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LAB ASSISTANT EXAM
SCIENCE PAPER (विस्तृत समाधान)
प्रश्न 1
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (हार्मोन/ग्रंथि)
(a) पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
(b) थायरॉइड ग्रंथि
(c) अंडाशय
(d) इंसुलिन
सूची-II (कार्य)
(i) सभी अंगों में वृद्धि को उद्दीपित करती है
(ii) उपापचय को नियंत्रित करती है
(iii) मासिक चक्र को नियंत्रित करते हैं
(iv) रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करती है
सूची-I (हार्मोन/ग्रंथि)
(a) पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
(b) थायरॉइड ग्रंथि
(c) अंडाशय
(d) इंसुलिन
सूची-II (कार्य)
(i) सभी अंगों में वृद्धि को उद्दीपित करती है
(ii) उपापचय को नियंत्रित करती है
(iii) मासिक चक्र को नियंत्रित करते हैं
(iv) रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करती है
- (A) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)
सही उत्तर: (A) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
विस्तृत हल: पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) वृद्धि हार्मोन (GH) स्रावित करती है जो शरीर के सभी अंगों की वृद्धि को प्रेरित करता है (a-i)। थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन हार्मोन द्वारा शरीर के आधारीय उपापचय (Metabolism) को नियंत्रित करती है (b-ii)। अंडाशय (Ovaries) एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन द्वारा मासिक चक्र को नियंत्रित करते हैं (c-iii)। अग्नाशय से स्रावित इंसुलिन रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करता है (d-iv)।
प्रश्न 2
हवा में ध्वनि की चाल :
(a) आर्द्रता बढ़ने से घटती है。
(b) तापमान बढ़ने से बढ़ती है。
(c) दाब बढ़ने से घटती है。
(d) दाब पर निर्भर नहीं करती है。
(e) आर्द्रता बढ़ने से बढ़ती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
(a) आर्द्रता बढ़ने से घटती है。
(b) तापमान बढ़ने से बढ़ती है。
(c) दाब बढ़ने से घटती है。
(d) दाब पर निर्भर नहीं करती है。
(e) आर्द्रता बढ़ने से बढ़ती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
- (A) (a), (c) और (e)
- (B) (b), (c) और (e)
- (C) (b), (d) और (e)
- (D) (a), (b) और (c)
सही उत्तर: (C) (b), (d) और (e)
विस्तृत हल: हवा में ध्वनि की चाल तापमान के अनुक्रमानुपाती होती है, अतः तापमान बढ़ने पर यह बढ़ती है (b)। ध्वनि की चाल पर दाब (Pressure) का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बशर्ते तापमान स्थिर रहे (d)। आर्द्रता (Humidity) बढ़ने पर हवा का घनत्व कम हो जाता है, जिससे ध्वनि की चाल बढ़ जाती है (e)। अतः कथन b, d और e सत्य हैं।
प्रश्न 3
निम्नलिखित में से कौन से पादप हार्मोन हैं ?
(a) एब्सीसिक अम्ल
(b) ऑक्सिन
(c) जिबरेलिन
(d) एड्रीनेलिन
(a) एब्सीसिक अम्ल
(b) ऑक्सिन
(c) जिबरेलिन
(d) एड्रीनेलिन
- (A) (b), (c) और (d)
- (B) (a), (b) और (d)
- (C) (a), (b) और (c)
- (D) (a), (c) और (d)
सही उत्तर: (C) (a), (b) और (c)
विस्तृत हल: एब्सीसिक अम्ल (वृद्धि रोधक), ऑक्सिन (वृद्धि वर्धक) और जिबरेलिन (वृद्धि वर्धक) तीनों पादप हार्मोन (Phytohormones) हैं। जबकि एड्रीनेलिन (Adrenaline) एक जंतु हार्मोन है जो स्तनधारियों की अधिवृक्क (Adrenal) ग्रंथि से स्रावित होता है।
प्रश्न 4
एक विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है, उसका पी.एच. (pH) हो सकता है:
- (A) 4
- (B) 9
- (C) 1
- (D) 3
सही उत्तर: (B) 9
विस्तृत हल: जो विलयन लाल लिटमस को नीला कर देते हैं, वे क्षारीय (Basic) प्रकृति के होते हैं। क्षारीय विलयनों का pH मान हमेशा 7 से अधिक होता है। दिए गए विकल्पों में केवल 9 ही 7 से अधिक है, अतः विलयन का pH 9 होगा।
प्रश्न 5
तरल प्रतिरक्षा अनुक्रिया (Humoral immune response) की मध्यस्थता की जाती है :
- (A) टी-लसीकाणुओं (लिम्फोसाइट) के द्वारा
- (B) बी-लसीकाणुओं के द्वारा
- (C) त्वचा की कोशिकाओं के द्वारा
- (D) प्राकृतिक मारक (नेचुरल किलर) कोशिकाओं के द्वारा
सही उत्तर: (B) बी-लसीकाणुओं के द्वारा
विस्तृत हल: शरीर में 'तरल प्रतिरक्षा अनुक्रिया' (Humoral immune response) मुख्य रूप से रक्त में मौजूद बी-लिम्फोसाइट्स (B-lymphocytes) द्वारा निर्मित एंटीबॉडीज के माध्यम से मध्यस्थ होती है। जबकि 'कोशिका-मध्यस्थ प्रतिरक्षा' (Cell-mediated immunity) टी-लिम्फोसाइट्स (T-lymphocytes) द्वारा होती है।
प्रश्न 6
तंत्रिका आवेग के जनन और संवहन के दौरान होने वाली घटनाओं की श्रृंखला को घटना के आरंभ होने से लेकर उसके पूर्ण होने तक के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) K⁺ के लिए पारगम्यता का बढ़ना。
(b) K⁺ तंत्रिकाक्ष झिल्ली के बाहर विसरित हो जाता है。
(c) तंत्रिकाक्ष में Na⁺ का द्रुत अंतर्वाह。
(d) तंत्रिकाक्ष स्थल पर उद्दीपन प्राप्त होता है。
(e) उत्तेजन स्थल पर विश्रांति विभव का पुनःस्थापन/वापसी।
(a) K⁺ के लिए पारगम्यता का बढ़ना。
(b) K⁺ तंत्रिकाक्ष झिल्ली के बाहर विसरित हो जाता है。
(c) तंत्रिकाक्ष में Na⁺ का द्रुत अंतर्वाह。
(d) तंत्रिकाक्ष स्थल पर उद्दीपन प्राप्त होता है。
(e) उत्तेजन स्थल पर विश्रांति विभव का पुनःस्थापन/वापसी।
- (A) (d) → (a) → (b) → (c) → (e)
- (B) (e) → (b) → (c) → (d) → (a)
- (C) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
- (D) (a) → (b) → (c) → (d) → (e)
सही उत्तर: (C) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
विस्तृत हल: तंत्रिका आवेग (Nerve Impulse) का सही क्रम: सबसे पहले तंत्रिकाक्ष पर उद्दीपन प्राप्त होता है (d)। इसके कारण झिल्ली की पारगम्यता बदलती है और Na⁺ तेजी से अंदर आते हैं (c)। इसके बाद K⁺ के लिए पारगम्यता बढ़ती है (a) और K⁺ आयन झिल्ली के बाहर विसरित हो जाते हैं (b)। अंत में विश्राम विभव (Resting potential) वापस आ जाता है (e)।
प्रश्न 7
इलेक्ट्रॉनों का कौन सा विन्यास प्रतिलोहचुंबकीय (एंटीफेरोमैग्नेटिजम) को वर्णित करता है ?
- (A) ↑ ↑ ↓ ↑ ↓
- (B) ↑ ↑ ↑ ↑ ↑ ↓
- (C) ↑ ↓ ↑ ↓ ↑ ↓
- (D) ↑ ↑ ↑ ↑ ↑ ↑
सही उत्तर: (C) ↑ ↓ ↑ ↓ ↑ ↓
विस्तृत हल: प्रतिलोहचुंबकीय (Antiferromagnetic) पदार्थों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के चुंबकीय आघूर्ण एक-दूसरे के विपरीत (समानांतर और प्रतिसमानांतर) समान संख्या में व्यवस्थित होते हैं, जिससे कुल चुंबकीय आघूर्ण शून्य हो जाता है। इसे (↑ ↓ ↑ ↓ ↑ ↓) विन्यास द्वारा दर्शाया जाता है।
प्रश्न 8
निम्नलिखित में से कौन सा टेरिडोफाइट है जो विषमबीजाणुता (हैटेरोस्पोरी) प्रदर्शित करता है ?
- (A) एक्वीसीटम
- (B) पोलीसाइफोनिया
- (C) पोलीट्राइकम
- (D) सैल्वीनिया
सही उत्तर: (D) सैल्वीनिया
विस्तृत हल: सैल्वीनिया (Salvinia) और सिलैजिनेला (Selaginella) ऐसे टेरिडोफाइट हैं जो विषमबीजाणुता (Heterospory) प्रदर्शित करते हैं, अर्थात् ये दो अलग-अलग आकार के बीजाणु (लघुबीजाणु और गुरुबीजाणु) उत्पन्न करते हैं। एक्वीसीटम समबीजाणुक होता है।
प्रश्न 9
नीचे पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित कुछ कथन दिए गए हैं, जिनमें से कुछ सत्य हैं। सही कथनों वाले विकल्प का चयन करें।
(a) झूम कृषि, संयुक्त वन प्रबंधन का एक प्रकार है जहाँ ग्रामीण, वन अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य करते हैं。
(b) नदी में सीवेज प्रवाह में कमी करके हम नदी के बीओडी को बढ़ाते हैं。
(c) भारी धातुएँ वह हैं जिसका घनत्व 5 g/cm³ से अधिक होता है。
(d) मीथेन कुल वैश्विक तापन में दूसरी उच्चतम योगदानकर्ता है。
(e) ओजोन की मोटाई को डॉबसन इकाई के संदर्भ में मापा जाता है।
(a) झूम कृषि, संयुक्त वन प्रबंधन का एक प्रकार है जहाँ ग्रामीण, वन अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य करते हैं。
(b) नदी में सीवेज प्रवाह में कमी करके हम नदी के बीओडी को बढ़ाते हैं。
(c) भारी धातुएँ वह हैं जिसका घनत्व 5 g/cm³ से अधिक होता है。
(d) मीथेन कुल वैश्विक तापन में दूसरी उच्चतम योगदानकर्ता है。
(e) ओजोन की मोटाई को डॉबसन इकाई के संदर्भ में मापा जाता है।
- (A) (b), (c), (d), (e)
- (B) (a), (b), (d)
- (C) (c), (d), (e)
- (D) (a), (b), (d), (e)
सही उत्तर: (C) (c), (d), (e)
विस्तृत हल: कथन (a) गलत है क्योंकि 'झूम कृषि' स्थानांतरणशील कृषि (Slash & Burn) है, संयुक्त वन प्रबंधन नहीं। कथन (b) गलत है क्योंकि सीवेज (प्रदूषण) कम करने से नदी की BOD घटती है, बढ़ती नहीं। कथन (c) सत्य है (भारी धातुओं का घनत्व > 5 g/cm³)। कथन (d) सत्य है (CO2 के बाद मीथेन ग्लोबल वार्मिंग में दूसरी प्रमुख गैस है)। कथन (e) भी सत्य है (ओजोन परत की मोटाई डॉबसन यूनिट में मापी जाती है)।
प्रश्न 10
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (वर्ग)
(a) फिओफाइसी
(b) लाइकोप्सिडा
(c) फाइकोमाइसिटीज
(d) क्लोरोफाइसी
सूची-II (उदाहरण)
(i) सैलाजिनेला
(ii) क्लैमाइडोमोनास
(iii) एक्टोकार्पस
(iv) ऐल्बूगो
सूची-I (वर्ग)
(a) फिओफाइसी
(b) लाइकोप्सिडा
(c) फाइकोमाइसिटीज
(d) क्लोरोफाइसी
सूची-II (उदाहरण)
(i) सैलाजिनेला
(ii) क्लैमाइडोमोनास
(iii) एक्टोकार्पस
(iv) ऐल्बूगो
- (A) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
- (B) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(ii)
- (C) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
- (D) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
सही उत्तर: (D) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
विस्तृत हल: 1. फिओफाइसी (भूरी शैवाल) का उदाहरण 'एक्टोकार्पस' है (a-iii)। 2. लाइकोप्सिडा (टेरिडोफाइट का वर्ग) का उदाहरण 'सैलाजिनेला' है (b-i)। 3. फाइकोमाइसिटीज (कवक) का उदाहरण 'ऐल्बूगो' है (c-iv)। 4. क्लोरोफाइसी (हरी शैवाल) का उदाहरण 'क्लैमाइडोमोनास' है (d-ii)।
प्रश्न 11
अर्धसूत्री विभाजन (पूर्वावस्था-I) को दी गई प्रावस्थाओं को कोशिका के विभाजन करने से आरंभ करते हुए उनके घटित होने के सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) पारगतिक्रम (डाइकाइनेसिस)
(b) स्थूलपट्ट (पैकीटीन)
(c) द्विपट्ट (डिप्लोटीन)
(d) तनुपट्ट (लेप्टोटीन)
(e) युग्मपट्ट (जाइगोटीन)
(a) पारगतिक्रम (डाइकाइनेसिस)
(b) स्थूलपट्ट (पैकीटीन)
(c) द्विपट्ट (डिप्लोटीन)
(d) तनुपट्ट (लेप्टोटीन)
(e) युग्मपट्ट (जाइगोटीन)
- (A) (d) → (b) → (a) → (e) → (c)
- (B) (d) → (e) → (b) → (c) → (a)
- (C) (d) → (e) → (a) → (b) → (c)
- (D) (d) → (e) → (b) → (a) → (c)
सही उत्तर: (B) (d) → (e) → (b) → (c) → (a)
विस्तृत हल: अर्धसूत्री विभाजन की प्रोफेज-I की 5 उप-अवस्थाओं का सही अनुक्रम है: 1. लेप्टोटीन (Leptotene - d) -> 2. जाइगोटीन (Zygotene - e) -> 3. पैकीटीन (Pachytene - b) -> 4. डिप्लोटीन (Diplotene - c) -> 5. डाइकाइनेसिस (Diakinesis - a)।
प्रश्न 12
निम्नलिखित ब्रन्सटेड अम्लों के लिए सही संयुग्मी क्षारक का पता कीजिए :
NH₃, HCO₃⁻, H₂O, HSO₄⁻
NH₃, HCO₃⁻, H₂O, HSO₄⁻
- (A) NH₂⁻, H₂CO₃, H₃O⁺, SO₄²⁻
- (B) NH₄⁺, CO₃²⁻, OH⁻, H₂SO₄
- (C) NH₄⁺, H₂CO₃, H₃O⁺, H₂SO₄
- (D) NH₂⁻, CO₃²⁻, OH⁻, SO₄²⁻
सही उत्तर: (D) NH₂⁻, CO₃²⁻, OH⁻, SO₄²⁻
विस्तृत हल: ब्रन्सटेड-लॉरी सिद्धांत के अनुसार, जब कोई अम्ल एक प्रोटॉन (H⁺) का त्याग करता है, तो वह अपना संयुग्मी क्षारक (Conjugate base) बनाता है।
NH₃ - H⁺ = NH₂⁻
HCO₃⁻ - H⁺ = CO₃²⁻
H₂O - H⁺ = OH⁻
HSO₄⁻ - H⁺ = SO₄²⁻
अतः सही विकल्प (D) है।
NH₃ - H⁺ = NH₂⁻
HCO₃⁻ - H⁺ = CO₃²⁻
H₂O - H⁺ = OH⁻
HSO₄⁻ - H⁺ = SO₄²⁻
अतः सही विकल्प (D) है।
प्रश्न 13
वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है लेकिन पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है, कहलाती है :
- (A) हाइपरमेट्रोपिया
- (B) हाइपोमेट्रोपिया
- (C) मायोपिया
- (D) प्रेसबायोपिया
सही उत्तर: (A) हाइपरमेट्रोपिया
विस्तृत हल: जब कोई व्यक्ति दूर की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख लेता है लेकिन पास की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं, तो इस दृष्टि दोष को 'दूर दृष्टि दोष' या हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia) कहते हैं। इसे उत्तल लेंस (Convex lens) के प्रयोग से ठीक किया जाता है।
प्रश्न 14
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (विलयन के प्रकार)
(a) ठोस-ठोस
(b) द्रव-द्रव
(c) गैस-गैस
(d) द्रव-ठोस
सूची-II (उदाहरण)
(i) जल में घुली हुई एथेनॉल
(ii) ऑक्सीजन और नाइट्रोजन गैस का मिश्रण
(iii) सोडियम के साथ पारे का पारदन
(iv) स्वर्ण में घुला हुआ कॉपर (ताम्र)
सूची-I (विलयन के प्रकार)
(a) ठोस-ठोस
(b) द्रव-द्रव
(c) गैस-गैस
(d) द्रव-ठोस
सूची-II (उदाहरण)
(i) जल में घुली हुई एथेनॉल
(ii) ऑक्सीजन और नाइट्रोजन गैस का मिश्रण
(iii) सोडियम के साथ पारे का पारदन
(iv) स्वर्ण में घुला हुआ कॉपर (ताम्र)
- (A) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)
- (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
सही उत्तर: (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
विस्तृत हल: 1. ठोस-ठोस विलयन का उदाहरण: स्वर्ण (सोने) में घुला हुआ कॉपर (a-iv)। 2. द्रव-द्रव विलयन: जल में घुली एथेनॉल (b-i)। 3. गैस-गैस विलयन: ऑक्सीजन और नाइट्रोजन का वायुमंडलीय मिश्रण (c-ii)। 4. द्रव-ठोस (ठोस में द्रव) विलयन: सोडियम (ठोस) के साथ पारे (द्रव) का अमलगम (d-iii)।
प्रश्न 15
जब वस्तु अनंत दूरी पर स्थित हो तो अवतल दर्पण द्वारा निर्मित होने वाला प्रतिबिंब होगा :
(a) दर्पण के पीछे
(b) फोकस पर
(c) अत्यधिक घटा हुआ
(d) उल्टा
(e) सीधा
(a) दर्पण के पीछे
(b) फोकस पर
(c) अत्यधिक घटा हुआ
(d) उल्टा
(e) सीधा
- (A) (b), (c) और (d)
- (B) (b), (d) और (e)
- (C) (a), (c) और (d)
- (D) (a), (d) और (e)
सही उत्तर: (A) (b), (c) और (d)
विस्तृत हल: जब अवतल दर्पण (Concave Mirror) के सामने वस्तु अनंत पर होती है, तो उसका प्रतिबिंब हमेशा: (1) फोकस (F) पर बनता है (b), (2) आकार में बिंदु के समान या अत्यधिक छोटा (घटा हुआ) होता है (c), और (3) वास्तविक और उल्टा (Inverted) होता है (d)। अतः b, c और d सत्य हैं।
प्रश्न 16
विद्युत धारा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ?
