कर्नाटक का प्रसिद्ध यक्षगान: दुनिया के सबसे लंबे नाटक
कर्नाटक में खेले जाने वाले यक्षगान को दुनिया का सबसे लंबा नाटक माना जाता है। यह नाटक 8 से 10 घंटे तक लगातार चलते हैं। यक्षगान की समृद्ध परंपरा कर्नाटक के लोकनाट्य में देखी जाती है और इसे एक विशेष सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।
- फिक्की के अनुसार, भारत की लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है।
- भारत की थिएटर इंडस्ट्री ने 2024 में पहली बार 10,100 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
- कर्नाटक का लोकनाट्य यक्षगान 8-10 घंटे तक लगातार खेला जाता है।
- भरतमुनि का नाट्यशास्त्र 2500 साल पहले रचित है और यह नाटकों का पहला व्याकरण है।
- केरल का 2000 साल पुराना कोडियट्टम यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित है।
पीएम मोदी की मन की बात में जयपुर के मूर्लीधर का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के हाल ही में प्रसारित एपिसोड में जयपुर के मूर्लीधर का विशेष रूप से जिक्र किया गया। मूर्लीधर ने खेती में सोलर पंप का उपयोग कर ऊर्जा और पानी की बचत की मिसाल पेश की। उन्होंने संकेत दिया कि कैसे सोलर पंप से सिंचाई की जा सकती है और डीजल पर निर्भरता को कम किया जा सकता है।
- मूर्ति जी की पहल से डीजल पर निर्भरता में कमी आई है, और उन्नत तकनीक का उपयोग बढ़ा है।
- सोलर पंप से न केवल ऊर्जा की बल्कि पानी की भी बचत होती है।
- इस पहल ने न केवल आर्थिक फायदे पहुंचाए हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद की है।
सूरत बना स्मार्ट शहरी विकास का उत्तम आदर्श
हाल ही में, सूरत को एक विशेष शहर के रूप में प्रस्तुत किया गया है जहाँ विकास और शहरीकरण को विशेष ध्यान में रखा गया है। यहाँ पर बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और समन्वित योजनाएँ बनाई गई हैं, जिसके कारण सूरत एक आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में उभर कर सामने आया है।
- सूरत में 55 मंजिला इमारत का निर्माण किया गया है।
- इमारतों में आधुनिक आइसोलेटेड तकनीक का प्रयोग।
- पिछले 6 वर्षों में विदेशी निर्यात में वृद्धि।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में निरंतर विकास।
सूरत बना 'अयोध्या': तापी तट पर भव्य रामोत्सव
सूरत शहर के तापी तट पर इस वर्ष भव्य रामोत्सव का आयोजन किया गया, जिसे 'सूरत बना अयोध्या' का संज्ञा मिली। इस कार्यक्रम में कई हजार लोगों ने हिस्सा लिया और 3 लाख दीयों से तापी घाट जगमगाया। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन और राम राज्य का आह्वान किया गया जिससे सांस्कृतिक एकता की भावना सुदृढ़ हुई।
- स्थान: सूरत, तापी तट
- मुख्य आकर्षण: 3 लाख दीयों से रोशन तापी घाट
- उपस्थित लोग: हजारों नागरिक और गणमान्य व्यक्ति
- लक्ष्य: सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देना
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