जल प्रबंधन में राजस्थान को राष्ट्रीय पुरस्कार एवं अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा आमजन व विद्यार्थियों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
1. राजस्थान को जल प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार:
- सम्मान: जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राजस्थान को शील्ड एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है।
- कारण: वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की 'प्रथम गणना' समय पर पूर्ण करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
- आयोजन: यह सम्मान डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'विश्व जल दिवस कॉन्क्लेव' के दौरान प्रदान किया गया। राज्य की ओर से मुख्य अभियंता (SWRPD) ने यह सम्मान प्राप्त किया।
- नोडल विभाग: इस गणना के लिए 'जल संसाधन विभाग' को नोडल विभाग तथा निदेशक (नहर), जयपुर को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं जल निकायों (Water Bodies) की गणना के लिए 'राजस्व विभाग' को नोडल बनाया गया है।
2. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि बढ़ी:
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी गई है (पूर्व में यह 31 मार्च 2026 थी)।
3. पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में भारी कटौती:
- मुख्यमंत्री के संदेश के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को 13 रुपये से घटाकर मात्र 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
- डीजल पर उत्पाद शुल्क को 10 रुपये से घटाकर शून्य (Zero) कर दिया गया है।
💡 DEOrbit Note: राजस्थान जैसे शुष्क प्रदेश के लिए जल प्रबंधन परियोजनाओं का सुदृढ़ीकरण अत्यंत आवश्यक है। सिंचाई परियोजनाओं और जल निकायों की सटीक गणना भविष्य की नीतियों के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
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