(a) सामान्यतः धातुओं के मिश्रातुओं की प्रतिरोधकता, उनके घटक धातुओं की प्रतिरोधकता से अधिक होती हैं。
(b) सामान्यतः मिश्रातुओं के प्रतिरोध का तापीय गुणांक, शुद्ध धातुओं से बहुत अधिक होता है。
(c) मिश्रातु मैंगनिन की प्रतिरोधकता तापमान पर, प्रायः निर्भर नहीं करती。
(d) ओम का नियम, सभी चालन तत्वों के लिए सर्वत्र लागू होता है。
(e) एक प्ररूपी कुचालक की प्रतिरोधकता धातु की तुलना में लगभग 10²² गुना अधिक होती है।
(a) सामान्यतः धातुओं के मिश्रातुओं की प्रतिरोधकता, उनके घटक धातुओं की प्रतिरोधकता से अधिक होती हैं。
(b) सामान्यतः मिश्रातुओं के प्रतिरोध का तापीय गुणांक, शुद्ध धातुओं से बहुत अधिक होता है。
(c) मिश्रातु मैंगनिन की प्रतिरोधकता तापमान पर, प्रायः निर्भर नहीं करती。
(d) ओम का नियम, सभी चालन तत्वों के लिए सर्वत्र लागू होता है。
(e) एक प्ररूपी कुचालक की प्रतिरोधकता धातु की तुलना में लगभग 10²² गुना अधिक होती है।
- (A) (a), (c) और (e)
- (B) (a), (b), (c) और (d)
- (C) (a), (d) और (e)
- (D) (b), (d) और (e)
सही उत्तर: (A) (a), (c) और (e)
विस्तृत हल: (a) सही है, मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता मूल धातुओं से अधिक होती है। (b) गलत है, मिश्रधातुओं का तापीय गुणांक शुद्ध धातुओं की तुलना में बहुत कम होता है। (c) सही है, मैंगनिन या कॉन्स्टैंटन का प्रतिरोध तापमान बदलने पर भी लगभग स्थिर रहता है। (d) गलत है, ओम का नियम अर्धचालकों (डायोड) आदि पर लागू नहीं होता। (e) सही है, कुचालकों की प्रतिरोधकता धातुओं से बहुत अधिक (10²² कोटि तक) होती है। अतः a, c, e सही हैं।
प्रश्न 17
वेलवेट (कोरस्पर्शी) प्रकार का दलपुंज पुष्पदल विन्यास किसमें देखा जा सकता है ?
- (A) हेलियांथस
- (B) केलोट्रोपिज
- (C) केस्सिया
- (D) गोस्सिपियम
सही उत्तर: (B) केलोट्रोपिज
विस्तृत हल: कोरस्पर्शी या वाल्विट पुष्पदल विन्यास (Valvate Aestivation) में फूल के बाह्यदल या दल एक-दूसरे के किनारों को केवल स्पर्श करते हैं, एक-दूसरे को ढंकते (Overlap) नहीं हैं। इसका सबसे प्रमुख उदाहरण केलोट्रोपिज (आक/मदार) है।
प्रश्न 18
निम्नलिखित में से कौन से घटक वसाओं के पाचन में सहायक होते हैं ?
(a) पित्त लवण
(b) ट्रिप्सिन
(c) एमाइलेस
(d) लाइपेस
(a) पित्त लवण
(b) ट्रिप्सिन
(c) एमाइलेस
(d) लाइपेस
- (A) (c) और (d)
- (B) (a) और (d)
- (C) (a) और (b)
- (D) (b) और (c)
सही उत्तर: (B) (a) और (d)
विस्तृत हल: वसा (Fat) के पाचन में दो मुख्य घटक काम आते हैं: 1. यकृत से स्रावित 'पित्त लवण' (Bile salts) जो बड़ी वसा बूंदों का पायसीकरण (Emulsification) करते हैं (a)। 2. अग्नाशय से स्रावित एंजाइम 'लाइपेस' (Lipase) जो पायसीकृत वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ता है (d)। (ट्रिप्सिन प्रोटीन का और एमाइलेज कार्बोहाइड्रेट का पाचन करते हैं)।
प्रश्न 19
पुनर्युग्मी डीएनए तकनीक में शामिल विभिन्न चरणों को उनके घटित होने के सही अनुक्रम में व्यवस्थित करें:
(a) प्रतिबंध एंजाइम द्वारा डीएनए का विखण्डन。
(b) डीएनए खण्ड का वेक्टर (वाहक) में बंध。
(c) पुनर्युग्मी डीएनए के साथ मेजबान आतिथेय का रूपांतरण。
(d) डीएनए का पृथक्करण。
(e) रूपांतरित मेजबान आतिथेय कोशिकाओं का वृहत स्तर संवर्धनीकरण।
(a) प्रतिबंध एंजाइम द्वारा डीएनए का विखण्डन。
(b) डीएनए खण्ड का वेक्टर (वाहक) में बंध。
(c) पुनर्युग्मी डीएनए के साथ मेजबान आतिथेय का रूपांतरण。
(d) डीएनए का पृथक्करण。
(e) रूपांतरित मेजबान आतिथेय कोशिकाओं का वृहत स्तर संवर्धनीकरण।
- (A) (d) → (a) → (b) → (c) → (e)
- (B) (a) → (b) → (e) → (c) → (d)
- (C) (a) → (b) → (c) → (d) → (e)
- (D) (a) → (d) → (b) → (c) → (e)
सही उत्तर: (A) (d) → (a) → (b) → (c) → (e)
विस्तृत हल: Recombinant DNA Technology का सही क्रम: 1. डीएनए को कोशिका से अलग करना (d), 2. रेस्ट्रिक्शन एंजाइम द्वारा डीएनए को काटना (a), 3. लाइगेज की मदद से वांछित डीएनए को प्लाज्मिड (वेक्टर) से जोड़ना (b), 4. इस पुनर्युग्मी डीएनए को होस्ट (जैसे जीवाणु) में डालना/रूपांतरण (c), 5. होस्ट कोशिकाओं का बड़े स्तर पर संवर्धन (कल्चर) करना (e)।
प्रश्न 20
निम्नलिखित में से कौन सा संबंध, एक कण के त्वरण a और विस्थापन x के बीच में सरल आवर्त गति को सम्मिलित करते हैं ?
- (A) a = -100x²
- (B) a = 200x³
- (C) a = -8x
- (D) a = 0.2x
सही उत्तर: (C) a = -8x
विस्तृत हल: सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion - SHM) की मुख्य शर्त यह है कि कण का त्वरण (a) उसके विस्थापन (x) के अनुक्रमानुपाती होता है और इसकी दिशा हमेशा विस्थापन के विपरीत (माध्य स्थिति की ओर) होती है। अर्थात् a ∝ -x या a = -ω²x। दिए गए विकल्पों में केवल a = -8x इस शर्त (a ∝ -x) को पूरा करता है।
प्रश्न 21
प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
(a) अपवर्तन की कणिकामय तस्वीर में विरल से सघन माध्यम की ओर आने वाली प्रकाश के कण सतह के समांतर प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है。
(b) किसी माध्यम में प्रकाश की गति की निर्भरता समदैशिक माध्यम के लिए प्रसार की दिशा से स्वतंत्र होती है。
(c) ध्वनि तरंगों के लिए आवृत्ति विस्थापन हेतु, डाप्लर का सूत्र दो स्थितियाँ (i) विराम पर स्रोत, प्रेक्षक गतिशील है तथा (ii) स्रोत गतिशील है, प्रेक्षक विरामावस्था में है, के लिए बिलकुल एक है。
(d) यदि प्रकाश किसी बिंदु स्रोत से अपसारित होता है, तो तरंगाग्र का आकार गोलाकार होता है。
(e) जब उत्तल लेंस के फोकस पर बिंदु स्रोत को रखा जाता है तो उस उत्तल लेंस से निकलने वाले प्रकाश की स्थिति में, तरंगाग्र का आकार समतल होता है।
(a) अपवर्तन की कणिकामय तस्वीर में विरल से सघन माध्यम की ओर आने वाली प्रकाश के कण सतह के समांतर प्रतिकर्षण बल का अनुभव करता है。
(b) किसी माध्यम में प्रकाश की गति की निर्भरता समदैशिक माध्यम के लिए प्रसार की दिशा से स्वतंत्र होती है。
(c) ध्वनि तरंगों के लिए आवृत्ति विस्थापन हेतु, डाप्लर का सूत्र दो स्थितियाँ (i) विराम पर स्रोत, प्रेक्षक गतिशील है तथा (ii) स्रोत गतिशील है, प्रेक्षक विरामावस्था में है, के लिए बिलकुल एक है。
(d) यदि प्रकाश किसी बिंदु स्रोत से अपसारित होता है, तो तरंगाग्र का आकार गोलाकार होता है。
(e) जब उत्तल लेंस के फोकस पर बिंदु स्रोत को रखा जाता है तो उस उत्तल लेंस से निकलने वाले प्रकाश की स्थिति में, तरंगाग्र का आकार समतल होता है।
- (A) (b), (c), (d) और (e)
- (B) (b), (d) और (e)
- (C) (a), (b) और (c)
- (D) (a), (d) और (e)
सही उत्तर: (B) (b), (d) और (e)
विस्तृत हल: कथन (b) सत्य है (समदैशिक माध्यम में गति दिशा पर निर्भर नहीं करती)। कथन (d) सत्य है (बिंदु स्रोत से हमेशा गोलाकार तरंगाग्र/Spherical wavefront बनता है)। कथन (e) सत्य है (उत्तल लेंस के फोकस से निकलने वाली किरणें समांतर हो जाती हैं जिससे समतल तरंगाग्र बनता है)। कथन (a) और (c) भौतिक विज्ञान के अनुसार गलत हैं।
प्रश्न 22
किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा प्रवाह के निम्नलिखित मुख्य घटकों को क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) सूर्य का प्रकाश
(b) उत्पादक
(c) शाकभक्षी
(d) माँसभक्षी
(a) सूर्य का प्रकाश
(b) उत्पादक
(c) शाकभक्षी
(d) माँसभक्षी
- (A) (b), (a), (d), (c)
- (B) (c), (a), (d), (b)
- (C) (a), (b), (c), (d)
- (D) (a), (b), (d), (c)
सही उत्तर: (C) (a), (b), (c), (d)
विस्तृत हल: किसी भी पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा प्रवाह की दिशा हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होती है। ऊर्जा का मूल स्रोत सूर्य का प्रकाश (a) होता है, जिसे हरे पौधे (उत्पादक - b) ग्रहण करते हैं। उत्पादकों को प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी - c) खाते हैं, और शाकाहारियों को द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी - d) खाते हैं। अतः सही क्रम a -> b -> c -> d है।
प्रश्न 23
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (हार्मोन)
(a) एल.एच. (LH)
(b) T₄
(c) एपीनेफ्रिन
(d) जी.एन.आर.एच. (GnRH)
सूची-II (ग्रंथि)
(i) एड्रीनल (अधिवृक्क)
(ii) पिट्यूटरी (पीयूष)
(iii) थायरॉइड
(iv) हाइपोथैलेमस
सूची-I (हार्मोन)
(a) एल.एच. (LH)
(b) T₄
(c) एपीनेफ्रिन
(d) जी.एन.आर.एच. (GnRH)
सूची-II (ग्रंथि)
(i) एड्रीनल (अधिवृक्क)
(ii) पिट्यूटरी (पीयूष)
(iii) थायरॉइड
(iv) हाइपोथैलेमस
- (A) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (B) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
- (C) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (D) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
सही उत्तर: (B) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
विस्तृत हल: ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) पीयूष ग्रंथि के अग्र भाग से निकलता है (a-ii)। T₄ (थायरॉक्सिन) थायरॉइड ग्रंथि से स्रावित होता है (b-iii)। एपीनेफ्रिन (एड्रीनेलिन) अधिवृक्क (Adrenal Medulla) ग्रंथि से निकलता है (c-i)। गोनेडोट्रोपिन रिलीजिंग हार्मोन (GnRH) मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस से स्रावित होता है (d-iv)।
प्रश्न 24
जीन 'ए' और जीन 'बी' स्वतंत्र रूप से पृथक नहीं हुए हैं। बताइए कि नीचे दिए गए कथनों में से कौन से उपर्युक्त प्रेक्षण को यथार्थ रूप से दर्शाते हैं ?
(a) जीन 'ए' और जीन 'बी' दो भिन्न गुणसूत्रों पर स्थित हैं。
(b) जीन 'ए' और जीन 'बी' एक ही गुणसूत्र पर स्थित हैं और एक दूसरे के साथ निकट रूप से संबंधित हैं。
(c) जीन 'ए' और जीन 'बी' के बीच अत्यधिक पुनर्योजन (रिकॉम्बिनेशन) है。
(d) F₂ पीढ़ी का अनुपात 9:3:3:1 होगा。
(e) F₂ पीढ़ी का अनुपात 9:3:3:1 से काफी भिन्न होगा।
(a) जीन 'ए' और जीन 'बी' दो भिन्न गुणसूत्रों पर स्थित हैं。
(b) जीन 'ए' और जीन 'बी' एक ही गुणसूत्र पर स्थित हैं और एक दूसरे के साथ निकट रूप से संबंधित हैं。
(c) जीन 'ए' और जीन 'बी' के बीच अत्यधिक पुनर्योजन (रिकॉम्बिनेशन) है。
(d) F₂ पीढ़ी का अनुपात 9:3:3:1 होगा。
(e) F₂ पीढ़ी का अनुपात 9:3:3:1 से काफी भिन्न होगा।
- (A) (a) और (d)
- (B) (b) और (e)
- (C) (a) और (c)
- (D) (b) और (d)
सही उत्तर: (B) (b) और (e)
विस्तृत हल: जब दो जीन स्वतंत्र रूप से पृथक (Independent Assortment) नहीं होते, तो इसका अर्थ है कि उनके बीच "सहलग्नता" (Linkage) है। ऐसा तब होता है जब दोनों जीन एक ही गुणसूत्र पर बहुत पास-पास स्थित होते हैं (कथन b सत्य)। सहलग्नता के कारण मेंडल का द्विसंकर अनुपात (9:3:3:1) प्राप्त नहीं होता, बल्कि परिणाम इससे काफी भिन्न आते हैं (कथन e सत्य)। अतः b और e सही हैं।
प्रश्न 25
निम्नलिखित में से कौन से विकल्प एसिटिलीन के अणु के लिए सही हैं ?
(a) कार्बन-कार्बन बंध लंबाई 134 pm होती है
(b) बंध कोण = 180°
(c) संकरण = sp
(d) ज्यामिति रैखिक होती है
(e) संकरण = sp²
(a) कार्बन-कार्बन बंध लंबाई 134 pm होती है
(b) बंध कोण = 180°
(c) संकरण = sp
(d) ज्यामिति रैखिक होती है
(e) संकरण = sp²
- (A) (b), (d) और (e)
- (B) (b), (c) और (a)
- (C) (b), (c) और (d)
- (D) (a), (b), (c) और (d)
सही उत्तर: (C) (b), (c) और (d)
विस्तृत हल: एसिटिलीन या एथाइन (HC≡CH) में कार्बन-कार्बन के बीच त्रिबंध (Triple bond) होता है। त्रिबंध के कारण इसका संकरण (Hybridization) 'sp' होता है (c)। sp संकरण के कारण इसकी ज्यामिति रैखिक (Linear) होती है (d) और इसका बंध कोण बिल्कुल 180° होता है (b)। कार्बन-कार्बन त्रिबंध की लम्बाई 120 pm होती है, 134 pm (जो कि द्विबंध की है) नहीं। अतः b, c और d सत्य हैं।
प्रश्न 26
गोल आकार और पीले रंग के बीजों वाले पादप 1 का झुर्रीदार तथा हरे रंग के बीजों वाले पादप 2 के साथ संकरण करने पर F₁ पीढ़ी में सभी पौधे गोल आकार और पीले रंग के बीजों वाले थे। निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं ?
