए विशेष रूप से बनाया गया है। इसमें डिजिटल बिक्री उपकरण, ग्राहकों के साथ एकीकृत संचार और ग्राहक मूल्य वृद्धि के लिए 'एआई-संचालित संकेत' (AI-driven prompts) जैसी अत्याधुनिक क्षमताएं शामिल हैं।
- ये दोनों मोबाइल ऐप्स LIC के 'डाइव' (DIVE - डिजिटल नवाचार और मूल्य संवर्धन) डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदान किए जा रहे हैं।
NBCFDC ने वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज किया रिकॉर्ड प्रदर्शन
₹613.75 करोड़ का सर्वाधिक ऋण वितरण, 61 हजार से अधिक को मिला लाभ
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम' (NBCFDC) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान शानदार प्रदर्शन किया है।
- निगम ने इस वर्ष ₹613.75 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक ऋण वितरण किया, जिससे 61,621 लाभार्थियों को सीधा लाभ मिला (यह पिछले वर्ष की तुलना में 16% की वृद्धि है)।
- 'विश्वास' (VISHVAS) योजना: वंचित वर्गों के लिए शुरू की गई इस ब्याज अनुदान योजना के तहत ₹35.20 करोड़ की अनुदान राशि का पूर्ण उपयोग कर 1,92,650 लाभार्थियों को ₹2,720 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई।
- राष्ट्रीय ओबीसी फेलोशिप: इस योजना के तहत 2,505 ओबीसी छात्रों को लाभान्वित करने के लिए ₹123.33 करोड़ की राशि का पूर्ण रूप से वितरण किया गया।
- SEED योजना: गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों (DNTs) के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ₹19.20 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिससे 2,373 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और 28,476 लाभार्थियों को समर्थन मिला।
ईरान युद्ध से पर्यटन उद्योग पर भारी प्रभाव
ईरान युद्ध का पर्यटन पर प्रभाव
- ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर गहरा प्रभाव।
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा में रोजाना 5.26 लाख यात्री प्रभावित।
- पर्यटन क्षेत्र को ₹5,000 करोड़ का अनुमानित नुकसान।
एविएशन और यात्रा क्षेत्र पर प्रभाव
- 30% तक खर्च वृद्धि होने से हवाई टिकट महंगे।
- एसएसई से फ्लाइट्स का सफर महंगा होने की चर्चा।
- औसतन 2-4 घंटे यात्रा समय बढ़ा।
- 14% अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक कम हुआ।
भारत के बीमा क्षेत्र का विकास: सामाजिक सुरक्षा की मजबूती
बीमा क्षेत्र में प्रमुख सुधार और एफडीआई (FDI)
- सरकार ने बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया है।
- इसके साथ ही, बीमा मध्यस्थों (Insurance Intermediaries) के लिए 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है।
- इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य बीमा क्षेत्र में पूंजी प्रवाह को बढ़ाना, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और वैश्विक विशेषज्ञता को भारत लाना है।
'बीमा ट्रिनिटी' (Insurance Trinity): एक क्रांतिकारी पहल
- भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने वर्ष 2047 तक 'सबके लिए बीमा' का लक्ष्य हासिल करने के लिए 'बीमा ट्रिनिटी' की शुरुआत की है।
- बीमा सुगम (Bima Sugam): यह एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहाँ ग्राहक आसानी से बीमा पॉलिसी खरीद सकते हैं, रिन्यू कर सकते हैं और दावों का निपटान कर सकते हैं।
- बीमा वाहक (Bima Vahak): यह ग्रामीण स्तर पर एक महिला-केंद्रित वितरण चैनल है, जो विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में बीमा जागरूकता और पहुंच बढ़ाएगा।
- बीमा विस्तार (Bima Vistaar): यह एक किफायती, व्यापक और बंडल बीमा उत्पाद है, जिसमें जीवन, स्वास्थ्य, संपत्ति और दुर्घटना बीमा कवर एक साथ शामिल किए गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) जैसी सरकारी योजनाओं ने देश में बीमा पैठ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- आयुष्मान भारत (PM-JAY) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में काम कर रही है, जो कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है।
सीबीडीटी (CBDT) का जनसंपर्क अभियान: 'सीमाओं को जोड़ना, विश्वास का निर्माण'
अभियान का उद्देश्य और मुख्य फोकस
- उत्तर क्षेत्र के मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कर) ने नई दिल्ली में 'सीमाओं को जोड़ना, विश्वास का निर्माण' विषय पर एक व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया।
- इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हितधारकों को नए आयकर अधिनियम 2025, आयकर नियम 2026 और नए फॉर्मों के प्रावधानों के बारे में जागरूक करना था।
- इसमें विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय कराधान, हस्तांतरण मूल्य निर्धारण (Transfer Pricing) और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों (Advance Pricing Agreements) पर जोर दिया गया।
- इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), आईसीएआई (ICAI) और कर विशेषज्ञों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रमुख पहल और अधिकारियों का संबोधन
| अधिकारी / पहल | संबंधित विवरण और घोषणाएं |
|---|---|
| श्री धर्मशील सिंह (सदस्य-विधान, CBDT) | कानूनों को सरल बनाने और विश्वास-आधारित शासन पर जोर दिया। करदाताओं के स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'नज' (NUDGE) अभियानों पर चर्चा की। |
| सुश्री मोनिका भाटिया (प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त) | वैश्विक अर्थव्यवस्था में कर-निश्चितता, एकरूपता और पूर्वानुमान के महत्व पर जोर दिया। भारतीय दूतावासों के सहयोग से आगामी वैश्विक जनसंपर्क कार्यक्रमों की घोषणा की। |
| तकनीकी नवाचार और मार्गदर्शिकाएं | अंतर्राष्ट्रीय कर के प्रमुख पहलुओं (सेफ हार्बर, एपीए, विदेशी कर क्रेडिट) पर पुस्तिकाएं जारी की गईं और विभाग के एआई-संचालित (AI-driven) चैटबॉट 'कर-सारथी' के बारे में बताया गया। |
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