राजस्थान में महिला एवं बाल विकास: सशक्तिकरण और पोषण की नई दिशा
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण, बाल विकास, पोषण स्तर में सुधार और आंगनबाड़ियों की मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सुजस बुलेटिन के अनुसार विभिन्न योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।
1. मातृ वंदना एवं पोषण योजनाएं:
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: इसके सफल क्रियान्वयन में राजस्थान ने जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग में संपूर्ण देश में प्रथम स्थान तथा फरवरी 2026 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
- मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना: इसके माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 5 दिन गर्म दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है।
2. बालिका कल्याण (लाडो प्रोत्साहन योजना):
- बेटी के जन्म को बढ़ावा देने के लिए 'लाडो प्रोत्साहन योजना' के तहत बेटी के जन्म पर 1 लाख 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता 7 किस्तों में दी जाती है।
- अब तक 6.53 लाख बालिकाओं को इस योजना की प्रथम किस्त मिल चुकी है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत 33,904 बेटी जन्मोत्सव समारोह आयोजित किए गए हैं।
3. महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा:
- मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 2,991 ऋण आवेदनों को मंजूरी दी गई है।
- सुरक्षा केंद्र: जिला मुख्यालयों पर 'पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र' और सभी जिलों में 'वन स्टॉप सेंटर' (सखी केंद्र) संचालित किए जा रहे हैं।
4. आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं महिला पर्यवेक्षकों को 20 हजार 85 स्मार्ट फोन वितरित किए गए हैं।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में 10% की वृद्धि की गई है।
💡 DEOrbit Note: 'लाडो प्रोत्साहन योजना' राज्य में बालिकाओं के गिरते लिंगानुपात को सुधारने और उनके शैक्षणिक विकास के लिए एक गेम-चेंजर योजना है। वहीं पोषण स्तर जाँचने के लिए आंगनबाड़ियों को इन्फेन्टोमीटर और स्टेडियोमीटर जैसी नई तकनीक से लैस किया गया है।
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