(a) पीला रंग और गोल आकार, हरे रंग और झुर्रीदार आकार पर प्रभावी होने का गुण दर्शाता है。
(b) हरा रंग और झुर्रीदार आकार, पीले रंग और गोल आकार पर प्रभावी होने का गुण दर्शाता है。
(c) पादप 2 का जीनप्ररूप (जीनोटाइप) दोनों गुण के लिए विषमयुग्मजी है。
(d) पादप 1 का जीनप्ररूप दोनों गुण के लिए समयुग्मजी है。
(e) जो पादप बीज के आकार के लिए विषमयुग्मजी हैं, वे स्वयुग्मन पर केवल झुर्रीदार बीज उत्पन्न करते हैं।
(a) पीला रंग और गोल आकार, हरे रंग और झुर्रीदार आकार पर प्रभावी होने का गुण दर्शाता है。
(b) हरा रंग और झुर्रीदार आकार, पीले रंग और गोल आकार पर प्रभावी होने का गुण दर्शाता है。
(c) पादप 2 का जीनप्ररूप (जीनोटाइप) दोनों गुण के लिए विषमयुग्मजी है。
(d) पादप 1 का जीनप्ररूप दोनों गुण के लिए समयुग्मजी है。
(e) जो पादप बीज के आकार के लिए विषमयुग्मजी हैं, वे स्वयुग्मन पर केवल झुर्रीदार बीज उत्पन्न करते हैं।
- (A) (b) और (d)
- (B) (b) और (e)
- (C) (a) और (d)
- (D) (a) और (c)
सही उत्तर: (C) (a) और (d)
विस्तृत हल: चूँकि F₁ पीढ़ी के सभी पौधे 'गोल और पीले' हैं, इसका अर्थ है कि गोल आकार और पीला रंग प्रभावी (Dominant) लक्षण हैं (a सत्य है)। F₁ में 100% प्रभावी लक्षण तभी आते हैं जब पैतृक पौधे (Plant 1) शुद्ध या समयुग्मजी (Homozygous - RRYY) हों (d सत्य है)। पादप 2 अप्रभावी है अतः वह भी समयुग्मजी (rryy) होगा (c गलत है)। विषमयुग्मजी (Rr) स्वयुग्मन पर गोल और झुर्रीदार दोनों उत्पन्न करते हैं (e गलत है)।
प्रश्न 27
निम्नलिखित संयोजनों में से कौन सा बफर विलयन नहीं है ?
- (A) ग्लाइसीन + ग्लाइसीन हाइड्रोक्लोराइड
- (B) एसिटिक अम्ल + हाईड्रोक्लोरिक अम्ल
- (C) एसिटिक अम्ल + सोडियम एसिटेट
- (D) बोरिक अम्ल + बोरेक्स
सही उत्तर: (B) एसिटिक अम्ल + हाईड्रोक्लोरिक अम्ल
विस्तृत हल: एक बफर विलयन (Buffer Solution) या तो किसी दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार के साथ बने लवण (जैसे- एसिटिक अम्ल + सोडियम एसिटेट) का मिश्रण होता है, या दुर्बल क्षार और उसके प्रबल अम्ल के साथ बने लवण का मिश्रण होता है। एसिटिक अम्ल (दुर्बल) और HCl (प्रबल अम्ल) का मिश्रण बफर विलयन का निर्माण नहीं करता है।
प्रश्न 28
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (पारस्परिक क्रिया का प्रकार)
(a) सहभोजिता
(b) परभक्षण
(c) सहोपकारिता
(d) प्रतिस्पर्धा
सूची-II (उदाहरण)
(i) अंजीर और बर्र
(ii) पिसास्टर और अकशेरूकी प्राणी
(iii) एबिंग्डन कछुआ और बकरी
(iv) बार्नेकल और व्हेल
सूची-I (पारस्परिक क्रिया का प्रकार)
(a) सहभोजिता
(b) परभक्षण
(c) सहोपकारिता
(d) प्रतिस्पर्धा
सूची-II (उदाहरण)
(i) अंजीर और बर्र
(ii) पिसास्टर और अकशेरूकी प्राणी
(iii) एबिंग्डन कछुआ और बकरी
(iv) बार्नेकल और व्हेल
- (A) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)
- (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (C) (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)
- (D) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)
सही उत्तर: (C) (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)
विस्तृत हल: सहभोजिता (+/0) में व्हेल की पीठ पर बार्नेकल का रहना शामिल है (a-iv)। परभक्षण (+/-) का उदाहरण पिसास्टर (स्टारफिश) द्वारा अकशेरुकियों का भक्षण है (b-ii)। सहोपकारिता (+/+) का उदाहरण अंजीर और उसे परागित करने वाले बर्र (Wasp) का संबंध है (c-i)। प्रतिस्पर्धा (-/-) गैलापागोस द्वीप पर एबिंग्डन कछुए और बकरियों के बीच भोजन के लिए होती है (d-iii)।
प्रश्न 29
साम्य पर [H₂] = 2.0 × 10⁻⁴ M, [I₂] = 3.0 × 10⁻⁴ M और [HI] = 5.0 × 10⁻⁴ M हैं। निम्न अभिक्रिया के लिए 298 K पर K_c क्या होगा ?
H₂(g) + I₂(g) ⇌ 2HI(g)
H₂(g) + I₂(g) ⇌ 2HI(g)
- (A) 4.16 × 10⁻⁴
- (B) 4.16
- (C) 0.24 × 10⁻⁴
- (D) 0.24
सही उत्तर: (B) 4.16
विस्तृत हल: साम्यावस्था स्थिरांक (K_c) का सूत्र: K_c = [HI]² / ([H₂][I₂])
दिए गए मान रखने पर: K_c = (5.0 × 10⁻⁴)² / (2.0 × 10⁻⁴ × 3.0 × 10⁻⁴)
K_c = (25.0 × 10⁻⁸) / (6.0 × 10⁻⁸)
K_c = 25 / 6 = 4.166... अतः K_c का मान 4.16 होगा।
दिए गए मान रखने पर: K_c = (5.0 × 10⁻⁴)² / (2.0 × 10⁻⁴ × 3.0 × 10⁻⁴)
K_c = (25.0 × 10⁻⁸) / (6.0 × 10⁻⁸)
K_c = 25 / 6 = 4.166... अतः K_c का मान 4.16 होगा।
प्रश्न 30
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (वस्तु और अक्ष)
(a) 'R' त्रिज्या के ठोस बेलन का, अपने अक्ष के चारों ओर
(b) 'R' त्रिज्या के ठोस गोले का, अपने व्यास के चारों ओर
(c) 'R' त्रिज्या की वृत्तीय डिस्क का, अपने व्यास के चारों ओर
(d) 'R' त्रिज्या के साथ पतली वृत्तीय वलय (रिंग) का, अक्ष के केंद्र में तल के लंबवत्
सूची-II (जड़त्व का आघूर्ण)
(i) MR²
(ii) 2MR² / 5
(iii) MR² / 2
(iv) MR² / 4
सूची-I (वस्तु और अक्ष)
(a) 'R' त्रिज्या के ठोस बेलन का, अपने अक्ष के चारों ओर
(b) 'R' त्रिज्या के ठोस गोले का, अपने व्यास के चारों ओर
(c) 'R' त्रिज्या की वृत्तीय डिस्क का, अपने व्यास के चारों ओर
(d) 'R' त्रिज्या के साथ पतली वृत्तीय वलय (रिंग) का, अक्ष के केंद्र में तल के लंबवत्
सूची-II (जड़त्व का आघूर्ण)
(i) MR²
(ii) 2MR² / 5
(iii) MR² / 2
(iv) MR² / 4
- (A) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (C) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
सही उत्तर: (D) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
विस्तृत हल: 1. ठोस बेलन का अपने अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण MR²/2 होता है (a-iii)। 2. ठोस गोले का उसके व्यास के परितः 2MR²/5 होता है (b-ii)। 3. वृत्ताकार चकती (Disc) का उसके व्यास के परितः MR²/4 होता है (c-iv)। 4. पतली वलय (Ring) का उसके तल के लम्बवत् केंद्र से गुजरने वाले अक्ष के परितः MR² होता है (d-i)।
प्रश्न 31
अभिकथन (A): धमनियों की पतली प्रत्यास्थ भित्तियाँ होती हैं और शिराओं की मोटी प्रत्यास्थ भित्तियाँ होती हैं。
कारण (R): धमनियाँ रक्त को हृदय से उच्च दाब के तहत विभिन्न अंगों में ले जाती हैं और शिराएँ विभिन्न अंगों से रक्त को एकत्रित करके निम्न दाब के तहत वापस हृदय में ले आती हैं।
कारण (R): धमनियाँ रक्त को हृदय से उच्च दाब के तहत विभिन्न अंगों में ले जाती हैं और शिराएँ विभिन्न अंगों से रक्त को एकत्रित करके निम्न दाब के तहत वापस हृदय में ले आती हैं।
- (A) (A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है
- (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
- (C) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (D) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
सही उत्तर: (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
विस्तृत हल: अभिकथन (A) पूरी तरह से गलत है क्योंकि धमनियों (Arteries) की भित्तियां 'मोटी' और प्रत्यास्थ होती हैं, जबकि शिराओं (Veins) की भित्तियां 'पतली' होती हैं। कारण (R) बिल्कुल सत्य है, क्योंकि धमनियों में रक्त हृदय से उच्च दाब के साथ प्रवाहित होता है (इसीलिए इनकी दीवारें मोटी होती हैं ताकि फट न जाएं), जबकि शिराओं में रक्त निम्न दाब से बहता है।
प्रश्न 32
निम्नलिखित अभिक्रिया में:
Benzene + Conc. HNO₃ / Conc. H₂SO₄ (50-60°C) → Nitrobenzene + H₂O
उत्पादित इलेक्ट्रॉनस्नेही (Electrophile) का नाम और ज्यामिति क्या है ?
Benzene + Conc. HNO₃ / Conc. H₂SO₄ (50-60°C) → Nitrobenzene + H₂O
उत्पादित इलेक्ट्रॉनस्नेही (Electrophile) का नाम और ज्यामिति क्या है ?
- (A) नाइट्रोनियम आयन और V-आकार का
- (B) नाइट्राइट आयन और रैखिक
- (C) नाइट्राइट आयन और V-आकार का
- (D) नाइट्रोनियम आयन और रैखिक
सही उत्तर: (D) नाइट्रोनियम आयन और रैखिक
विस्तृत हल: बेंजीन के नाइट्रीकरण (Nitration) में सान्द्र HNO₃ और सान्द्र H₂SO₄ का मिश्रण उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाला इलेक्ट्रोफाइल 'नाइट्रोनियम आयन' (NO₂⁺) होता है। NO₂⁺ में नाइट्रोजन sp संकरित होता है, जिसके कारण इसकी ज्यामिति रैखिक (Linear) होती है।
प्रश्न 33
निम्नलिखित (a) और (b) अभिक्रियाओं पर विचार कीजिए :
(a) SO₂(g) + 1/2 O₂(g) ⇌ SO₃(g) (साम्य स्थिरांक K₁)
(b) SO₃(g) ⇌ SO₂(g) + 1/2 O₂(g) (साम्य स्थिरांक K₂)
K₁ और K₂ के बीच क्या संबन्ध है ?
(a) SO₂(g) + 1/2 O₂(g) ⇌ SO₃(g) (साम्य स्थिरांक K₁)
(b) SO₃(g) ⇌ SO₂(g) + 1/2 O₂(g) (साम्य स्थिरांक K₂)
K₁ और K₂ के बीच क्या संबन्ध है ?
- (A) K₁ = 1 / √K₂
- (B) K₁ = 1 / K₂²
- (C) K₁ = K₂
- (D) K₁ = 1 / K₂
सही उत्तर: (D) K₁ = 1 / K₂
विस्तृत हल: जब किसी उत्क्रमणीय (Reversible) रासायनिक अभिक्रिया को उलट दिया जाता है (Products को Reactants और Reactants को Products बना दिया जाता है), तो नई अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक पुरानी अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक का व्युत्क्रम (Reciprocal) हो जाता है। अतः K₁ = 1 / K₂ होगा।
प्रश्न 34
अभिकथन (A): हीरा ज्ञात पदार्थों में सबसे कठोर होता है, जबकि ग्रेफाइट चिकना और फिसलनदार होता है。
कारण (R): कार्बन तत्व प्रकृति में भिन्न रूपों में पाया जाता है, जिनके अत्यधिक विविध रसायनिक गुण होते हैं।
कारण (R): कार्बन तत्व प्रकृति में भिन्न रूपों में पाया जाता है, जिनके अत्यधिक विविध रसायनिक गुण होते हैं।
- (A) (A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है
- (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
- (C) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (D) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
सही उत्तर: (A) (A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है
विस्तृत हल: अभिकथन (A) सत्य है, हीरा प्राकृतिक रूप से ज्ञात सबसे कठोर पदार्थ है और ग्रेफाइट मुलायम व चिकना है। कारण (R) गलत है क्योंकि कार्बन के विभिन्न अपरूपों (जैसे हीरा, ग्रेफाइट) के 'भौतिक गुण' अत्यधिक भिन्न होते हैं, लेकिन उनके 'रासायनिक गुण' लगभग समान होते हैं (सभी ऑक्सीजन में जलकर CO₂ देते हैं)।
प्रश्न 35
अवस्था (P₁, V₁, T₁) से (P₂, V₂, T₂) तक, एक रुद्धोष्म परिवर्तन (Adiabatic change) में, एक आदर्श गैस द्वारा किया गया कार्य है :
- (A) [μ R C_p (T₁ - T₂)] / (C_p - C_v)
- (B) [μ (T₁ - T₂)] / (C_p - C_v)
- (C) [μ R (P₂V₂ - P₁V₁)] / (γ - 1)
- (D) [μ R C_v (T₁ - T₂)] / (C_p - C_v)
सही उत्तर: (D) [μ R C_v (T₁ - T₂)] / (C_p - C_v)
विस्तृत हल: रुद्धोष्म प्रक्रम में गैस द्वारा किया गया कार्य W = μR(T₁ - T₂) / (γ - 1) होता है। चूँकि γ = C_p / C_v, अतः γ - 1 = (C_p - C_v) / C_v होता है। इसे सूत्र में रखने पर W = [μ R C_v (T₁ - T₂)] / (C_p - C_v) प्राप्त होता है।
प्रश्न 36
दी गई सत्य सारणी (Truth Table) निरूपित करती है:
A B | Y
0 0 | 0
0 1 | 1
1 0 | 1
1 1 | 1
A B | Y
0 0 | 0
0 1 | 1
1 0 | 1
1 1 | 1
- (A) A·B
- (B) (A̅·B̅) का बार
- (C) (A+B) का बार
- (D) A XOR B
सही उत्तर: (B) (A̅·B̅) का बार (जिसका अर्थ A + B है)
विस्तृत हल: दी गई सत्य सारणी 'OR Gate' (Y = A + B) की है, जिसमें किसी भी एक इनपुट के 1 होने पर आउटपुट 1 मिलता है। डी मॉर्गन के प्रमेय (De Morgan's Theorem) के अनुसार, $\overline{\overline{A}\cdot\overline{B}} = A + B$ होता है। अतः विकल्प (B) सही है जो अप्रत्यक्ष रूप से OR गेट को ही दर्शाता है।
प्रश्न 37
सभी धातु कार्बोनेट और हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्लों से अभिक्रिया करके निम्नलिखित को निर्मित करते हैं :
(a) कार्बन डाइऑक्साइड
(b) लवण
(c) जल
(d) ऑक्सीजन
(a) कार्बन डाइऑक्साइड
(b) लवण
(c) जल
(d) ऑक्सीजन
- (A) (b), (c) और (d)
- (B) (a), (b) और (d)
- (C) (a), (b) और (c)
- (D) (a), (c) और (d)
सही उत्तर: (C) (a), (b) और (c)
विस्तृत हल: जब भी कोई धातु कार्बोनेट (जैसे Na₂CO₃) या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट (जैसे NaHCO₃) किसी अम्ल (जैसे HCl) के साथ अभिक्रिया करता है, तो वे संगत लवण (Salt), कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO₂) और जल (H₂O) बनाते हैं। (ऑक्सीजन का निर्माण नहीं होता है)।
प्रश्न 38
निम्नलिखित में से कौन सी अलवण (मीठे) जल की मछली है ?
