राजस्थान में नई ऊर्जा क्रांति का संकल्प
राजस्थान में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऊर्जा क्रांति के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत 3,462 मेगावाट के 1,525 संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
##मुख्य बिंदु (आंकड़े और प्रगति)
- कुल स्थापना: वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल (विगत दो वर्ष और तीन माह) में 3,462 मेगावाट क्षमता के 1,525 संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
- योजना की कुल प्रगति: कंपोनेंट-ए और कंपोनेंट-सी को मिलाकर प्रदेश में अब तक कुल 3,585 मेगावाट के 1,617 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
- स्थापना की गति: जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगम क्षेत्रों में प्रतिदिन औसतन 3 से 4 नए प्लांट लग रहे हैं, जिससे प्रतिदिन 10 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ग्रिड से जुड़ रही है।
- राम नवमी विशेष: राम नवमी के अवसर पर 23.60 मेगावाट क्षमता के 12 नए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए (जयपुर, अजमेर और जोधपुर में 4-4 संयंत्र)।
विभिन्न कंपोनेंट में राजस्थान की स्थिति:
- कुसुम कंपोनेंट-ए: इस श्रेणी में 686 मेगावाट के 496 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। इसमें सर्वाधिक 86 प्लांट अकेले बीकानेर जिले में लगे हैं।
- कुसुम कंपोनेंट-सी: इस श्रेणी में 2,899 मेगावाट के 1,121 प्लांट लग चुके हैं। इसमें राजस्थान का देश में द्वितीय स्थान है।
प्रमुख उपलब्धियां और लक्ष्य:
- राष्ट्रीय सम्मान (गोल्ड अवार्ड): योजना के तहत 'फीडर लेवल सोलराइजेशन' में श्रेष्ठ उपलब्धि के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा राजस्थान डिस्कॉम्स को 'गोल्ड अवार्ड' से सम्मानित किया गया।
- मिशन 2027: मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने का संकल्प लिया है। वर्तमान में 2 लाख 29 हजार से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल रहा ह
💡 DEOrbit Note: राजस्थान ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक है, और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा क्षमता का बड़ा हिस्सा यहां से आता है।
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