- (A) रोहू
- (B) पोम्फ्रेट
- (C) हिल्सा
- (D) मैकरेल
सही उत्तर: (A) रोहू
विस्तृत हल: 'रोहू' (Labeo rohita), कतला और मृगल भारत में मीठे जल (Freshwater) यानी नदियों और तालाबों में पाई जाने वाली प्रमुख मछलियां हैं। इसके विपरीत पोम्फ्रेट, हिल्सा, मैकरेल और सार्डिन समुद्री (खारे) जल की मछलियां हैं।
प्रश्न 39
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (परिपथ आरेख में घटक)
(a) विद्युत सेल
(b) तार संधि (जॉइन्ट)
(c) प्लग की या स्विच (खुला)
(d) प्लग की या स्विच (बंद)
सूची-II (प्रतीक चिन्ह)
(विद्युत परिपथ के मानक प्रतीक)
सूची-I (परिपथ आरेख में घटक)
(a) विद्युत सेल
(b) तार संधि (जॉइन्ट)
(c) प्लग की या स्विच (खुला)
(d) प्लग की या स्विच (बंद)
सूची-II (प्रतीक चिन्ह)
(विद्युत परिपथ के मानक प्रतीक)
- (A) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(iii)
- (B) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
- (C) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (D) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
सही उत्तर: (D) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv) (प्रतीकों के मानक क्रम अनुसार)
विस्तृत हल: मानक विद्युत परिपथ प्रतीकों के अनुसार: 'विद्युत सेल' को एक बड़ी और एक छोटी रेखा द्वारा दर्शाया जाता है। 'तार संधि' को एक बिंदु (Dot) से जुड़े तारों से दर्शाया जाता है। 'खुला स्विच' को बिना बिंदु वाले ब्रैकेट ( ) से और 'बंद स्विच' को ब्रैकेट के बीच एक बिंदु ( . ) रखकर दर्शाया जाता है।
प्रश्न 40
मेसेलसन एवं स्टाहल द्वारा किए गए परीक्षण से संबंधित निम्नलिखित चरणों को उनके घटित होने के सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) ई. कोलाई कोशिकाओं को सामान्य ¹⁴NH₄Cl युक्त माध्यम पर स्थानांतरित करना。
(b) विभिन्न समय अंतरालों पर कोशिकाओं की सेम्पलिंग (प्रतिचयन) करना。
(c) ई. कोलाई को एकमात्र नाइट्रोजन स्रोत के रूप में ¹⁵NH₄Cl युक्त माध्यम पर अनेक पीढ़ियों तक वर्धित करना。
(d) नमूनों का CsCl प्रवणताओं पर अपकेंद्रीकरण。
(e) द्वि-रज्जुक डीएनए का निष्कर्षण।
(a) ई. कोलाई कोशिकाओं को सामान्य ¹⁴NH₄Cl युक्त माध्यम पर स्थानांतरित करना。
(b) विभिन्न समय अंतरालों पर कोशिकाओं की सेम्पलिंग (प्रतिचयन) करना。
(c) ई. कोलाई को एकमात्र नाइट्रोजन स्रोत के रूप में ¹⁵NH₄Cl युक्त माध्यम पर अनेक पीढ़ियों तक वर्धित करना。
(d) नमूनों का CsCl प्रवणताओं पर अपकेंद्रीकरण。
(e) द्वि-रज्जुक डीएनए का निष्कर्षण।
- (A) (c) → (a) → (b) → (e) → (d)
- (B) (c) → (b) → (a) → (d) → (e)
- (C) (a) → (b) → (e) → (c) → (d)
- (D) (a) → (b) → (c) → (d) → (e)
सही उत्तर: (A) (c) → (a) → (b) → (e) → (d)
विस्तृत हल: DNA के अर्धसंरक्षी प्रतिकृतियन (Semi-conservative replication) को सिद्ध करने के लिए प्रयोग का क्रम: 1. जीवाणुओं को भारी नाइट्रोजन (¹⁵N) में कई पीढ़ियों तक उगाना (c)। 2. फिर उन्हें सामान्य (¹⁴N) माध्यम में ट्रांसफर करना (a)। 3. अलग-अलग समय पर सैंपल लेना (b)। 4. उन सैंपलों से DNA निकालना (e)। 5. भारी और हल्के DNA को अलग करने के लिए CsCl घनत्व प्रवणता में अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) करना (d)।
प्रश्न 41
दो निकटवर्ती माइलिन आच्छादों के बीच का अंतराल कहलाता है :
- (A) निस्सल कणिकाएँ
- (B) रेनवियर नोड (आसंधि)
- (C) सूत्रयुग्मन गांठ/घुंडी
- (D) सूत्रयुग्मन दरार
सही उत्तर: (B) रेनवियर नोड (आसंधि)
विस्तृत हल: तंत्रिका कोशिका (Neuron) के एक्सॉन (Axon) पर माइलिन शीथ (Myelin sheath) एकसमान रूप से नहीं होती है। यह जगह-जगह पर टूटी हुई होती है। दो निकटवर्ती माइलिन शीथ के बीच के इन खाली स्थानों (गैप्स) को ही 'रेनवियर के नोड्स' (Nodes of Ranvier) कहा जाता है।
प्रश्न 42
अर्धचालकों के संबंध में कौन से कथन सत्य हैं ?
(a) p-प्रकार के अर्धचालक में n_e >> n_h
(b) अग्रगामी बायस में, n-तरफ बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है और p-तरफ बैटरी को धनात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है。
(c) pn डायोड में अग्रबायस धारा mA के क्रम में है。
(d) बाह्य आरोपित वोल्टता को परिवर्तित करके संधि-रोधिकाओं की चौड़ाई को परिवर्तित किया जा सकता है。
(e) P-प्रकार का अर्धचालक, Si का मादन (डोपन) As, Sb, P इत्यादि परमाणुओं से करके प्राप्त किया जाता है।
(a) p-प्रकार के अर्धचालक में n_e >> n_h
(b) अग्रगामी बायस में, n-तरफ बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है और p-तरफ बैटरी को धनात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है。
(c) pn डायोड में अग्रबायस धारा mA के क्रम में है。
(d) बाह्य आरोपित वोल्टता को परिवर्तित करके संधि-रोधिकाओं की चौड़ाई को परिवर्तित किया जा सकता है。
(e) P-प्रकार का अर्धचालक, Si का मादन (डोपन) As, Sb, P इत्यादि परमाणुओं से करके प्राप्त किया जाता है।
- (A) (a), (b) और (c)
- (B) (c), (d) और (e)
- (C) (a), (c) और (e)
- (D) (b), (c) और (d)
सही उत्तर: (D) (b), (c) और (d)
विस्तृत हल: कथन (a) गलत है क्योंकि p-प्रकार में होल्स अधिक होते हैं (n_h >> n_e)। कथन (e) गलत है क्योंकि As, Sb, P पंचसंयोजी (Pentavalent) अशुद्धियां हैं जिनसे 'n-प्रकार' का अर्धचालक बनता है (p-प्रकार के लिए बोरॉन, एल्युमीनियम चाहिए)। कथन b, c, और d PN जंक्शन डायोड के संदर्भ में बिल्कुल सत्य हैं।
प्रश्न 43
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (पदार्थ)
(a) अर्धचालक
(b) धातु
(c) कुचालक
(d) सिलिकॉन (Si)
सूची-II (बैंड अंतराल)
(i) E_g ≃ 1.1 eV
(ii) E_g > 3 eV
(iii) 0.2 से 3 eV
(iv) E_g = 0 eV
सूची-I (पदार्थ)
(a) अर्धचालक
(b) धातु
(c) कुचालक
(d) सिलिकॉन (Si)
सूची-II (बैंड अंतराल)
(i) E_g ≃ 1.1 eV
(ii) E_g > 3 eV
(iii) 0.2 से 3 eV
(iv) E_g = 0 eV
- (A) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)
- (B) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(iii)
- (C) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
सही उत्तर: (A) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)
विस्तृत हल: ठोसों के बैंड सिद्धांत के अनुसार: अर्धचालकों (Semiconductors) का वर्जित ऊर्जा अंतराल (Band Gap E_g) 0.2 eV से 3 eV के बीच होता है (a-iii)। धातुओं (चालकों) में चालन बैंड और संयोजी बैंड ओवरलैप करते हैं, अतः E_g = 0 eV होता है (b-iv)। कुचालकों (Insulators) में E_g > 3 eV होता है (c-ii)। सिलिकॉन (Si) का विशिष्ट बैंड गैप लगभग 1.1 eV होता है (d-i)।
प्रश्न 44
सिट्रिक अम्ल चक्र के निम्नलिखित क्रियाधारों (जैवअणुओं) को उनके अणु में उपस्थित कार्बन की संख्या के आरोही क्रम (कम से अधिक) में व्यवस्थित कीजिए :
(a) पाइरूवेट
(b) ऑक्सेलोएसीटिक अम्ल
(c) α-कीटोग्लूटारिक अम्ल
(d) सिट्रिक अम्ल
(e) एसिटिल कोएन्जाइम ए.
(a) पाइरूवेट
(b) ऑक्सेलोएसीटिक अम्ल
(c) α-कीटोग्लूटारिक अम्ल
(d) सिट्रिक अम्ल
(e) एसिटिल कोएन्जाइम ए.
- (A) (d) → (b) → (a) → (c) → (e)
- (B) (e) → (a) → (b) → (c) → (d)
- (C) (a) → (b) → (d) → (e) → (c)
- (D) (a) → (b) → (c) → (d) → (e)
सही उत्तर: (B) (e) → (a) → (b) → (c) → (d)
विस्तृत हल: कार्बन परमाणुओं की संख्या का आरोही (बढ़ता) क्रम: एसिटिल कोएन्जाइम A में 2 कार्बन होते हैं (e)। पाइरूवेट में 3 कार्बन होते हैं (a)। ऑक्सेलोएसीटिक अम्ल (OAA) में 4 कार्बन होते हैं (b)। α-कीटोग्लूटारिक अम्ल में 5 कार्बन होते हैं (c)। सिट्रिक अम्ल में 6 कार्बन होते हैं (d)। अतः सही क्रम e(2C) -> a(3C) -> b(4C) -> c(5C) -> d(6C) होगा।
प्रश्न 45
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (राशि)
(a) एक निकाय को प्रदान की गई ऊष्मा
(b) विशिष्ट ऊष्मा धारिता
(c) तापीय चालकता
(d) आयतन प्रसार गुणांक
सूची-II (विमाएँ)
(i) [MLT⁻³K⁻¹]
(ii) [K⁻¹]
(iii) [L²T⁻²K⁻¹]
(iv) [M L²T⁻²]
सूची-I (राशि)
(a) एक निकाय को प्रदान की गई ऊष्मा
(b) विशिष्ट ऊष्मा धारिता
(c) तापीय चालकता
(d) आयतन प्रसार गुणांक
सूची-II (विमाएँ)
(i) [MLT⁻³K⁻¹]
(ii) [K⁻¹]
(iii) [L²T⁻²K⁻¹]
(iv) [M L²T⁻²]
- (A) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
- (B) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
सही उत्तर: (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
विस्तृत हल: ऊष्मा (Heat) ऊर्जा का ही रूप है, इसकी विमा [ML²T⁻²] होती है (a-iv)। विशिष्ट ऊष्मा (c = Q/mΔT) की विमा [L²T⁻²K⁻¹] होती है (b-iii)। तापीय चालकता (k) की विमा [MLT⁻³K⁻¹] होती है (c-i)। आयतन प्रसार गुणांक (γ = ΔV/VΔT) की विमा केवल ताप के व्युत्क्रमानुपाती यानी [K⁻¹] होती है (d-ii)।
प्रश्न 46
एक व्यक्ति का रुधिर वर्ग 'AB' है। बताइए कि निम्नलिखित में से कौन से कथन इस व्यक्ति के लिए सही हैं?
(a) व्यक्ति के आर.बी.सी. में प्रतिजन (एंटीजन) A और B हैं。
(b) व्यक्ति सर्व ग्राही है。
(c) व्यक्ति के प्लास्मा में दोनों एंटीबॉडी (एंटी-A और एंटी-B) हैं。
(d) व्यक्ति के प्लास्मा में एंटीबॉडी (एंटी-A और एंटी-B) नहीं हैं。
(e) व्यक्ति सर्व दाता है।
(a) व्यक्ति के आर.बी.सी. में प्रतिजन (एंटीजन) A और B हैं。
(b) व्यक्ति सर्व ग्राही है。
(c) व्यक्ति के प्लास्मा में दोनों एंटीबॉडी (एंटी-A और एंटी-B) हैं。
(d) व्यक्ति के प्लास्मा में एंटीबॉडी (एंटी-A और एंटी-B) नहीं हैं。
(e) व्यक्ति सर्व दाता है।
- (A) (a), (c) और (e)
- (B) (a), (b) और (e)
- (C) (a), (b) और (d)
- (D) (a), (b) और (c)
सही उत्तर: (C) (a), (b) और (d)
विस्तृत हल: AB रुधिर वर्ग वाले व्यक्ति की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) पर 'A' और 'B' दोनों एंटीजन (प्रतिजन) पाए जाते हैं (a सत्य)। एंटीजन होने के कारण प्लाज्मा में कोई भी एंटीबॉडी (एंटी-A या एंटी-B) नहीं पाई जाती (d सत्य, c गलत)। एंटीबॉडी की अनुपस्थिति के कारण ही ऐसा व्यक्ति किसी भी रुधिर वर्ग का खून ले सकता है, अर्थात् वह 'सर्व ग्राही' (Universal Recipient) होता है (b सत्य, e गलत)। अतः a, b, d सही हैं।
प्रश्न 47
क्वान्टम संख्याओं का निम्नलिखित में से कौन सा सेट 5f कक्षक (ऑर्बिटल) में किसी इलेक्ट्रॉन के लिए सही है ?
- (A) n=5, l=5, m=+4, s=+1/2
- (B) n=4, l=2, m=-2, s=-1/2
- (C) n=5, l=3, m=+1, s=+1/2
- (D) n=5, l=4, m=-4, s=-1/2
सही उत्तर: (C) n=5, l=3, m=+1, s=+1/2
विस्तृत हल: 5f कक्षक के लिए मुख्य क्वांटम संख्या (Principal quantum number, n) 5 होगी। दिगंशी क्वांटम संख्या (Azimuthal quantum number, l) 'f' उपकोश के लिए हमेशा 3 होती है (s=0, p=1, d=2, f=3)। चुम्बकीय क्वांटम संख्या (m) का मान -l से +l (-3 से +3) तक कुछ भी हो सकता है, और स्पिन (s) +1/2 या -1/2 होगा। अतः विकल्प (C) जिसमें n=5 और l=3 है, बिल्कुल सही है।
प्रश्न 48
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (जीव)
(a) स्पाइरोगाइरा
(b) अमीबा
(c) राइजोपस
(d) हाइड्रा
सूची-II (पुनरुत्पादन की विधि)
(i) बीजाणु बनने से
(ii) खंडीभवन द्वारा
(iii) पुनर्जनन द्वारा
(iv) विखंडन द्वारा
सूची-I (जीव)
(a) स्पाइरोगाइरा
(b) अमीबा
(c) राइजोपस
(d) हाइड्रा
सूची-II (पुनरुत्पादन की विधि)
(i) बीजाणु बनने से
(ii) खंडीभवन द्वारा
(iii) पुनर्जनन द्वारा
(iv) विखंडन द्वारा
- (A) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
- (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
सही उत्तर: (D) (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
विस्तृत हल: स्पाइरोगाइरा (शैवाल) में मुख्य रूप से खंडीभवन (Fragmentation) द्वारा प्रजनन होता है (a-ii)। अमीबा में द्विविखंडन या बहुविखंडन (Fission) द्वारा प्रजनन होता है (b-iv)। राइजोपस (ब्रेड मोल्ड/कवक) में बीजाणु (Spore) निर्माण द्वारा प्रजनन होता है (c-i)। हाइड्रा में मुकुलन (Budding) के अलावा पुनर्जनन (Regeneration) की भी अपार क्षमता होती है (d-iii)।
प्रश्न 49
नाभिकों के संबंध में कौन से कथन सत्य हैं ?
(a) परमाणु का द्रव्यमान-घनत्व, नाभिक की अमाप पर निर्भर नहीं करता。
(b) विखंडन को बहुत अधिक तापमान की आवश्यकता होती है。
(c) समान न्यूट्रॉन संख्या और विभिन्न प्रोटॉन संख्या के न्यूक्लाइड, समस्थानिक कहलाते हैं。
(d) इलेक्ट्रॉन और पॉजिट्रॉन एक, कण-प्रतिकण युग्म हैं。
(e) इलेक्ट्रॉन और पॉजिट्रॉन जब, इकट्ठे एक दूसरे के पास आते हैं, एक दूसरे का विलोपन कर देते हैं और गामा-किरणे उत्पन्न करते हैं।
(a) परमाणु का द्रव्यमान-घनत्व, नाभिक की अमाप पर निर्भर नहीं करता。
(b) विखंडन को बहुत अधिक तापमान की आवश्यकता होती है。
(c) समान न्यूट्रॉन संख्या और विभिन्न प्रोटॉन संख्या के न्यूक्लाइड, समस्थानिक कहलाते हैं。
(d) इलेक्ट्रॉन और पॉजिट्रॉन एक, कण-प्रतिकण युग्म हैं。
(e) इलेक्ट्रॉन और पॉजिट्रॉन जब, इकट्ठे एक दूसरे के पास आते हैं, एक दूसरे का विलोपन कर देते हैं और गामा-किरणे उत्पन्न करते हैं।
- (A) (c), (d) और (e)
- (B) (a), (c) और (e)
- (C) (b), (d) और (e)
- (D) (a), (b) और (c)
सही उत्तर: (C) (b), (d) और (e) (विकल्पों के अनुसार सबसे उचित)
विस्तृत हल: कथन c गलत है क्योंकि समान न्यूट्रॉन वालों को समन्यूट्रॉनिक (Isotones) कहते हैं, समस्थानिक (Isotopes) नहीं। कथन d सत्य है, पॉजिट्रॉन इलेक्ट्रॉन का एंटीपार्टिकल है। कथन e सत्य है, जब ये टकराते हैं तो मास ऊर्जा (गामा किरणों) में बदल जाता है (Pair annihilation)। कथन b (नाभिकीय संलयन/Fusion के लिए उच्च तापमान चाहिए, प्रश्न में संभवतः संलयन का अनुवाद त्रुटिवश विखंडन है, अंग्रेजी संस्करण में Fusion है जो कि सत्य है)।
प्रश्न 50
नीचे जैवप्रौद्योगिकी और उसके अनुप्रयोगों से संबंधित कथन दिए गए हैं। निम्नलिखित में से सही कथन वाले विकल्पों को चुनिए :
(a) रोजी, पहली पारजीवी (ट्रांसजेनिक) गाय है जिससे α-1-एंटीट्रिप्सिन से समृद्ध दूध प्राप्त किया गया。
(b) एलीसा (ELISA) एक तकनीक है जिसका उपयोग रोगजनकों जैसे जीवाणुओं और विषाणुओं की अति अल्प सांद्रता के संसूचन के लिए किया जाता है。
(c) बी.टी. (Bt) कपास आनुवंशिकतः अभियंत्रित फसल है जिसे मेलोइडोगाइन इनकोगनीशिया के ग्रसन को रोकने के लिए विकसित किया गया था。
(d) गोल्डन राइस आनुवंशिकतः अभियंत्रित फसल है जो विटामिन ए से समृद्ध होती है。
(e) जीन क्राई II एबी (CryIIAb) द्वारा कूटलेखित प्रोटीन कपास के बॉलवर्म (गोलक कृमि) को नियंत्रित करते हैं।
(a) रोजी, पहली पारजीवी (ट्रांसजेनिक) गाय है जिससे α-1-एंटीट्रिप्सिन से समृद्ध दूध प्राप्त किया गया。
(b) एलीसा (ELISA) एक तकनीक है जिसका उपयोग रोगजनकों जैसे जीवाणुओं और विषाणुओं की अति अल्प सांद्रता के संसूचन के लिए किया जाता है。
(c) बी.टी. (Bt) कपास आनुवंशिकतः अभियंत्रित फसल है जिसे मेलोइडोगाइन इनकोगनीशिया के ग्रसन को रोकने के लिए विकसित किया गया था。
(d) गोल्डन राइस आनुवंशिकतः अभियंत्रित फसल है जो विटामिन ए से समृद्ध होती है。
(e) जीन क्राई II एबी (CryIIAb) द्वारा कूटलेखित प्रोटीन कपास के बॉलवर्म (गोलक कृमि) को नियंत्रित करते हैं।
- (A) (a), (b), (d)
- (B) (d), (e)
- (C) (a), (c), (d)
- (D) (b), (d), (e)
सही उत्तर: (B) (d), (e)
विस्तृत हल: कथन a गलत है क्योंकि रोजी गाय के दूध में 'मानव अल्फा-लैक्टैल्बुमिन' (Human alpha-lactalbumin) प्रोटीन था, α-1-एंटीट्रिप्सिन नहीं (यह एम्फिसीमा के इलाज के लिए है)। कथन c गलत है क्योंकि मेलोइडोगाइन (निमेटोड) को रोकने के लिए RNAi तकनीक से तंबाकू का पौधा बनाया गया था, Bt कपास नहीं। कथन d (गोल्डन राइस में विटामिन A/बीटा कैरोटीन) और कथन e (CryIIAb से कॉटन बॉलवर्म का नियंत्रण) पूरी तरह सत्य हैं।
प्रश्न 51
निम्नलिखित स्पीशीज में से कौन-कौन सी इलेक्ट्रॉन रागी (Electrophiles) के रूप में कार्य करती हैं?
(a) एसीलियम आयन
(b) H₂O
(c) CCl₂
(d) कार्ब-ऋणायन
(e) R₂NH
(a) एसीलियम आयन
(b) H₂O
(c) CCl₂
(d) कार्ब-ऋणायन
(e) R₂NH
- (A) (a) और (c)
- (B) (c) और (d)
- (C) (a), (c) और (e)
- (D) (a) और (b)
सही उत्तर: (A) (a) और (c)
विस्तृत हल: इलेक्ट्रॉन रागी (Electrophiles) वे स्पीशीज होती हैं जिनमें इलेक्ट्रॉन की कमी होती है और वे इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं। एसीलियम आयन (R-C⁺=O) धनावेशित होने के कारण इलेक्ट्रॉन रागी है (a)। डाईक्लोरोकार्बीन (CCl₂) एक उदासीन स्पीशीज है लेकिन इसका अष्टक अपूर्ण होने के कारण यह भी प्रबल इलेक्ट्रॉन रागी के रूप में कार्य करता है (c)। H₂O, कार्ब-ऋणायन और R₂NH नाभिकरागी (Nucleophiles) हैं।
प्रश्न 52
आयन A जैसी किसी हाइड्रोजन की आयनन ऊर्जा आयन B जैसी किसी दूसरे हाइड्रोजन की आयनन ऊर्जा से अधिक है। मान लीजिए कि r, u, E तथा L क्रमशः कक्ष की त्रिज्या, इलेक्ट्रॉन की गति, परमाणु की ऊर्जा तथा इलेक्ट्रॉन के कक्षीय कोणिक संवेग को निरूपित करते हैं। तो निम्नतम अवस्था में :
- (A) r_A > r_B
- (B) L_A > L_B
- (C) E_A > E_B
- (D) u_A > u_B
सही उत्तर: (D) u_A > u_B
विस्तृत हल: आयनन ऊर्जा (IE) परमाणु क्रमांक (Z) के वर्ग के समानुपाती होती है (IE ∝ Z²)। चूँकि A की आयनन ऊर्जा B से अधिक है, अतः Z_A > Z_B।
1. वेग u ∝ Z, इसलिए u_A > u_B (सही)।
2. त्रिज्या r ∝ 1/Z, इसलिए r_A < r_B।
3. ऊर्जा E ∝ -Z², चूँकि यह ऋणात्मक है, इसलिए E_A < E_B।
4. कोणीय संवेग L = nh/2π, जो केवल कक्ष (n) पर निर्भर करता है, Z पर नहीं। अतः L_A = L_B।
1. वेग u ∝ Z, इसलिए u_A > u_B (सही)।
2. त्रिज्या r ∝ 1/Z, इसलिए r_A < r_B।
3. ऊर्जा E ∝ -Z², चूँकि यह ऋणात्मक है, इसलिए E_A < E_B।
4. कोणीय संवेग L = nh/2π, जो केवल कक्ष (n) पर निर्भर करता है, Z पर नहीं। अतः L_A = L_B।
प्रश्न 53
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (बीजांडन्यास का प्रकार)
(a) सीमांत (Marginal)
(b) भित्तीय (Parietal)
(c) आधारी (Basal)
(d) मुक्त-स्तंभीय (Free Central)
सूची-II (उदाहरण)
(i) आर्जीमोन
(ii) सूरजमुखी
(iii) डाइएन्थस
(iv) मटर
सूची-I (बीजांडन्यास का प्रकार)
(a) सीमांत (Marginal)
(b) भित्तीय (Parietal)
(c) आधारी (Basal)
(d) मुक्त-स्तंभीय (Free Central)
सूची-II (उदाहरण)
(i) आर्जीमोन
(ii) सूरजमुखी
(iii) डाइएन्थस
(iv) मटर
- (A) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(ii)
- (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (D) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
सही उत्तर: (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
विस्तृत हल: सीमांत (Marginal) बीजांडन्यास मटर (Pea) में पाया जाता है (a-iv)। भित्तीय (Parietal) बीजांडन्यास सरसों और आर्जीमोन (Argemone) में मिलता है (b-i)। आधारी (Basal) बीजांडन्यास सूरजमुखी (Sunflower) और गेंदा में होता है (c-ii)। मुक्त-स्तंभीय (Free Central) बीजांडन्यास डाइएन्थस (Dianthus) और प्रिमरोज में पाया जाता है (d-iii)।
प्रश्न 54
यदि किसी हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन n = ∞ से n = 2 में छलांग लगाए, तो उत्सर्जित विकिरण का तरंगदैर्ध्य क्या होगा ?
(h = 4.14 × 10⁻¹⁵ eVs, प्रकाश की गति = 3 × 10⁸ m/s)
(h = 4.14 × 10⁻¹⁵ eVs, प्रकाश की गति = 3 × 10⁸ m/s)
- (A) 450 nm
- (B) 654 nm
- (C) 365 nm
- (D) 589 nm
सही उत्तर: (C) 365 nm
विस्तृत हल: जब इलेक्ट्रॉन n = ∞ से n = 2 (बामर श्रेणी की सीमा) में गिरता है, तो ऊर्जा अंतर ΔE = 13.6 (1/2² - 1/∞²) = 13.6 / 4 = 3.4 eV होता है।
तरंगदैर्ध्य (λ) = hc / ΔE = (1242 eV·nm) / 3.4 eV ≈ 365 nm।
तरंगदैर्ध्य (λ) = hc / ΔE = (1242 eV·nm) / 3.4 eV ≈ 365 nm।
प्रश्न 55
'कोकेन' जोकि एक विभ्रमकारी (हैलुसिनोजेनिक) यौगिक है, जिसे 'कोक' या 'क्रैक' भी कहते हैं, को इससे प्राप्त किया जाता है:
- (A) कोला निटाडा
- (B) ऐरिथ्रोजाइलम कोका
- (C) पैपेवर सौम्नीफेरम
- (D) एट्रोपा बैलाडोना
सही उत्तर: (B) ऐरिथ्रोजाइलम कोका
विस्तृत हल: कोकीन (Cocaine), जिसे सामान्यतः कोक या क्रैक कहा जाता है, एरिथ्रोजाइलम कोका (Erythroxylum coca) नामक पौधे की पत्तियों से प्राप्त किया जाने वाला एक शक्तिशाली केंद्रीय तंत्रिका तंत्र उत्तेजक एल्केलॉइड है। यह एक विभ्रमकारी पदार्थ है।
प्रश्न 56
पेशी के नीचे दिए गए संरचनात्मक घटकों को संगठन के बढ़ते क्रम में (निम्न से उच्चतर के क्रम में) व्यवस्थित कीजिए :
(a) पेशी तंतु
(b) पूलिका/गुच्छ (Fascicle)
(c) पेशीतंतुक (मायोफाइब्रिल)
(d) मायोसिन
(e) कंकाल पेशी
(a) पेशी तंतु
(b) पूलिका/गुच्छ (Fascicle)
(c) पेशीतंतुक (मायोफाइब्रिल)
(d) मायोसिन
(e) कंकाल पेशी
- (A) (c) → (d) → (b) → (a) → (e)
- (B) (b) → (c) → (d) → (a) → (e)
- (C) (d) → (b) → (c) → (a) → (e)
- (D) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
सही उत्तर: (D) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
विस्तृत हल: पेशी के संगठन का निम्न से उच्च स्तर का सही क्रम: सबसे छोटी प्रोटीन संरचना मायोसिन (d) होती है। मायोसिन के धागों से मिलकर पेशीतंतुक या मायोफाइब्रिल (c) बनते हैं। मायोफाइब्रिल मिलकर पेशी तंतु (Muscle fibre) (a) बनाते हैं। कई पेशी तंतु मिलकर पूलिका/गुच्छ (Fascicle) (b) बनाते हैं, और इन पूलिकाओं से मिलकर पूरी कंकाल पेशी (e) बनती है।
प्रश्न 57
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प एक आहार श्रृंखला बनाता है ?
- (A) बकरी, गाय और हाथी
- (B) घास, मछली और बकरी
- (C) घास, गेहूँ और सेब
- (D) घास, बकरी और मनुष्य
सही उत्तर: (D) घास, बकरी और मनुष्य
विस्तृत हल: एक सही आहार श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह उत्पादक से उपभोक्ताओं की ओर होता है। घास (उत्पादक) को बकरी (प्राथमिक उपभोक्ता/शाकाहारी) खाती है, और बकरी को मनुष्य (द्वितीयक उपभोक्ता/सर्वाहारी) खाता है। अतः 'घास, बकरी और मनुष्य' एक सही खाद्य श्रृंखला है।
प्रश्न 58
नीचे सूचीबद्ध किए गए संघों (फाइलम) में से किस संघ के प्राणी कूट प्रगुही (सूडोसीलोमेट) हैं ?
- (A) एनेलिडा
- (B) आर्थोपोडा
- (C) प्लेटीहेल्मिन्थीज
- (D) एस्केल्मिन्थेस
सही उत्तर: (D) एस्केल्मिन्थेस
विस्तृत हल: 'एस्केल्मिन्थेस' (Aschelminthes - गोल कृमि) संघ के प्राणियों के शरीर में वास्तविक देहगुहा के स्थान पर कूट प्रगुहा (Pseudocoelom) पाई जाती है। प्लेटिहेल्मिन्थीज एगुहीय (Acoelomate) होते हैं, जबकि एनेलिडा और आर्थ्रोपोडा वास्तविक प्रगुही (Coelomate) होते हैं।
प्रश्न 59
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (राशि)
(a) बल आघूर्ण
(b) आवेग
(c) कोणीय वेग
(d) कोणीय संवेग
सूची-II (विमाएँ)
(i) [MLT⁻¹]
(ii) [T⁻¹]
(iii) [ML²T⁻¹]
(iv) [ML²T⁻²]
सूची-I (राशि)
(a) बल आघूर्ण
(b) आवेग
(c) कोणीय वेग
(d) कोणीय संवेग
सूची-II (विमाएँ)
(i) [MLT⁻¹]
(ii) [T⁻¹]
(iii) [ML²T⁻¹]
(iv) [ML²T⁻²]
- (A) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
- (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
सही उत्तर: (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
विस्तृत हल: 1. बल आघूर्ण (Torque = r × F) की विमा [ML²T⁻²] होती है (a-iv)। 2. आवेग (Impulse = F × t) की विमा [MLT⁻¹] होती है (b-i)। 3. कोणीय वेग (ω = θ/t) की विमा [T⁻¹] होती है (c-ii)। 4. कोणीय संवेग (L = mvr) की विमा [ML²T⁻¹] होती है (d-iii)।
प्रश्न 60
निम्नलिखित इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को परमाणु संख्या के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) [Kr] 5s² 5p⁵
(b) [Ne] 3s² 3p³
(c) [Ar] 4s² 4p¹ (4s² 3d¹⁰ 4p¹)
(d) [Xe] 6s¹
(a) [Kr] 5s² 5p⁵
(b) [Ne] 3s² 3p³
(c) [Ar] 4s² 4p¹ (4s² 3d¹⁰ 4p¹)
(d) [Xe] 6s¹
- (A) (b), (c), (a), (d)
- (B) (b), (a), (d), (c)
- (C) (c), (d), (a), (b)
- (D) (a), (c), (b), (d)
सही उत्तर: (A) (b), (c), (a), (d)
विस्तृत हल: अक्रिय गैसों का परमाणु क्रमांक: Ne (10), Ar (18), Kr (36), Xe (54)। अतः विन्यास के अनुसार कुल इलेक्ट्रॉन: (b) 10+5 = 15 (फॉस्फोरस)। (c) 18+13 = 31 (गैलियम)। (a) 36+17 = 53 (आयोडीन)। (d) 54+1 = 55 (सीजियम)। अतः परमाणु संख्या का बढ़ता क्रम (b) < (c) < (a) < (d) होगा।
प्रश्न 61
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (भौतिक राशि)
(a) विद्युत् फ्लक्स
(b) विद्युत् क्षेत्र
(c) द्विध्रुव आघूर्ण
(d) रैखिक आवेश घनत्व
सूची-II (विमाएँ)
(i) [L⁻¹TA]
(ii) [MLT⁻³A⁻¹]
(iii) [ML³T⁻³A⁻¹]
(iv) [LTA]
सूची-I (भौतिक राशि)
(a) विद्युत् फ्लक्स
(b) विद्युत् क्षेत्र
(c) द्विध्रुव आघूर्ण
(d) रैखिक आवेश घनत्व
सूची-II (विमाएँ)
(i) [L⁻¹TA]
(ii) [MLT⁻³A⁻¹]
(iii) [ML³T⁻³A⁻¹]
(iv) [LTA]
- (A) (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
- (B) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
- (C) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(ii)
सही उत्तर: (B) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
विस्तृत हल: 1. विद्युत् क्षेत्र (E = F/q) की विमा [MLT⁻³A⁻¹] है (b-ii)। 2. विद्युत् फ्लक्स (Φ = E.A) की विमा [MLT⁻³A⁻¹] × [L²] = [ML³T⁻³A⁻¹] है (a-iii)। 3. द्विध्रुव आघूर्ण (p = q × 2a) की विमा [AT] × [L] = [LTA] है (c-iv)। 4. रैखिक आवेश घनत्व (λ = q/L) की विमा [AT] / [L] = [L⁻¹TA] है (d-i)।
प्रश्न 62
सामान्य निकट बिंदु (25 cm) वाला एक व्यक्ति, जो 8.0 mm की फोकस दूरी वाले अभिदृश्यक वाले तथा 2.5 cm की फोकस दूरी वाली नेत्रिका के साथ एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कर अभिदृश्यक से 9.00 mm की दूरी पर रखी किसी वस्तु को शार्प फोकस में ला सकता है। दो लेंसों के बीच की पृथकता दूरी है :
- (A) 9.47 cm
- (B) 11.67 cm
- (C) 12.67 cm
- (D) 6.47 cm
सही उत्तर: (A) 9.47 cm
विस्तृत हल: अभिदृश्यक लेंस (Objective) के लिए: f_o = 8 mm, u_o = -9 mm. लेंस सूत्र (1/v - 1/u = 1/f) से 1/v_o + 1/9 = 1/8 ➔ v_o = 72 mm = 7.2 cm.
नेत्रिका लेंस (Eyepiece) के लिए: प्रतिबिंब निकट बिंदु पर है अतः v_e = -25 cm, f_e = 2.5 cm. 1/(-25) - 1/u_e = 1/2.5 ➔ u_e = -25/11 ≈ -2.27 cm.
दोनों लेंसों के बीच की दूरी (L) = v_o + |u_e| = 7.2 + 2.27 = 9.47 cm.
नेत्रिका लेंस (Eyepiece) के लिए: प्रतिबिंब निकट बिंदु पर है अतः v_e = -25 cm, f_e = 2.5 cm. 1/(-25) - 1/u_e = 1/2.5 ➔ u_e = -25/11 ≈ -2.27 cm.
दोनों लेंसों के बीच की दूरी (L) = v_o + |u_e| = 7.2 + 2.27 = 9.47 cm.
प्रश्न 63
छह से अधिक जायलम युग्म, अधिचर्म, वल्कुट, अंतश्चर्म, परिरंभ, वेस्कुलर बंडल तथा बड़े और सुविकसित पिथ तथा कोई द्वितीयक वृद्धि नहीं। यह शरीर रचनात्मक विशेषताएँ किसकी हैं ?
- (A) एकबीजपत्री तना
- (B) द्विबीजपत्री तना
- (C) एकबीजपत्री जड़
- (D) द्विबीजपत्री जड़
सही उत्तर: (C) एकबीजपत्री जड़
विस्तृत हल: छह से अधिक (Polyarch) जायलम बंडल, स्पष्ट और बड़ी पिथ (मज्जा), तथा द्वितीयक वृद्धि का पूर्ण अभाव मुख्य रूप से 'एकबीजपत्री जड़' (Monocot root) की शारीरिक विशेषताएँ हैं। द्विबीजपत्री जड़ों में सामान्यतः 2 से 4 जायलम बंडल होते हैं और पिथ छोटी या अनुपस्थित होती है।
प्रश्न 64
अनैच्छिक क्रियाएँ जैसे रक्त दाब, लार बनना और उल्टी आना नियंत्रित होती हैं:
- (A) क्रेनियम (कपाल) से
- (B) अग्रमस्तिष्क से
- (C) मेडुला (मध्यांश) से
- (D) सेरीब्रम (प्रमस्तिष्क) से
सही उत्तर: (C) मेडुला (मध्यांश) से
विस्तृत हल: मनुष्य के पश्चमस्तिष्क (Hindbrain) का भाग 'मेडुला ओबलोंगेटा' (Medulla oblongata) सभी महत्वपूर्ण अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions) जैसे- हृदय स्पंदन, रक्तचाप, श्वसन, लार आना (Salivation) और उल्टी (Vomiting) के केंद्रों को नियंत्रित करता है।
प्रश्न 65
अभिकथन (A): शुद्ध सोना (स्वर्ण) जिसे 24 कैरट का सोना कहते हैं, आभूषण बनाने के लिए अत्यधिक उपयुक्त होता है。
कारण (R): शुद्ध सोना, जिसे 24 कैरट का सोना कहते हैं अत्यधिक मृदु होता है।
कारण (R): शुद्ध सोना, जिसे 24 कैरट का सोना कहते हैं अत्यधिक मृदु होता है।
- (A) (A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है
- (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
- (C) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (D) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
सही उत्तर: (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
विस्तृत हल: अभिकथन (A) गलत है क्योंकि 24 कैरट (100% शुद्ध) सोना आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त 'नहीं' होता है। कारण (R) सत्य है क्योंकि शुद्ध सोना इतना मुलायम (मृदु) होता है कि उससे बने आभूषण आसानी से मुड़ या टूट सकते हैं। इसलिए आभूषणों को कठोरता प्रदान करने के लिए इसमें तांबा या चांदी मिलाकर इसे 22 कैरट का बनाया जाता है।
प्रश्न 66
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (अणु)
विभिन्न कार्बनिक यौगिक/संरचनाएँ
सूची-II (अतिसंयुग्मन अन्योन्यक्रिया की संख्या)
4, 5, 6, 7
सूची-I (अणु)
विभिन्न कार्बनिक यौगिक/संरचनाएँ
सूची-II (अतिसंयुग्मन अन्योन्यक्रिया की संख्या)
4, 5, 6, 7
- (A) (a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)
- (B) (a)-(i), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
सही उत्तर: (मूल पेपर के चित्र पर आधारित)
विस्तृत हल: अतिसंयुग्मन (Hyperconjugation) संरचनाओं की संख्या यौगिक में मौजूद 'अल्फा-हाइड्रोजन' (α-H) परमाणुओं की संख्या पर निर्भर करती है। जिस कार्बनिक आयन या एल्कीन में जितने α-H होंगे, उसमें अतिसंयुग्मन की संख्या उतनी ही अधिक होगी। (चूँकि प्रश्न में अणु चित्र रूप में हैं, अतः उत्तर α-हाइड्रोजन गिनकर ज्ञात किया जाता है)।
प्रश्न 67
किसी रेडियो सक्रिय न्यूक्लाइड की अर्ध आयु 20 घंटे है। 40 घंटे के बाद मूल सक्रियता का कितना भाग रह जाएगा ?
- (A) 1/8
- (B) 1/16
- (C) 1/2
- (D) 1/4
सही उत्तर: (D) 1/4
विस्तृत हल: अर्ध आयु (T_1/2) = 20 घंटे। कुल समय (t) = 40 घंटे।
अर्ध आयुओं की संख्या (n) = t / T_1/2 = 40 / 20 = 2।
शेष सक्रियता का भाग = (1/2)ⁿ = (1/2)² = 1/4 भाग।
अर्ध आयुओं की संख्या (n) = t / T_1/2 = 40 / 20 = 2।
शेष सक्रियता का भाग = (1/2)ⁿ = (1/2)² = 1/4 भाग।
प्रश्न 68
निर्माता प्रायः चिप्स की थैलियों को नाइट्रोजन जैसी गैस से भर देते हैं, जिससे इस अभिक्रिया से बचा जा सके :
- (A) अपघटन अभिक्रिया
- (B) संयोजन अभिक्रिया
- (C) ऑक्सीकरण अभिक्रिया
- (D) विस्थापन अभिक्रिया
सही उत्तर: (C) ऑक्सीकरण अभिक्रिया
विस्तृत हल: खाद्य पदार्थों में मौजूद वसा और तेल ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर ऑक्सीकृत होकर खराब हो जाते हैं (विकृतगंधिता/Rancidity)। इस 'ऑक्सीकरण अभिक्रिया' (Oxidation) को रोकने और चिप्स को ताज़ा रखने के लिए थैलियों में ऑक्सीजन निकालकर अक्रिय नाइट्रोजन (Nitrogen) गैस भरी जाती है।
प्रश्न 69
निम्नलिखित को सही अनुक्रम में इस प्रकार व्यवस्थित करें जैसे जल बाहरी पर्यावरण से जड़ों में जायलम में प्रवेश करता है :
(a) अंतश्चर्म
(b) परिरंभ
(c) वल्कुट (कॉर्टेक्स)
(d) अधिचर्म
(a) अंतश्चर्म
(b) परिरंभ
(c) वल्कुट (कॉर्टेक्स)
(d) अधिचर्म
- (A) (d) → (c) → (a) → (b)
- (B) (a) → (c) → (d) → (b)
- (C) (d) → (c) → (b) → (a)
- (D) (a) → (d) → (b) → (c)
सही उत्तर: (A) (d) → (c) → (a) → (b)
विस्तृत हल: मृदा से अवशोषित जल जड़ों की परतों से होते हुए जायलम तक पहुँचता है। इस मार्ग का सही अनुक्रम है: सबसे बाहरी परत अधिचर्म/एपिडर्मिस (d), फिर वल्कुट/कॉर्टेक्स (c), उसके बाद अंतश्चर्म/एंडोडर्मिस (a), और फिर परिरंभ/पेरिसाइकिल (b) से होते हुए जल जायलम में पहुँचता है।
प्रश्न 70
दी गई अभिक्रिया में मुख्य उत्पाद [P] क्या है ?
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन) + HBr → [(C₆H₅CO)₂O₂ की उपस्थिति में] → [P]
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन) + HBr → [(C₆H₅CO)₂O₂ की उपस्थिति में] → [P]
- (A) चित्र-आधारित विकल्प A
- (B) चित्र-आधारित विकल्प B
- (C) चित्र-आधारित विकल्प C
- (D) चित्र-आधारित विकल्प D
सही उत्तर: (एंटी-मार्कोनीकॉफ उत्पाद)
विस्तृत हल: जब किसी असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन) की HBr के साथ परॉक्साइड [(C₆H₅CO)₂O₂] की उपस्थिति में अभिक्रिया कराई जाती है, तो उत्पाद "खराश प्रभाव" या 'एंटी-मार्कोनीकॉफ नियम' (Anti-Markovnikov addition) के अनुसार बनता है। इसमें ब्रोमीन (Br) परमाणु द्विबंध के उस कार्बन से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
प्रश्न 71
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण द्वितीयक मेटाबोलाइट्स)
(a) अल्केलॉइड्स
(b) टॉक्सिन (विष)
(c) पॉलीमर पदार्थ
(d) लैक्टिन
सूची-II (उदाहरण)
(i) अबरिन
(ii) कौनकानावालिन A
(iii) मॉर्फिन
(iv) सेलुलोज
सूची-I (आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण द्वितीयक मेटाबोलाइट्स)
(a) अल्केलॉइड्स
(b) टॉक्सिन (विष)
(c) पॉलीमर पदार्थ
(d) लैक्टिन
सूची-II (उदाहरण)
(i) अबरिन
(ii) कौनकानावालिन A
(iii) मॉर्फिन
(iv) सेलुलोज
- (A) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(ii)
- (B) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv)
- (C) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
- (D) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)
सही उत्तर: (C) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
विस्तृत हल: पादपों के द्वितीयक उपापचयों (Secondary metabolites) का मिलान: मॉर्फिन (Morphine) और कोडीन 'अल्केलॉइड्स' हैं (a-iii)। अबरिन (Abrin) और रिसिन 'टॉक्सिन' (विष) हैं (b-i)। रबर, गोंद और सेलुलोज 'पॉलीमर' (बहुलक) पदार्थ हैं (c-iv)। कौनकानावालिन A (Concanavalin A) एक 'लैक्टिन' है (d-ii)।
प्रश्न 72
पृष्ठ तनाव और श्यानता गुणांक की एस.आई. इकाइयाँ क्रमशः ये हैं :
- (A) Nm⁻¹ और Nsm⁻²
- (B) Nm⁻² और Nm⁻¹
- (C) Nm⁻¹ और Nm²
- (D) Nm और Nsm⁻²
सही उत्तर: (A) Nm⁻¹ और Nsm⁻²
विस्तृत हल: पृष्ठ तनाव (Surface Tension) बल प्रति इकाई लम्बाई (F/L) होता है, अतः इसकी SI इकाई न्यूटन/मीटर (Nm⁻¹) है। श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity, η) का सूत्र F = ηA(dv/dx) से η = F/(A(dv/dx)) होता है, जिसकी SI इकाई न्यूटन-सेकंड प्रति वर्ग मीटर (Nsm⁻² या Pa·s) है।
प्रश्न 73
किसी कण के एक सरल आवर्त गति के लिए, a(t) = -ω²A cos(ωt + φ), यहाँ a(t) त्वरण है। निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
(a) x(t) = A cos(ωt + φ), यहाँ x(t) विस्थापन है。
(b) a(t) = -ω²A cos(ωt + φ), यहाँ a(t) त्वरण है。
(c) एक सरल आवर्त गति में, आरोपित बल विस्थापन के व्युत्क्रमानुपाती होता है。
(d) v(t) = -ωA sin(ωt + φ), यहाँ v(t) वेग है。
(e) हूक के नियम में बल स्थिरांक का मात्रक [MT⁻¹] है।
(a) x(t) = A cos(ωt + φ), यहाँ x(t) विस्थापन है。
(b) a(t) = -ω²A cos(ωt + φ), यहाँ a(t) त्वरण है。
(c) एक सरल आवर्त गति में, आरोपित बल विस्थापन के व्युत्क्रमानुपाती होता है。
(d) v(t) = -ωA sin(ωt + φ), यहाँ v(t) वेग है。
(e) हूक के नियम में बल स्थिरांक का मात्रक [MT⁻¹] है।
- (A) (a), (b) और (d)
- (B) (a), (c) और (d)
- (C) (a), (c), (d) और (e)
- (D) (b), (c) और (e)
सही उत्तर: (A) (a), (b) और (d)
विस्तृत हल: SHM में विस्थापन x(t) = A cos(ωt + φ) होता है (a)। इसका अवकलन करने पर वेग v(t) = -ωA sin(ωt + φ) आता है (d)। और पुनः अवकलन से त्वरण a(t) = -ω²A cos(ωt + φ) आता है (b)। कथन c गलत है क्योंकि बल विस्थापन के अनुक्रमानुपाती (समानुपाती) होता है। कथन e गलत है क्योंकि बल नियतांक k की विमा [MT⁻²] होती है।
प्रश्न 74
बताइए कि निम्नलिखित में से कौन से कथन समजात (Homologous) अंगों के लिए सही हैं ?
(a) इनकी एक जैसी शारीरीय संरचना होती है लेकिन ये अलग-अलग कार्य करते हैं。
(b) इनकी एक जैसी शारीरीय संरचना नहीं होती है लेकिन ये एक जैसे कार्य करते हैं。
(c) ये अभिसारी विकास का परिणाम हैं。
(d) ये अपसारी विकास का परिणाम हैं。
(e) तितली के पंख और पक्षियों के पंख समजात अंगों के उदाहरण हैं।
(a) इनकी एक जैसी शारीरीय संरचना होती है लेकिन ये अलग-अलग कार्य करते हैं。
(b) इनकी एक जैसी शारीरीय संरचना नहीं होती है लेकिन ये एक जैसे कार्य करते हैं。
(c) ये अभिसारी विकास का परिणाम हैं。
(d) ये अपसारी विकास का परिणाम हैं。
(e) तितली के पंख और पक्षियों के पंख समजात अंगों के उदाहरण हैं।
- (A) (a) और (e)
- (B) (b) और (e)
- (C) (a) और (d)
- (D) (b) और (c)
सही उत्तर: (C) (a) और (d)
विस्तृत हल: समजात अंग (Homologous organs) वे होते हैं जिनकी मूल उत्पत्ति और शारीरिक संरचना समान होती है, लेकिन वे विभिन्न वातावरण में अलग-अलग कार्य करने के लिए अनुकूलित हो जाते हैं (a सत्य)। यह 'अपसारी विकास' (Divergent evolution) को दर्शाता है (d सत्य)। कथन (b), (c) और (e) समवृत्ति (Analogous) अंगों की विशेषताएं हैं। अतः a और d सही हैं।
प्रश्न 75
केन्द्र से 'r' दूरी पर, अक्ष के ऊपर द्विध्रुव-विद्युत क्षेत्र (Dipole electric field) हेतु व्यंजक है : (जहाँ p द्विध्रुव आघूर्ण सदिश है)
- (A) pr / 4πϵ₀(r² - a²)^(3/2)
- (B) 2pr / (r² - a²)^(3/2)
- (C) pr / 4πϵ₀(r² - a²)²
- (D) 2pr / 4πϵ₀(r² - a²)²
सही उत्तर: (D) 2pr / 4πϵ₀(r² - a²)²
विस्तृत हल: विद्युत द्विध्रुव (Electric Dipole) के कारण उसकी अक्षीय स्थिति (Axial line) पर केंद्र से r दूरी पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का सूत्र E = (1/4πϵ₀) × (2pr / (r² - a²)²) होता है। जहाँ 2a द्विध्रुव की लम्बाई है। (यदि r >> a हो, तो यह सूत्र 2p / 4πϵ₀r³ बन जाता है)। दिए गए विकल्पों में (D) एकदम सटीक व्यंजक है।
प्रश्न 76
नीचे कोशिका और उसके घटकों के संबंध में कुछ कथन दिए गए हैं। सही कथनों वाले विकल्प का चयन करें।
(a) अग्रबिन्दुक गुणसूत्र में अग्रस्थ (टर्मिनल) सूत्रकेन्द्रक होता है。
(b) अक्षसूत्र अरीय व्यवस्थित परिरेखीय सूक्ष्मनलिकाओं के नौ द्विगुणक धारित करते हैं。
(c) माइक्रोबॉडी पादप और प्राणी, दोनों कोशिकाओं में उपस्थित होती हैं。
(d) लाइजोसोम ऑक्सीडेसेस, लिगासेस और ट्रांसफेरासेस प्रकार के एंजाइमों में समृद्ध होते हैं。
(e) अमीबा में परासरणनियमन और उत्सर्जन के लिए संकुचनशील धानी महत्वपूर्ण होती है।
(a) अग्रबिन्दुक गुणसूत्र में अग्रस्थ (टर्मिनल) सूत्रकेन्द्रक होता है。
(b) अक्षसूत्र अरीय व्यवस्थित परिरेखीय सूक्ष्मनलिकाओं के नौ द्विगुणक धारित करते हैं。
(c) माइक्रोबॉडी पादप और प्राणी, दोनों कोशिकाओं में उपस्थित होती हैं。
(d) लाइजोसोम ऑक्सीडेसेस, लिगासेस और ट्रांसफेरासेस प्रकार के एंजाइमों में समृद्ध होते हैं。
(e) अमीबा में परासरणनियमन और उत्सर्जन के लिए संकुचनशील धानी महत्वपूर्ण होती है।
- (A) (a), (b), (d), (e)
- (B) (b), (c), (e)
- (C) (a), (c), (d)
- (D) (b), (d), (e)
सही उत्तर: (B) (b), (c), (e)
विस्तृत हल: कथन a गलत है क्योंकि अग्रस्थ (टर्मिनल) सेंट्रोमियर टीलोसेंट्रिक (Telocentric) गुणसूत्र में होता है, एक्रोसेंट्रिक में सिरे के पास होता है। कथन d गलत है क्योंकि लाइसोसोम में 'हाइड्रोलेसेस' (Hydrolases) एंजाइम पाए जाते हैं, ऑक्सीडेज या लाइगेज नहीं। कथन b (सिलिया/फ्लेजिला का 9+2 विन्यास), c (माइक्रोबॉडी दोनों में) और e (अमीबा में संकुचनशील धानी का कार्य) पूर्णतः सत्य हैं।
प्रश्न 77
निम्नलिखित द्रवों को उनकी क्वथनांक के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) एथिल एल्कोहल
(b) कार्बन टेट्राक्लोराईड
(c) पानी
(d) डाईएथिल ईथर
(a) एथिल एल्कोहल
(b) कार्बन टेट्राक्लोराईड
(c) पानी
(d) डाईएथिल ईथर
- (A) (b), (a), (d), (c)
- (B) (c), (a), (b), (d)
- (C) (a), (c), (b), (d)
- (D) (d), (b), (a), (c)
सही उत्तर: (B) (c), (a), (b), (d)
विस्तृत हल: दिए गए द्रवों के सामान्य क्वथनांक (Boiling Points) इस प्रकार हैं: पानी (Water) = 100°C, एथिल एल्कोहल (Ethanol) = 78.4°C, कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) = 76.7°C, और डाईएथिल ईथर = 34.6°C। अतः उच्च से निम्न क्वथनांक का घटता क्रम c > a > b > d होगा।
प्रश्न 78
'सेब' फल का कौनसा भाग खाने योग्य होता है ?
- (A) बीज
- (B) अंतः फलभित्ति
- (C) ऐकीन
- (D) पुष्पासन
सही उत्तर: (D) पुष्पासन
विस्तृत हल: सेब एक आभासी या 'कूट फल' (False fruit) है, जिसका निर्माण अंडाशय (Ovary) से न होकर फूल के पुष्पासन (Thalamus) से होता है। सेब में हम जो गूदेदार हिस्सा खाते हैं, वह वास्तव में मांसल पुष्पासन ही होता है।
प्रश्न 79
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (संरचना)
(a) बोमन-संपुट
(b) समीपस्थ संवलित नलिका (PCT)
(c) हेनले-पाश (लूप) की अवरोही भुजा
(d) हेनले-पाश (लूप) की आरोही भुजा
सूची-II (कार्य)
(i) जल के लिए अपारगम्य लेकिन विद्युत अपघट्यों के परिवहन को संभव बनाता है
(ii) जल के लिए पारगम्य लेकिन विद्युत अपघट्यों के लिए लगभग अपारगम्य
(iii) जल और विद्युत अपघट्यों दोनों के लिए पारगम्य
(iv) केशिका-गुच्छ (ग्लोमेरूलस) को घेरे रहता है
सूची-I (संरचना)
(a) बोमन-संपुट
(b) समीपस्थ संवलित नलिका (PCT)
(c) हेनले-पाश (लूप) की अवरोही भुजा
(d) हेनले-पाश (लूप) की आरोही भुजा
सूची-II (कार्य)
(i) जल के लिए अपारगम्य लेकिन विद्युत अपघट्यों के परिवहन को संभव बनाता है
(ii) जल के लिए पारगम्य लेकिन विद्युत अपघट्यों के लिए लगभग अपारगम्य
(iii) जल और विद्युत अपघट्यों दोनों के लिए पारगम्य
(iv) केशिका-गुच्छ (ग्लोमेरूलस) को घेरे रहता है
- (A) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (B) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (C) (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(i)
- (D) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
सही उत्तर: (A) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
विस्तृत हल: 1. बोमन-संपुट ग्लोमेरूलस को घेरने वाली एक प्यालेनुमा संरचना है (a-iv)। 2. PCT में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स (70-80%) दोनों का सक्रिय और निष्क्रिय अवशोषण होता है (b-iii)। 3. हेनले लूप की अवरोही (Descending) भुजा जल के लिए पारगम्य लेकिन लवणों के लिए अपारगम्य है (c-ii)। 4. आरोही (Ascending) भुजा जल के लिए अपारगम्य होती है लेकिन आयनों को बाहर जाने देती है (d-i)।
प्रश्न 80
एक त्रिसमनताक्ष (ट्राइगोनल) क्रिस्टल में (a, b और c किनारों की लम्बाई और α, β और γ अक्षीय कोण हैं) :
- (A) a = b ≠ c, α = β = γ = 90°
- (B) a = b ≠ c, α = β = 90°, γ = 120°
- (C) a = b = c, α = β = γ = 90°
- (D) a = b = c, α = β = γ ≠ 90°
सही उत्तर: (D) a = b = c, α = β = γ ≠ 90°
विस्तृत हल: 7 क्रिस्टल तंत्रों में त्रिसमनताक्ष या रोम्बोहेड्रल (Trigonal/Rhombohedral) तंत्र की मुख्य विशेषता यह होती है कि इसके तीनों किनारे (अक्षीय लम्बाइयाँ) बराबर होते हैं (a = b = c) और इसके तीनों अक्षीय कोण (α, β, γ) भी आपस में बराबर होते हैं, लेकिन कोई भी कोण 90° का नहीं होता है (α = β = γ ≠ 90°)।
प्रश्न 81
किसी आदर्श गैस 'P' की एक निश्चित मात्रा का घनत्व 273 K और 760 mm Hg पर 2 g L⁻¹ है। उसी गैस 'P' की उसी मात्रा पर 27°C तथा 700 mm Hg पर घनत्व होगा :
- (A) 2.67 g L⁻¹
- (B) 1.676 g L⁻¹
- (C) 16.76 g L⁻¹
- (D) 0.167 g L⁻¹
सही उत्तर: (B) 1.676 g L⁻¹
विस्तृत हल: आदर्श गैस समीकरण के अनुसार घनत्व ρ = PM/RT होता है। अर्थात् घनत्व (ρ) दाब (P) के अनुक्रमानुपाती और ताप (T) के व्युत्क्रमानुपाती है।
सूत्र: ρ₁ / ρ₂ = (P₁ / T₁) / (P₂ / T₂)
यहाँ ρ₁ = 2 g/L, P₁ = 760, T₁ = 273 K. तथा P₂ = 700, T₂ = 27°C = 300 K.
2 / ρ₂ = (760 / 273) / (700 / 300)
2 / ρ₂ = (760 × 300) / (700 × 273) = 228000 / 191100 = 1.193
ρ₂ = 2 / 1.193 ≈ 1.676 g L⁻¹
सूत्र: ρ₁ / ρ₂ = (P₁ / T₁) / (P₂ / T₂)
यहाँ ρ₁ = 2 g/L, P₁ = 760, T₁ = 273 K. तथा P₂ = 700, T₂ = 27°C = 300 K.
2 / ρ₂ = (760 / 273) / (700 / 300)
2 / ρ₂ = (760 × 300) / (700 × 273) = 228000 / 191100 = 1.193
ρ₂ = 2 / 1.193 ≈ 1.676 g L⁻¹
प्रश्न 82
कौनसा पेप्टाइड जीनीय अभियांत्रिकृत इंसुलिन का भाग नहीं है ?
- (A) 'C' पेप्टाइड
- (B) 'A' और 'B' पेप्टाइड दोनों
- (C) 'A' पेप्टाइड
- (D) 'B' पेप्टाइड
सही उत्तर: (A) 'C' पेप्टाइड
विस्तृत हल: प्राकृतिक प्रो-इंसुलिन (Pro-insulin) में तीन पेप्टाइड श्रृंखलाएं (A, B और C) होती हैं। इंसुलिन के परिपक्व (Mature) होने पर 'C' पेप्टाइड अलग हो जाता है। अतः जेनेटिक इंजीनियरिंग (जैसे एली लिली कंपनी द्वारा) से बनाए गए परिपक्व और कृत्रिम मानव इंसुलिन (ह्युमुलिन) में केवल 'A' और 'B' पेप्टाइड ही होते हैं, 'C' पेप्टाइड इसका भाग नहीं होता।
प्रश्न 83
3 g कार्बन के तुल्य ऊर्जा होगी :
- (A) 3 × 10¹⁸ J
- (B) 2.7 × 10¹⁴ J
- (C) 9 × 10¹⁷ J
- (D) 8.1 × 10¹³ J
सही उत्तर: (B) 2.7 × 10¹⁴ J
विस्तृत हल: आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता समीकरण E = mc² के अनुसार:
द्रव्यमान m = 3 g = 3 × 10⁻³ kg.
प्रकाश का वेग c = 3 × 10⁸ m/s.
E = (3 × 10⁻³) × (3 × 10⁸)² = (3 × 10⁻³) × (9 × 10¹⁶)
E = 27 × 10¹³ J = 2.7 × 10¹⁴ J.
द्रव्यमान m = 3 g = 3 × 10⁻³ kg.
प्रकाश का वेग c = 3 × 10⁸ m/s.
E = (3 × 10⁻³) × (3 × 10⁸)² = (3 × 10⁻³) × (9 × 10¹⁶)
E = 27 × 10¹³ J = 2.7 × 10¹⁴ J.
प्रश्न 84
अभिकथन (A): उत्तल दर्पण में वाहन चालक के लिए समतल दर्पण की तुलना में अधिक विस्तृत क्षेत्र को देखना संभव होता है。
कारण (R): उत्तल दर्पण सीधा और ह्रासमान (छोटा) प्रतिबिंब बनाते हैं。
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
कारण (R): उत्तल दर्पण सीधा और ह्रासमान (छोटा) प्रतिबिंब बनाते हैं。
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
- (A) (A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है
- (B) (A) सही नहीं है लेकिन (R) सही है
- (C) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (D) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
सही उत्तर: (C) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
विस्तृत हल: उत्तल दर्पण (Convex Mirror) का उपयोग वाहनों में पीछे देखने वाले (Rear-view) दर्पण के रूप में किया जाता है क्योंकि इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) बहुत व्यापक होता है (A सही है)। इसका मुख्य कारण ही यह है कि यह हमेशा वस्तुओं का सीधा (Erect) और छोटा (Diminished) प्रतिबिंब बनाता है, जिससे छोटे से शीशे में पीछे का बड़ा हिस्सा दिख जाता है (R सही है और A की सही व्याख्या करता है)।
प्रश्न 85
इस दिए गए अणु (Cyclopentenol with OH at one position and double bond starting next to it) के लिए सही आई.यू.पी.ए.सी. (IUPAC) नाम का चयन करें :
- (A) साइक्लोपेन्ट-1-ईन-3-ऑल
- (B) साइक्लोपेन्ट-2-ईन-1-ऑल
- (C) साइक्लोपेन्ट-4-ईन-1-ऑल
- (D) साइक्लोपेन्ट-1-ईन-5-ऑल
सही उत्तर: (B) साइक्लोपेन्ट-2-ईन-1-ऑल
विस्तृत हल: IUPAC नामकरण के नियमानुसार, प्रमुख क्रियात्मक समूह (Functional group) -OH को न्यूनतम अंक (1) दिया जाता है। इसके बाद द्विबंध (Double bond) की ओर संख्यांकन किया जाता है ताकि उसे भी न्यूनतम संभव अंक मिले। यदि -OH कार्बन 1 पर है, तो द्विबंध कार्बन 2 से शुरू होगा। अतः नाम 'Cyclopent-2-en-1-ol' होगा।
प्रश्न 86
नीचे पुष्पीय पादपों के संवहन ऊतक तंत्र से संबंधित कुछ कथन दिए गए हैं। केवल सही कथन वाले विकल्पों को चुनिए :
(a) एकबीजपत्री पादपों में संवहन पूल/बंडल संवृत्त (closed) प्रकार के होते हैं。
(b) पत्तियों में संवहन पूलों का अरीय विन्यास होता है。
(c) संयुक्त संवहन पुलों में फ्लोएम (पोषवाह) प्रायः जाइलम (दारू) के बाहरी भाग की ओर स्थित होता है。
(d) संयुक्त प्रकार के संवहन पूल तनों और पत्तियों में सामान्य रूप से पाए जाते हैं。
(e) संयुक्त प्रकार के संवहन पूल अरीय हो सकते हैं लेकिन अरीय पूल संयुक्त नहीं हो सकते हैं।
(a) एकबीजपत्री पादपों में संवहन पूल/बंडल संवृत्त (closed) प्रकार के होते हैं。
(b) पत्तियों में संवहन पूलों का अरीय विन्यास होता है。
(c) संयुक्त संवहन पुलों में फ्लोएम (पोषवाह) प्रायः जाइलम (दारू) के बाहरी भाग की ओर स्थित होता है。
(d) संयुक्त प्रकार के संवहन पूल तनों और पत्तियों में सामान्य रूप से पाए जाते हैं。
(e) संयुक्त प्रकार के संवहन पूल अरीय हो सकते हैं लेकिन अरीय पूल संयुक्त नहीं हो सकते हैं।
- (A) (a), (c) और (d)
- (B) (a), (c) और (e)
- (C) (a), (b), (c) और (e)
- (D) (b), (c) और (d)
सही उत्तर: (A) (a), (c) और (d)
विस्तृत हल: कथन a सत्य है, एकबीजपत्री में कैम्बियम न होने के कारण संवहन बंडल 'बंद' प्रकार के होते हैं। कथन c सत्य है, संयुक्त बंडलों में फ्लोएम हमेशा बाहर की तरफ होता है। कथन d सत्य है, तनों और पत्तियों में 'संयुक्त' (Conjoint) संवहन बंडल होते हैं। कथन b गलत है क्योंकि पत्तियों में 'अरीय' (Radial) नहीं बल्कि संयुक्त बंडल होते हैं (अरीय बंडल जड़ों में होते हैं)। कथन e भी तकनीकी रूप से भ्रामक और असत्य है।
प्रश्न 87
विडाल परीक्षण (Widal test) का उपयोग किस रोग का पता लगाने के लिए किया जाता है ?
- (A) मलेरिया
- (B) सर्दी-जुखाम
- (C) टायफॉइड ज्वर
- (D) निमोनिया
सही उत्तर: (C) टायफॉइड ज्वर
विस्तृत हल: विडाल परीक्षण (Widal Test) एक प्रकार का सीरोलॉजिकल टेस्ट है जिसका उपयोग 'साल्मोनेला टाइफी' जीवाणु के संक्रमण की पुष्टि करने के लिए किया जाता है। इस परीक्षण के द्वारा टाइफाइड (Typhoid Fever) यानी मियादी बुखार का सटीक पता लगाया जाता है।
प्रश्न 88
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (यौगिक का नाम)
(a) प्रोपेन
(b) एथेन
(c) ब्यूटेन
(d) मीथेन
सूची-II (सूत्र)
(i) CH₄
(ii) C₂H₆
(iii) C₃H₈
(iv) C₄H₁₀
सूची-I (यौगिक का नाम)
(a) प्रोपेन
(b) एथेन
(c) ब्यूटेन
(d) मीथेन
सूची-II (सूत्र)
(i) CH₄
(ii) C₂H₆
(iii) C₃H₈
(iv) C₄H₁₀
- (A) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
- (B) (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
- (C) (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
- (D) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)
सही उत्तर: (A) (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)
विस्तृत हल: एल्केन (Alkane) श्रेणी का सामान्य सूत्र C_nH₂n₊₂ होता है। 1 कार्बन (n=1) वाली मीथेन का सूत्र CH₄ (d-i) है। 2 कार्बन वाली एथेन का C₂H₆ (b-ii) है। 3 कार्बन वाली प्रोपेन का C₃H₈ (a-iii) है। 4 कार्बन वाली ब्यूटेन का सूत्र C₄H₁₀ (c-iv) है।
प्रश्न 89
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (प्रक्रिया/आयाम)
(a) टीसीए चक्र (TCA Cycle)
(b) ग्लाइकोलिसिस
(c) इलेक्ट्रोन परिवहन तंत्र (ETS)
(d) गुणसूत्र
सूची-II (स्थान)
(i) माइटोकॉन्ड्रियाई की भीतरी झिल्ली
(ii) केंद्रक
(iii) कोशिकाद्रव्य
(iv) माइटोकॉन्ड्रियाई मैट्रिक्स
सूची-I (प्रक्रिया/आयाम)
(a) टीसीए चक्र (TCA Cycle)
(b) ग्लाइकोलिसिस
(c) इलेक्ट्रोन परिवहन तंत्र (ETS)
(d) गुणसूत्र
सूची-II (स्थान)
(i) माइटोकॉन्ड्रियाई की भीतरी झिल्ली
(ii) केंद्रक
(iii) कोशिकाद्रव्य
(iv) माइटोकॉन्ड्रियाई मैट्रिक्स
- (A) (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
- (B) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)
- (C) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(ii)
- (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
सही उत्तर: (D) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
विस्तृत हल: क्रैब्स चक्र या TCA साइकिल (Tricarboxylic acid cycle) माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स (द्रव) में संपन्न होता है (a-iv)। ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में होता है (b-iii)। इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ETS) माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली (Inner membrane) पर स्थित होता है (c-i)। और गुणसूत्र (Chromosomes) केंद्रक (Nucleus) के अंदर पाए जाते हैं (d-ii)।
प्रश्न 90
तरंगों के संबंध में :
(a) एक अप्रगामी तरंग (Stationary wave) में, दो निस्पंदों (नोड) के बीच के सभी कणों का आयाम समान होता है परन्तु दिए गए समय में फ़ेज़ भिन्न होता है。
(b) एक प्रेक्षक, जो एक माध्यम में स्थिर अवस्था पर है, के संदर्भ में, यांत्रिक तरंग की उस माध्यम में चाल, स्रोत के वेग पर निर्भर करती है。
(c) अनुदैर्ध्य तरंगों का प्रसार ठोस, द्रव तथा गैस, सभी माध्यमों में हो सकता है。
(d) वायु, ध्वनि तरंग का हवा में एक उदाहरण है。
(e) एक तरंग में, ऊर्जा एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक स्थानांतरित होती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
(a) एक अप्रगामी तरंग (Stationary wave) में, दो निस्पंदों (नोड) के बीच के सभी कणों का आयाम समान होता है परन्तु दिए गए समय में फ़ेज़ भिन्न होता है。
(b) एक प्रेक्षक, जो एक माध्यम में स्थिर अवस्था पर है, के संदर्भ में, यांत्रिक तरंग की उस माध्यम में चाल, स्रोत के वेग पर निर्भर करती है。
(c) अनुदैर्ध्य तरंगों का प्रसार ठोस, द्रव तथा गैस, सभी माध्यमों में हो सकता है。
(d) वायु, ध्वनि तरंग का हवा में एक उदाहरण है。
(e) एक तरंग में, ऊर्जा एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक स्थानांतरित होती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
- (A) (a), (b), (c) और (d)
- (B) (c) और (e)
- (C) (a), (c), (d) और (e)
- (D) (b), (d) और (e)
सही उत्तर: (B) (c) और (e)
विस्तृत हल: कथन c सत्य है क्योंकि अनुदैर्ध्य तरंगें (जैसे ध्वनि) ठोस, द्रव और गैस तीनों में गमन कर सकती हैं। कथन e सत्य है क्योंकि तरंग का मूल कार्य ही ऊर्जा का स्थानांतरण है। कथन a गलत है क्योंकि अप्रगामी तरंग में कणों का आयाम नोड से एंटीनोड तक बदलता रहता है। कथन b गलत है क्योंकि तरंग की चाल माध्यम के गुणों पर निर्भर करती है, स्रोत के वेग पर नहीं।
प्रश्न 91
[AlBr(H₂O)₅]²⁺ में Al की ऑक्सीकरण अवस्था और सहसंयोजकता क्या हैं?
- (A) +2 और 6
- (B) +3 और 5
- (C) +2 और 5
- (D) +3 और 6
सही उत्तर: (D) +3 और 6
विस्तृत हल: ऑक्सीकरण अवस्था: माना Al का ऑक्सीकरण अंक x है। Br पर -1 आवेश और H₂O पर 0 आवेश होता है। अतः x + (-1) + 5(0) = +2 ➔ x - 1 = +2 ➔ x = +3।
सहसंयोजकता (Coordination number): यह लिगेंड्स की संख्या पर निर्भर करती है। यहाँ 1 ब्रोमीन और 5 जल के अणु (कुल 6 लिगेंड) Al से जुड़े हैं, अतः इसकी सहसंयोजकता 6 है।
सहसंयोजकता (Coordination number): यह लिगेंड्स की संख्या पर निर्भर करती है। यहाँ 1 ब्रोमीन और 5 जल के अणु (कुल 6 लिगेंड) Al से जुड़े हैं, अतः इसकी सहसंयोजकता 6 है।
प्रश्न 92
असमान अनुप्रस्थ-काट के एक धात्विक चालक में, एक स्थिर विद्युत् धारा प्रवाहित हो रही है। चालक के साथ-साथ कौनसी राशि स्थिर रहती है ?
- (A) विद्युत् क्षेत्र
- (B) अपवाह चाल
- (C) धारा
- (D) धारा घनत्व
सही उत्तर: (C) धारा
विस्तृत हल: जब किसी असमान अनुप्रस्थ-काट (Non-uniform cross section) वाले चालक तार में एक स्थायी (Steady) धारा बहती है, तो आवेश संरक्षण के सिद्धांत के कारण पूरी तार में 'विद्युत धारा' (Current - I) समान रहती है। जबकि अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) बदलने से अपवाह चाल (v_d), धारा घनत्व (J = I/A) और विद्युत क्षेत्र (E = Jρ) का मान बदलता रहता है।
प्रश्न 93
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I
(a) V-n संबन्ध, नियत T और P पर
(b) V-P संबन्ध, नियत T और गैस की निश्चित मात्रा पर
(c) P-T संबन्ध, नियत V और गैस की निश्चित मात्रा पर
(d) V-T संबन्ध, नियत P और गैस की निश्चित मात्रा पर
सूची-II
(i) चार्ल्स का नियम
(ii) आवोगाद्रो का नियम
(iii) बॉयल का नियम
(iv) गै-लुसैक का नियम
सूची-I
(a) V-n संबन्ध, नियत T और P पर
(b) V-P संबन्ध, नियत T और गैस की निश्चित मात्रा पर
(c) P-T संबन्ध, नियत V और गैस की निश्चित मात्रा पर
(d) V-T संबन्ध, नियत P और गैस की निश्चित मात्रा पर
सूची-II
(i) चार्ल्स का नियम
(ii) आवोगाद्रो का नियम
(iii) बॉयल का नियम
(iv) गै-लुसैक का नियम
- (A) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (B) (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
- (C) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)
- (D) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)
सही उत्तर: (C) (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)
विस्तृत हल: समान ताप व दाब पर गैस का आयतन मोलों की संख्या के समानुपाती (V ∝ n) होता है - 'आवोगाद्रो का नियम' (a-ii)। स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती (V ∝ 1/P) होता है - 'बॉयल का नियम' (b-iii)। स्थिर आयतन पर दाब ताप के समानुपाती (P ∝ T) होता है - 'गै-लुसैक का नियम' (c-iv)। स्थिर दाब पर आयतन ताप के समानुपाती (V ∝ T) होता है - 'चार्ल्स का नियम' (d-i)।
प्रश्न 94
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (विशेषताएँ)
(a) कीप कोशिकाएँ (कोएनोसाइट)
(b) रेड्डुला (रेतीजिह्वा)
(c) शल्क (Scales)
(d) रोम (Hairs)
सूची-II (संघ/वर्ग)
(i) मोलस्का (मृदुकवची जीव)
(ii) पोरीफेरा
(iii) मैमेलिया (स्तनधारी जीव)
(iv) रेप्टीलिया (सरीसृप)
सूची-I (विशेषताएँ)
(a) कीप कोशिकाएँ (कोएनोसाइट)
(b) रेड्डुला (रेतीजिह्वा)
(c) शल्क (Scales)
(d) रोम (Hairs)
सूची-II (संघ/वर्ग)
(i) मोलस्का (मृदुकवची जीव)
(ii) पोरीफेरा
(iii) मैमेलिया (स्तनधारी जीव)
(iv) रेप्टीलिया (सरीसृप)
- (A) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
- (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(iv)
सही उत्तर: (A) (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
विस्तृत हल: कोएनोसाइट (Choanocytes) या कॉलर कोशिकाएँ स्पंजों (पोरीफेरा) का विशेष लक्षण हैं (a-ii)। रेड्डुला या रेतीजिह्वा भोजन चबाने वाला अंग है जो मोलस्का (घोंघा आदि) में पाया जाता है (b-i)। शल्क (Scales) मुख्य रूप से सरीसृप (रेप्टाइल्स) और मछलियों में पाए जाते हैं (c-iv)। त्वचा पर रोम (Hairs) और स्तन ग्रंथियां केवल स्तनधारी (मैमेलिया) जीवों की विशेषता हैं (d-iii)।
प्रश्न 95
आदर्श विलयनों के लिए इनमें से कौन सा सही है ?
- (A) Δ_mix H ≠ 0, Δ_mix V = 0
- (B) Δ_mix H = 0, Δ_mix V ≠ 0
- (C) Δ_mix H ≠ 0, Δ_mix V ≠ 0
- (D) Δ_mix H = 0, Δ_mix V = 0
सही उत्तर: (D) Δ_mix H = 0, Δ_mix V = 0
विस्तृत हल: राऊल्ट के नियम का पालन करने वाले आदर्श विलयनों (Ideal Solutions) के लिए मिश्रण बनाने पर ना तो ऊष्मा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है, और ना ही कुल आयतन में कोई कमी या वृद्धि होती है। अतः एंथैल्पी परिवर्तन (Δ_mix H) और आयतन परिवर्तन (Δ_mix V) दोनों का मान शून्य (0) होता है।
प्रश्न 96
निम्नलिखित में से कौन सा आयन एक्टिन तंतु पर ट्रोपोनिन उपइकाई से बद्ध होकर सक्रिय स्थल के आवरण को हटा देता है ?
- (A) Ca⁺⁺
- (B) Cl⁻
- (C) Mg⁺⁺
- (D) Na⁺
सही उत्तर: (A) Ca⁺⁺
विस्तृत हल: पेशी संकुचन (Muscle Contraction) के दौरान सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम से कैल्शियम आयन (Ca⁺⁺) मुक्त होते हैं। ये कैल्शियम आयन एक्टिन तंतु पर मौजूद ट्रोपोनिन (Troponin-C) प्रोटीन से जुड़ जाते हैं, जिससे ट्रोपोमायोसिन की संरचना बदल जाती है और मायोसिन के जुड़ने के लिए एक्टिन के सक्रिय स्थल खुल (Unmask) जाते हैं।
प्रश्न 97
आनुवंशिकता के विषय में निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं ?
(a) वे जीव जो लैंगिक जनन के द्वारा जनन करते हैं उनमें अधिक विविधता पाई जाती है。
(b) बच्चे में माता और पिता दोनों लगभग बराबर मात्रा में आनुवंशिक पदार्थ का योगदान करते हैं。
(c) कोशिकीय डीएनए कोशिकाओं में प्रोटीन बनाने के लिए सूचना का स्रोत है。
(d) लैंगिक जनन करने वाले जीवों में समान गुण/विशेषक के लिए जीन की केवल एक प्रति (कॉपी) होती है।
(a) वे जीव जो लैंगिक जनन के द्वारा जनन करते हैं उनमें अधिक विविधता पाई जाती है。
(b) बच्चे में माता और पिता दोनों लगभग बराबर मात्रा में आनुवंशिक पदार्थ का योगदान करते हैं。
(c) कोशिकीय डीएनए कोशिकाओं में प्रोटीन बनाने के लिए सूचना का स्रोत है。
(d) लैंगिक जनन करने वाले जीवों में समान गुण/विशेषक के लिए जीन की केवल एक प्रति (कॉपी) होती है।
- (A) (a), (c) और (d)
- (B) (a), (b) और (d)
- (C) (a), (b) और (c)
- (D) (b), (c) और (d)
सही उत्तर: (C) (a), (b) और (c)
विस्तृत हल: कथन a सत्य है (लैंगिक जनन में जीन विनिमय के कारण भारी विविधता उत्पन्न होती है)। कथन b सत्य है (संतान को आधे गुणसूत्र माता से और आधे पिता से मिलते हैं)। कथन c भी सत्य है (DNA अनुलेखन और अनुवाद के जरिए प्रोटीन बनाता है)। कथन d गलत है क्योंकि लैंगिक जनन करने वाले द्विगुणित जीवों में हर गुण (Trait) के लिए हमेशा जीन की दो (2) प्रतियाँ (एलील्स) पाई जाती हैं।
प्रश्न 98
4p_x कक्षक (ऑर्बिटल) का आकार होता है :
- (A) डम्बलीय
- (B) दीर्घवृत्तजीय
- (C) गोलीय
- (D) पिरेमिडीय
सही उत्तर: (A) डम्बलीय
विस्तृत हल: क्वांटम यांत्रिकी के अनुसार कक्षकों के निश्चित आकार होते हैं: s-कक्षक हमेशा गोलाकार (Spherical) होता है। p-कक्षक (px, py, pz कोई भी हो) हमेशा डम्बलाकार (Dumb-bell) होता है। और d-कक्षक मुख्य रूप से डबल-डम्बलाकार होते हैं। अतः 4px कक्षक का आकार डम्बलीय होगा।
प्रश्न 99
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (यौगिक)
(a) एसीटिक अम्ल
(b) क्लोरोफॉर्म
(c) एथेनॉल
(d) मीथेन
सूची-II (K में गलनांक)
(i) 90
(ii) 156
(iii) 209
(iv) 290
सूची-I (यौगिक)
(a) एसीटिक अम्ल
(b) क्लोरोफॉर्म
(c) एथेनॉल
(d) मीथेन
सूची-II (K में गलनांक)
(i) 90
(ii) 156
(iii) 209
(iv) 290
- (A) (a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)
- (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
- (C) (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
- (D) (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(ii)
सही उत्तर: (B) (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
विस्तृत हल: यौगिकों के गलनांक (Melting Point) का सही मिलान: ग्लेशियल एसीटिक अम्ल का गलनांक 290 K या 17°C होता है (a-iv)। क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) का गलनांक 209 K होता है (b-iii)। एथेनॉल (शराब) का गलनांक 156 K या -114°C होता है (c-ii)। मीथेन का गलनांक अत्यंत कम यानी 90 K होता है (d-i)।
प्रश्न 100
मासिक आर्तव चक्र की निम्नलिखित घटनाओं को उनके आरंभ के अनुसार दिन-1 से दिन 28/29 तक चक्र के पूर्ण होने तक के सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) अंडोत्सर्ग
(b) पीतपिंड प्रावस्था
(c) पुटकीय प्रावस्था
(d) आर्तव प्रावस्था
(e) प्रतिगमनी पीतपिंड (कॉर्पस ल्युटियम)
(a) अंडोत्सर्ग
(b) पीतपिंड प्रावस्था
(c) पुटकीय प्रावस्था
(d) आर्तव प्रावस्था
(e) प्रतिगमनी पीतपिंड (कॉर्पस ल्युटियम)
- (A) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
- (B) (e) → (a) → (c) → (b) → (d)
- (C) (a) → (b) → (c) → (d) → (e)
- (D) (c) → (d) → (a) → (b) → (e)
सही उत्तर: (A) (d) → (c) → (a) → (b) → (e)
विस्तृत हल: 28-29 दिनों के मासिक चक्र (Menstrual Cycle) का सही क्रम: सबसे पहले दिन-1 से आर्तव या रक्तस्राव प्रावस्था (Menstrual phase - d) शुरू होती है। इसके बाद पुटक का विकास (Follicular phase - c) होता है। 14वें दिन के आसपास अंडोत्सर्ग (Ovulation - a) होता है। इसके बाद पीतपिंड या स्रावी प्रावस्था (Luteal phase - b) आती है और यदि निषेचन नहीं होता तो अंत में पीतपिंड का प्रतिगमन (Regression of corpus luteum - e) होता है जिससे अगला चक्र शुरू हो सके।
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